Potato; आलू किसानों को बड़ी राहत: मंडी शुल्क हटाने की तैयारी, रूस-मलेशिया तक पहुंचेगा आलू

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Potato आगरा में आयोजित दो दिवसीय क्रेता-विक्रेता मीट में प्रदेश के उद्यान मंत्री, दिनेश प्रताप सिंह आए. उन्होंने आलू किसानों के लिए कई राहत की घोषणा कीं. कहा कि अनुदान योजना के साथ ही अब सरकार जल्द ही मंडी शुल्क में छूट देने जा रही है. आलू किसानों के लिए बड़ी खबर है। यूपी सरकार मंडी शुल्क हटाने की तैयारी कर रही है। ₹1000 करोड़ के भाव स्थिरता कोष, ₹100 प्रति कुंतल भंडारण अनुदान और रूस-मलेशिया में आलू निर्यात की तैयारी जानिए।
आगरा, उत्तर प्रदेश।
Potato योगी सरकार ने आलू गिरते भाव और किसानों की पीड़ा पर तीन अनुदान योजनाएं शुरू की हैं. जिससे प्रदेश में आलू (Potato) किसानों को बढ़ावा देने के साथ उनके जख्मों पर मरहम लगाने का काम है. सरकार अब मंडी शुल्क माफ करने की तैयारी भी हो रही है. यह जानकारी उद्यान, कृषि विपणन, निवेश और निर्यात राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने आगरा में आयोजित दो दिवसीय क्रेता-विक्रेता मीट में दी. कहा कि आर्गेनिक खेती करें. जिससे फसल की गुणवक्ता अच्छी रहेगी. इसके साथ ही हमें रूफ टॉफ फॉर्मिंग की ओर भी कदम उठना चाहिए.

बता दें कि आगरा में दो दिवसीय क्रेता-विक्रेता मीट का आयोजन किया गया. जिसमें देशभर के व्यापारी और 31 जिलों के किसानों ने प्रतिभाग किया. ये वो किसान थे, जो आलू का उत्पादन करते हैं. दो दिवसीय क्रेता और विक्रेता मीट का शुभारंभ राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आगरा में अंतर्राष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र पेरू-लीमा (सीआईपी) बन रहा है. जल्द ही इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. सीआईपी पर उच्च गुणवत्ता के आलू बीज उपलब्ध होंगे. जिससे किसानों की आलू की उपज गुणवत्तापूर्ण होगी. जिसका घरेलू के साथ ही विश्व बाजार में अच्छा भाव मिलेगा.
‘भामाशाह भाव स्थिरता कोष’ योजना अनुदान
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में कई प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना होगी, जिससे किसानों को बड़ा फायदा होगा. सरकार ने किसानों को बाजार भाव के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए को लेकर ‘भामाशाह भाव स्थिरता कोष’ योजना लागू की है. जिसमें 1000 करोड़ रुपये का कोष है. जिसमें आलू की गिरती कीमतों पर किसान को नुकसान से बचाया जाएगा. अगर बाजार भाव उत्पादन लागत से कम होता है तो किसानों को लागत और बिक्री के अंतर के आधार पर अनुदान मिलेगा.

Potato: कोल्ड स्टोरेज भंडारण शुल्क अनुदान
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि यूपी के आगरा में सबसे अधिक कोल्ड स्टोरेज हैं. आगरा और आसपास के जिलों में आलू की बडे स्तर पर खेती की जाती है. आलू का प्रदेश में भाव कम है. जिससे किसान परेशान हैं. ऐसे में योगी सरकार ने किसानों की कोल्ड स्टोरेज के किराए में राहत के लिए अलग से अनुदान योजना शुरू की है. इस अनुदान योजना के तहत 100 रुपये कुंतल की दर से किराए में सब्सिडी (छूट) दी जा रही है.

आगरा में आयोजित दो दिवसीय आलू क्रेता-विक्रेता (B2B मीट) सम्मेलन में यूपी सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान दिनेश प्रताप सिंह का स्वागत करते अधिकारी.
रूस, मलेशिया में Potato निर्यात की तैयारी
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि खराब राजनीति के कारण आगरा का आलू उड़ीसा नहीं जा पाया है. सरकार ने उड़ीसा राज्य के साथ बातचीत की. दूसरे राज्यों में भी बिक्री की संभावनाएं तलाशने के लिए उद्यान विभाग के अधिकारियों को भेजा जा रहा है. हाल में भी कई प्रदेश में विभाग के अधिकारी गए. जिससे ही इस कार्यक्रम में दूसरे राज्यों से आलू के व्यापारी आए हैं. जिनका सीधा संवाद आलू के किसानों से कराया जा रहा है. इसके साथ मलेशिया और रूस में निर्यात के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं. इसमें एक्सपोर्ट्स की मदद ले रहे हैं. इस साल के अंत तक निर्यात की शुरुआत हो जाएगी.
यह रहे मौजूद
निदेशक भानु प्रकाश राम, संयुक्त निदेशक राजीव वर्मा, यूपी कोल्ड स्टोरेज की अध्यक्ष तृप्ति सिंह, उप निदेशक नीरज कौशल, जिला उद्यान अधिकारी मनोज चतुर्वेदी, अधीक्षक रजनीश पांडे, निर्यातक, आलू उत्पादक शैलेंद्र पाठक मौजूद रहे.

