Maize Production: योगी सरकार दे रही किसानों को मक्के के बीज पर 15000 रुपये की सब्सिडी, ये रखा लक्ष्य
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Maize Production: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार हर तरह की मक्का बीज पर किसानों को प्रति क्विंटल बीज पर 15000 रुपए का अनुदान दे रही है।
जिसमें संकर, देशी पॉप कॉर्न, बेबी कॉर्न तथा स्वीट कॉर्न के बीज भी शामिल किए हैं।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
Maize Production: आप और हम सबने बचपन में एक खूब सुनी है। जो “हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी, राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।” जिसमें मक्का को रानी और किसान को राजा कहा गया है। योगी सरकार में यह पहेली सच होती दिख रही है। सरकार की मंशा है कि वैज्ञानिक तरीके से मक्का फसलों की खेती करके हर किसान राजा बन सकता है। योगी सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और किसानों को खुशहाल करने के लिए अनुदान योजना शुरू की है। सरकार ने मक्का के उत्पादन का भी लक्ष्य तय कर दिया है। सरकार की इस योजना का उद्देश्य न केवल उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि यूपी को मक्का बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है। इससे किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना भी है।
🔍 जानें ‘त्वरित मक्का विकास योजना’ क्या है ?
त्वरित मक्का विकास योजना (Rapid Maize Development Scheme) उत्तर प्रदेश सरकार की एक प्रमुख पहल है। जिसके अंतर्गत राज्य का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक मक्का उत्पादन को वर्तमान 21.16 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 27.30 लाख मीट्रिक टन तक पहुँचा दिया जाए। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए सरकार ने 2023-24 में ₹27.68 करोड़ की राशि आवंटित की है।
बता दें कि योगी सरकार ने मक्का विकास कार्यक्रम के तहत अनुदान की योजना बनाई है। योगी सरकार अब मक्का के हर तरह के बीजों पर किसानों को प्रति क्विंटल बीज पर 15000 रुपए की दर से अनुदान दे रही है। जिसमें संकर, देशी पॉप कॉर्न, बेबी कॉर्न तथा स्वीट कॉर्न के मक्का बीज भी शामिल है। यूपी में पर्यटक पर्यटकों की संख्या अधिक होने से देशी पॉप कॉर्न (Pop Corn), बेबी कॉर्न (Baby Corn) और स्वीट कॉर्न (Sweet Corn) की अधिक मांग भी खूब रहती है।
🧬 वैज्ञानिक खेती और मक्का के फायदे
📈 उच्च उत्पादन क्षमता
मक्का एक ऐसी फसल है जो कम सिंचाई और कम उर्वरक में भी अच्छा उत्पादन देती है। नई हाइब्रिड किस्मों की उपज क्षमता 60–80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक है।
🧪 बहुउपयोगी फसल
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भोजन: मक्का आटा, दलिया, स्वीट कॉर्न, पॉपकॉर्न
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एथेनॉल: इथेनॉल मिश्रण के लिए इस्तेमाल
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चारा: डेयरी और पोल्ट्री उद्योग के लिए उपयोगी
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औद्योगिक उपयोग: फर्मेंटेशन, स्टार्च, कपड़ा, दवा, बायोप्लास्टिक
💰 मक्का बीज पर ₹15000 तक का किसानों को अनुदान
योजना के तहत किसानों को प्रति क्विंटल मक्का बीज पर ₹15,000 तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। यह सब्सिडी निम्नलिखित मक्का किस्मों पर लागू है।
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हाइब्रिड मक्का
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देशी मक्का
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बेबी कॉर्न
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स्वीट कॉर्न
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पॉपकॉर्न
(Note: यह कदम विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को मक्का उत्पादन की ओर प्रोत्साहित करेगा।)
यूपी में 27.30 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य (Target to increase to 27.30 lakh metric tonnes in UP)
