Zaid Season में सब्जियों की बुवाई फरवरी-मार्च में होती है। यदि जायद के सीजन में किसान उन्नत तकनीकी और अच्छी प्रजाति का बीज उपयोग करेंगे तो ज्यादा पैदावार मिलेगी। जिससे ज्यादा कमाई होगी। इस सीजन में सब्जियों की खेती करने में कई बातें याद रखनी होगीं। क्योंकि, अधिक तापमान व गर्म हवाओं की वजह से प्रभाव व कीट व्याधियों का प्रकोप है। बेहतर प्रबंधन व पौध संरक्षण अपनाकर इन फसलों से अधिक लाभ लिया जा सकता है।
आगरा, उत्तर प्रदेश.
Zaid Season: मौसम ने एकदम करवट ली है। फरवरी माह के पहले सप्ताह में ही ऐसा लग रहा है। जैसे सर्दी की विदाई लगभग शुरू हो चुकी है। दिन में खूब तेज धूप निकल रही है। जिससे गर्मी का अहसास होने लगा है। कहें तो फरवरी माह के बाद से ही जायद सीजन (Zaid Season) की शुरू हो जाती है। ऐसे में जायद के सीजन (Zaid Season) को लेकर किसान अभी से फसलों की तैयारी शुरू कर दें। गर्मी के सीजन में सब्जियों की ज्यादा डिमांड रहती है। ऐसे में यदि जल्द तैयारी करके सब्जियों की बुवाई कर देंगे तो पैदावार भी सही मिलेगी। जायद सीजन (Zaid Season) में सब्जियों की खेती की तैयारी और बुवाई को लेकर Kisanvoice Team ने आगरा के कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान विशेषज्ञ (Horticulture Expert Anupam Dubey) अनुपम दुबे से खास बात की। आइए, जायद सीजन में सब्जियों की खेती को लेकर डॉ. अनुपम चतुर्वेदी के टिप्स जानते हैं।
बता दें कि जायद का सीजन फरवरी के बाद देश में शुरू होता है। जायद सीजन (Zaid Season) में ज्यादातर बागवानी फसलें उगाई जाती हैं। यदि जायद सीजन की बात करें तो इस सीजन की फसलों को नकदी फसलें कहते हैं। जो फरवरी से अप्रैल माह तक उगाई जाती हैं। यदि आप किसान है। जायद सीजन में फसल करना चाह रहे हैं तो ये खबर आपके काम की है। इस सीजन की खास फसलों के बारे में हम बताने जा रहे हैं। जो महज 60-90 दिनों में तैयार होकर बंपर पैदावार और कमाई कराएंगी। क्योंकि, इनकी बाजार मांग खूब होती है। जायद सीजन में उगाई जाने वाली खास सब्जियों के बारे में जानते हैं।
Zaid Season: जायद सीजन में इनकी खेती करें (Cultivate them in Zaid season)
कृषि वैज्ञानिक केंद्र के (Horticulture Expert of Krishi Vighayn Kendra) उद्यान विशेषज्ञ अनुपम दुबे (Anupam Dubey) बताते हैं कि बरसात और ठंड के बाद फरवरी माह से जायद सीजन (Zaid Season) की शुरुआत होती है। इस सीजन में सब्जियों की खेती करके अच्छी आमदनी होती है। जायद सीजन में मूंग, उड़द, लौकी, गिलकी, भिंडी, खीरा, कद्दू, तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, बैगन और टमाटर की खेती कर सकते हैं। ये सब्जियां आसानी से जायद सीजन में उगाई जा सकती हैं। इस मौसम में थोड़ा ध्यान रखकर सब्जियों की खेती की जा सकती है।

Zaid Season में बेहतर प्रबंधन के लिए ये अपनाएं (Adopt these for better management in Zaid Season)
जायद के सीजन में सब्जियों की खेती के लिए सबसे पहले खेत की अच्छी तरह से तैयारी करें। इसके लिए बैड तैयार करके बुवाई कर सकते हैं। यदि बैड पर बुवाई नहीं कर रहे हैं तो क्यारियों में बुवाई करें। जिससे सिंचाई की अच्छी व्यवस्था रहेगी। सामान्य तौर पर मई-जून में अधिक गर्मी और तापमान होने से 7 दिन के अंतराल पर सिंचाई करनी होगी। मगर, ये ध्यान रखें कि सब्जियां की सिंचाई सुबह या शाम को करें। इसके साथ ही सिंचाई अधिक करने से खरपतवारों की इस दौरान खेत में खूब उग आते हैं। अत अच्छी पैदावार के लिए समय-समय पर खेत की निराई-गुड़ाई करते रहें। ऐसा करने से खेत की पपड़ी टूट जाती है तथा पौधों का विकास भी तेजी से होता है। गुड़ाई के बाद मिट्टी को भुरभुरा बनाकर पौधों की जड़ों पर चढ़ाएं। इसके साथ ही सब्जियों की बुवाई के समय देसी खाद या वर्मी कंपोस्ट का इस्तेमाल करें।