जेवर में मिलेगा आलू सर्टिफिकेट
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि यूपी सरकार की ओर से जेवर एयरपोर्ट के पास आलू के निर्यात और प्रमाणन की प्रक्रिया के लिए भवन निर्माण कराया जा रहा है. यहीं से आलू को निर्यात के लिए भेजा जाएगा. इससे आलू की बेल्ट वाले किसानों को दूर जाने की जरूरत नहीं रह जाएगी. किसानों को अपनी उपज का आसानी से प्रमाण पत्र मिल जाएंगे. जिससे आसानी से आलू की उपज को एक्सपोर्ट कर सकेंगे.
किसानों-कंपनियों में के बीच समझौते
आगरा में दो दिवसीय क्रेता-विक्रेता मीट में प्रदेश के 35 जिलों के किसान आए. जो आलू की खेती करती हैं. हर जिले के किसानों को उनकी आलू की उपज का अच्छा मूल्य मिले. उन्हें घाटा नहीं हो. इसके लिए कई देश से आलू के व्यापारी आए हैं. देश भर से आए कई निर्यातक कंपनियों और किसानों के बीच एमओयू पर दस्तखत किए गए हैं. इनमें तिरुपति संस के विवेक गुप्ता के साथ आगरा के किसान सुरेश चंद, जगदीश प्रसाद का समझौता किया है. महालक्ष्मी एक्सपोर्ट के जितेंद्र गुप्ता और किसान धर्मेंद्र कुमार, बादाम सिंह के बीच एमओयू हुआ है. थान सिंह एक्सपोर्ट कंपनी के साथ किसान रमेश चंद, थान सिंह वर्मा के समझौते पर दस्तखत किए गए.

भंडारण में सब्सिडी के बांटे चेक
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कार्यक्रम में आलू भंडार करने वाले किसानों को सब्सिडी के चेक बांटे. भामाशाह योजना के तहत आगरा के मनोज सिंह, अशर्फी देवी, माधव गोयल, मनोहर सिंह, फिरोजाबाद के सहदेव और विनय कुमार, आगरा के निर्मल, ब्रजेश और रामसेवक समेत कई जिलों के किसानों को 20 हजार रुपये तक के चेक प्रदान किए गए. इस योजना में अधिकतम 200 कुंतल भंडारण पर अधिकतम 20 हजार रुपये का अनुदान मिलता है. 50 रुपये कुंतल का भाड़ा कम हुआ।
छतों पर उगाएं सब्जियां
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि लोग छतों पर सब्जियां उगाकर सेहत को बेहतर बना सकते हैं। इससे उन्हें आर्गेनिक सब्जियां मिलेंगी। अभी प्रदेश में सिर्फ 9-10 फीसदी आर्गेनिक खेती ही की जा रही है। जबकि सब्जियों की हिस्सेदारी करीब 42 फीसदी है। सरकार इस तरह की रूफटाप खेती के लिए भी मदद कर रही है.
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किसान नेता ने दिया ज्ञापन
किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने मंत्री को ज्ञापन दिया. जिसमें लिखा कि कोल्ड स्टोरेज अनुदान, भामाशाह योजना में संशोधन किया जाए. कोल्ड स्टोर में 85 फीसदी आलू भंडारण खतौनी धारक किसानों के परिवारिक सदस्यों या पट्टे पर खेती करने वालों के नाम हैं। सत्यापन में ऐसे सभी किसान अनुदान योजना से वंचित रह जाएंगे.
कार्यक्रम में इन बिंदुओं पर रहा जोर
1. चढ़े-उतरे भावों के लिए 1000 करोड़ का भामाशाह भाव स्थिरता कोष बना
2. भंडारण पर 100 रुपये प्रति कुंतल की रेट से किसानों को मिल रहा अनुदान
3. विभागीय, प्रमाणित आधारीय आलू बीज खरीदने पर किसानों को मिलेगी मदद
4. छतों पर (रूफटाप खेती) को बढ़ावा देने के लिए भी चलाई गई हैं योजनाएं
5. प्रदेश सरकार कर रही है आलू किसानों का मंडी शुल्क माफ करने की तैयारी
6. आगरा में अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र पेरू-लीमा का शुभारंभकरेंगे पीएम मोदी
7. उड़ीसा के साथ कई प्रदेशों और रूस, मलेशिया जैसे देशों में निर्यात के प्रयास
8. औद्यानिक फसलों जैसे फूल, फल, सब्जी, मसालों से कम खेती में ज्यादा लाभ