योगी सरकार ने एक्सटेंशन प्रोग्राम के तहत वैज्ञानिकों को जगह-जगह किसान गोष्ठियों में जाकर किसानों को मक्का के उत्पादन और पैदावार बढ़ाने को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीते माह में भी राज्य स्तरीय कार्यशाला हुई थी। जिसमें तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई थी। जिसमें सरकार ने ये चर्चा थी कि किसानों के लिए ये योजनाएं कैसे अधिकतम लाभदायक बनाई जाएं। सीएम योगी ने अपने दूसरे कार्यकाल में मक्का उत्पादन (Maize Production) का लक्ष्य सन 2027 तक दोगुना तय यानी 27.30 लाख मीट्रिक टन तय किया है। योगी सरकार ने “त्वरित मक्का विकास योजना” शुरू करके इस वित्तीय वर्ष 2023/2024 में 27.68 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
🌾 मक्का की कृषि और औद्योगिक उपयोगिता
मक्का केवल खाद्य फसल नहीं है, बल्कि यह बहुउपयोगी कृषि उत्पाद है। इसके मुख्य उपयोग इस प्रकार हैं।
| उपयोग का क्षेत्र | विवरण |
|---|---|
| भोजन | रोटी, पॉपकॉर्न, बेबी कॉर्न, स्वीट कॉर्न |
| एथेनॉल उत्पादन | जैविक ईंधन के रूप में उपयोग |
| पशु चारा | मुर्गी, गाय-भैंस, सुअर आदि के लिए आदर्श चारा |
| उद्योग | दवा, पेपर, कपड़ा, बायोप्लास्टिक आदि में उपयोग |
(Note: इस बहुउद्देशीय फसल में निवेश किसानों की आमदनी को विविध स्रोतों से बढ़ाने में सहायक है।)
UP में बीज उत्पादन के लिए क्षेत्रीय बीज पार्क
राज्य सरकार ने मक्का बीज की स्थानीय उपलब्धता सुनिश्चित करने और बीज की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए 5 बीज पार्क स्थापित करने की घोषणा की है।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश
- तराई क्षेत्र
- मध्य उत्तर प्रदेश
- बुंदेलखंड
- पूर्वी उत्तर प्रदेश
(Note: ये बीज पार्क Public-Private Partnership (PPP) मॉडल पर विकसित किए जाएंगे, जिससे बीजों की निर्बाध आपूर्ति और रोजगार सृजन दोनों संभव होंगे।)
प्रदेश में अभी 8.30 लाख हेक्टेयर में मक्का की खेती (Maize is cultivated in 8.30 lakh hectares in the state)
उत्तर प्रदेश में करीब 8.30 लाख हेक्टेयर में मक्का की खेती होती है। जिससे मक्का का कुल उत्पादन करीब 21.16 लाख मीट्रिक टन है। यूपी सरकार के उत्पादन अधिक करने के लक्ष्य में मदद भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान से सम्बद्ध भारतीय मक्का संस्थान कर रहा है।
उत्तर प्रदेश के किसानों को अधिकतम लाभ होगा (Uttar Pradesh farmers will get maximum benefit)
मक्का की खेती में अब एथेनॉल (Ethanol) के रूप में अपार संभावनाएं बढ़ी हैं। मक्का के पोषक तत्वों से भरपूर होती है। जिसकी सहफसली खेती या औद्योगिक खेती की जा रही है। अब हर मौसम (रबी, खरीफ एवं जायद) और जल निकासी के प्रबंधन वाली हर तरह की भूमि में मक्का की खेती की जा सकती है। मक्का का प्रयोग ग्रेन बेस्ड एथेनॉल उत्पादन (Ethanol Production) करने वाली औद्योगिक इकाइयों, कुक्कुट एवं पशुओं के पोषाहार, दवा, कॉस्मेटिक, गोद, वस्त्र, पेपर और अल्कोहल इंडस्ट्री में भी खूब प्रयोग होता है। मक्का के आटा, ढोकला, बेबी कॉर्न और पॉप कॉर्न भी लोगों को खूब पसंद है। किसी न किसी रूप में हर सूप का हिस्सा भी मक्का रहती है। ऐसे में ही मक्का की खेती से हर क्षेत्र में संभावनाएं अधिक हैं। यह बहुउपयोगी खेती है। मक्के की मांग बढ़ने से मक्का की खेती अधिक होगी। जिसका फायदा यूपी के किसानों को अधिकतम होगा। सरकार पहले ही मक्का की खेती को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के दायरे में ला चुकी है।
🧑🌾 किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण और जागरूकता
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा राज्य भर में कार्यशालाएं और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें किसानों को सिखाया जा रहा है।
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मक्का की वैज्ञानिक खेती कैसे करें?
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किस प्रकार की किस्में स्थानीय जलवायु के अनुसार उपयुक्त हैं?