Zaid Season : यूं करें कद्दूवर्गीय सब्जियों का गर्मी से बचाव (Protect pumpkin vegetables from heat in this way)
उद्यान विशेषज्ञ अनुपम दुबे बताते हैं कि जायद सीजन में यदि आपने सब्जियों की खेती कर रहे हैं तो समझ लें कि फल दक्षिण दिशा की ओर होते हैं। जिससे विशेष रूप से सूर्य की गर्मी से झुलसती है। ऐसे में सूर्य की रोशनी से बचाव बेहद जरूरी है। इसमें किसान भाई फलों को घास-फूस से ढक दें। इसके साथ ही नियमित अंतराल से सिंचाई करें। इन सब्जियों के फलों को नियमित रूप से तोड़कर बाजार बचने के लिए भेजें।
Zaid Season : सब्जियों को कीट और रोगों से दूर रखने को ये करें (Do this to keep vegetables away from pests and diseases)
उद्यान विशेषज्ञ अनुपम दुबे बताते हैं कि जायद सीजन में सब्जियों की अच्छी खेती के लिए खाद का विशेष ध्यान रखें। जब सब्जियों में फल आए तो उस समय ही 70 किग्रा. यूरिया/हेक्टेयर लगाएं। जिससे सब्जियों के फल की ग्रोथ अच्छी होगी। इसके साथ ही जायद सीजन की सब्जियों के फल में फल मक्खी या कद्दू का लाल कीड़ा इमिडाक्लोप्रिड 17.8% एसएल की 1.5 एम एल मात्रा प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। इनकी रोकथान बेहद जरूरी है। इनके नियंत्रण के लिए क्विनालफॉस 20 ईसी की 1000 मिली मात्रा 500 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से छिड़काव करें। इसके साथ ही इस सीजन में झुलसा रोग (पत्तियों पर कोणीय या गोल भूरे रंग के धब्बे) भी होता है। ऐसे में जैसे ही झुलसा के लक्षण दिखें तो मेंकोजेब की 2 ग्राम अथवा कार्बेंडाजिम की एक ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
Zaid Season में ये खेती करें (Do this farming in Zaid Season)
देश में समय से पहले ही देश में तापमान बढ़ने लगा है। जायद सीजन में इनकी खेती करें। जिससे बंपर पैदावार होगी। इसके साथ ही कमाई भी खूब होगी।

लौकी की खेती मुनाफे का सौदा (God gourd farming is a profitable deal)
जायद सीजन में लौकी की खेती बेहद फायदेमंद हैं। गर्मी में हरी सब्जियों की खूब डिमांड होती है। जिसमें लौकी आती है। इसलिए, इस सीजन में लौकी की खेती करना किसानों के लिए फायदेमंद हैं। कहें तो लौकी की खेती के लिए भी जायद सीजन बेस्ट है। लौकी की खेती किसी भी तरह की मिट्टी में की जा सकती है। बुवाई के 60 दिन में ही लौकी की अधिकांश किस्में फल देने लगती हैं। गर्मी के दिनों में लौकी की डिमांड रहती है।

गर्मी में तोरई की खेती (Cultivation of gourd in summer)
उद्यान विशेषज्ञ अनुपम दुबे ने बताया कि जायद के सीजन में तोरई की खेती अच्छी कमाई का जरिया बन सकती है। इसके लिए किसानों को चाहिए कि अभी फरवरी माह में तोरई की बुवाई कर दें। यदि पहले तोरई की पौध नर्सरी तैयार करें। इसके बाद पौधों की खेतों में रोपाई करें। ऐसा करने से करीब एक माह में तोरई निकलने लगती हैं। जब ये तोरई निकलती हैं। तब इनकी डिमांड अच्छी होती है। जिससे तोरई खूब महंगी बिकती हैं। जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा होता है। अगर लटक पद्धति से खेती करते हैं तो अच्छी पैदावार होती है।

खीरा की डिमांड अधिक (High demand for cucumber)
उद्यान विशेषज्ञ अनुपम दुबे ने बताया कि गर्मी के सीजन में खीरा की खूब डिमांड रहती है। जो शहीर में पानी की आपूर्ति करता है। खीरा पानी दार फल होता है। जो गर्मी के दिनों में फायदेमंद माना जाता है। खीरे की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी अच्छी होती है। जायद सीजन में ही खीरे की सबसे अधिक खेती होती है। खीरे की फसल भी 60 दिनों में तैयार हो जाती है। ऐसे में यदि फरवरी के तीसरे सप्ताह में खीरा की बुवाई कर देंगे तो अप्रैल-मई में खीरा की फसल अच्छी कमाई कराएगी।

तरबूज और खरबूज की खेती करें (Cultivate watermelon and musk melon)
उद्यान विशेषज्ञ अनुपम दुबे ने बताया कि गर्मी के दिनों में तरबूज और खरबूज की खूब डिमांड होती है। जायद सीजन में तरबूज और खरबूज एक नकदी फसल है। तरबूज उगाने के लिए बलुई मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। इसकी ज्यादातर खेती नदियों के किनारे होती है। तरबूज की फसल भी लगभग तीन माह में तैयार होती है। ऐसे ही खरबूज की खेती भी तीन माह में तैयार हो जाती है। यदि आप फरवरी में तरबूज और खरबूज की बुवाई कर देंगे तो किसान गर्मी सीजन अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं।
Zaid Season : खेती करने वाले ये काम जरूर करें (Farmers must do these things)
उद्यान विशेषज्ञ अनुपम दुबे ने बताया कि जायद के सीजन में सब्जियों की खेती के लिए किसान ये खास बात का ध्यान रखें। ये सभी सफलें बेलदार सब्जियां और फल हैं। ऐसे में बेलदार सब्जियों को सहारा देना बहुत जरूरी होता है। जैसे ही फसलें बढ़ने लगें तो उन्हें लकड़ी और रस्सी की मदद से सहारा देंगे तो ताकि पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके। इन सब के साथ ही पौधों में लगने वाले फल मिट्टी के संपर्क से ऊपर रहेंगे। जिसके कारण उसमें किसी तरह के दाग, रोग और संक्रमण का खतरा नहीं होगा।
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