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फसल चक्र में मक्का की भूमिका
(Note: यह प्रशिक्षण किसानों को उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ लागत घटाने में भी मदद करेगा।)
अनाजों की रानी है मक्का क्यों ? (Therefore, maize is the queen of grains)
मक्का पोषण से भरपूर है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, शुगर, वसा, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल होते हैं। हर प्रदेश में मक्का की खेती से कुपोषण के खिलाफ जंग भी सही तरीके से लडी जा रही है। मक्का की खूबियों की वजह से इसे अनाजों की रानी कहते हैं। कृषि विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान बताते हैं कि उन्नत खेती के जरिए मक्का की प्रति हेक्टेयर उपज 100 क्विंटल तक ली जा सकती है। यदि हम मक्का की प्रति हेक्टेयर सर्वाधिक उत्पादन लेने वाले तमिलनाडु की बात करें तो वहां पर मक्का की औसत उपज 59.39 कुंतल है। जबकि, भारत में मक्का की औसत उपज 26 कुंतल है। यदि हम उत्तर प्रदेश की बात करें तो मक्का की खेती में औसत उपज 2021-22 में 21.63 कुंतल प्रति हेक्टेयर रही थी।
मक्का कटाई के बाद की समस्या और उसका समाधान
कटाई के समय मक्का में नमी की मात्रा अधिक होती है (लगभग 30%), जिससे भंडारण में फफूंद लगने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए:
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ड्रायर मशीन पर ₹12 लाख तक की सब्सिडी दी जा रही है।
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पॉपकॉर्न प्रोसेसिंग मशीन पर भी ₹10,000 तक की सहायता राशि उपलब्ध है।
(Note: इससे किसान अपने उत्पाद को सुरक्षित भंडारण और प्रोसेसिंग के लिए तैयार कर पाएंगे।)
ये हैं मक्का की उन्नत किस्में (These are the improved varieties of maize)
कृषि वैज्ञानिकों की ओर से देश में मक्का की अच्छी पैदावार की कई प्रजातियां तैयार की हैं। जो कृषि जलवायु क्षेत्र के अनुसार उन्नत प्रजातियां हैं। जिनका उसी क्षेत्र के हिसाब से बुवाई और समय तय है। यदि हम मक्का की उन्नत किस्मों की बात करें तो इसमें डंकल डबल, कंचन 25, डीकेएस 9108, डीएचएम 117, एचआरएम-1, एनके 6240, पिनैवला, 900 एम और गोल्ड समेत अन्य प्रजातिया हैं। जिनकी उत्पादकता अच्छी है। वैसे तो मक्का 80-120 दिन में तैयार हो जाती है। मगर, पॉपकॉर्न के लिए यह सिर्फ 60 दिन में ही तैयार हो जाता है।
📊 मक्का उत्पादन का संभावित आर्थिक प्रभाव
| मापदंड | वर्तमान स्थिति | लक्ष्य (2027) |
|---|---|---|
| क्षेत्रफल (हेक्टेयर) | 8.30 लाख | 10.50 लाख |
| उत्पादन (लाख मीट्रिक टन) | 21.16 | 27.30 |
| औसत उत्पादकता (क्विं/है.) | 25.5 | 30.0 |
| किसानों की औसत आय | ₹45,000/वर्ष | ₹80,000+/वर्ष |
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q: उत्तर प्रदेश सरकार की ‘त्वरित मक्का विकास योजना’ क्या है?
A: योगी सरकार की यह योजना एक प्रमुख पहल है, जिसका लक्ष्य 2027 तक मक्का उत्पादन को 21.16 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 27.30 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाना है। इस योजना के तहत किसानों को हर तरह के मक्का बीज पर प्रति क्विंटल ₹15,000 तक का अनुदान दिया जाता है।
Q: मक्का के कौन-कौन से प्रकारों पर अनुदान मिलता है?
A: इस योजना में हर तरह के मक्का प्रकार के लिए अनुदान दिया जाएगा। जिसमें संकर (Hybrid), देशी मक्का, पॉपकॉर्न, बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न के बीजों पर अनुदान शामिल है।
Q: मक्का की खेती के क्या-क्या फायदे हैं?
A: मक्का कम सिंचाई में भी अच्छी पैदावार देता है। इसके कई औद्योगिक और पोषण संबंधी उपयोग हैं। जैसे भोजन, पशु चारा, एथेनॉल उत्पादन, दवा और बायोप्लास्टिक उद्योग समेत अन्य शामिल हैं। कहें तो मक्का की खेती बहुउपयोगी और आर्थिक दृष्टि से लाभकारी फसल है।
Q: मक्का उत्पादन बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश में क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं?
A: उत्तर प्रदेश में 5 क्षेत्रीय बीज पार्क स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले बीज किसानों तक पहुंचें। इसके अलावा, मक्का के कटाई के बाद ड्रायर मशीन और पॉपकॉर्न प्रोसेसिंग मशीन पर सब्सिडी भी दी जा रही है।
Q: उत्तर प्रदेश में मक्का की खेती का वर्तमान और भविष्य का उत्पादन लक्ष्य क्या है?
A: वर्तमान में यूपी की बात करें तो लगभग 8.30 लाख हेक्टेयर में मक्का की खेती होती है। जिससे 21.16 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता है। सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक क्षेत्रफल 10.50 लाख हेक्टेयर और उत्पादन 27.30 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जाए।

