Wheat Procurement: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए 17 मार्च से गेहूं खरीद शुरू कर दी है। जो 15 जून 2025 तक चलेगी। यूपी में सरकारी गेंहू खरीद के लिए 6500 क्रय केंद्र निर्धारित किए गए हैं। सीएम योगी ने निर्देश दिए कि हैं कि गेहूं खरीद के बाद किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
Wheat Procurement: उत्तर प्रदेश में आज से सरकार ने गेंहू की सरकारी खरीद शुरू रही है। जो प्रदेश के गेहूं उत्पादक किसानों के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए गेहूं खरीद 15 जून तक चलेगी। सरकार ने गेंहू की सरकारी खरीद के लिए प्रदेश में 6500 क्रय केंद्र निर्धारित किए हैं। यूपी की योगी सरकार इन केंद्रों पर केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित गेहूं का समर्थन मूल्य (MSP) 2425 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक कीमत पर खरीद करेगी। यूपी की बात करें तो पिछले वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति क्विंटल था।
बता दें कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश के किसानों के गेंहू का बेहतर (Wheat Procurement) मूल्य देने के लिए गेंहू की सरकारी खरीद कर रही है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि सरकार किसान हित में कार्य कर रही है। सरकार निरंतर किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभदायक बनाने के लिए काम कर रही है।
Wheat Procurement: मोबाइल केंद्र के माध्यम से गांवों में जाकर होगी गेंहू की खरीद (Wheat will be purchased by going to villages through mobile center)
उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने सरकारी गेंहू की खरीद को लेकर अधिकारियों को सख्त
Wheat Procurement: यूपी में 2.65 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीकरण (More than 2.65 lakh farmers registered in UP)
उप्र में गेंहू की सरकारी खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। यूपी की बात करें तो गेहूं की बिक्री के लिए पहली मार्च से पंजीकरण शुरू गए हैं। अब तक प्रदेश के 2.65 लाख से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसके लिए किसानों को खाद्य व रसद विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in या विभाग के मोबाइल ऐप UP KISHAN MITRA पर पंजीकरण-नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। उप्र सरकार ने किसानों से अनुरोध किया है कि गेहूं को ओसाकर, मिट्टी, कंकड़, धूल आदि को साफकर अच्छी तरह से सुखाकर ही क्रय केंद्र पर बिक्री के लिए लेकर आएं। इस साल भी बटाईदार किसानों की ओर से भी पंजीकरण कराकर ही गेहूं की बिक्री हो सकेगी।
Wheat Procurement: 15 जून तक सुबह 8 बजे से होगी खरीद (Purchase will be done from 8 am till June 15)
उप्र के खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक 17 मार्च से प्रदेश में गेंहू की सरकारी खरीद शुरू की गई है। जो 15 जून तक चलेगी। इस दौरान रविवार व अन्य अवकाशों को छोड़कर अन्य दिनों में क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद प्रतिदिन सुबह 8 से रात्रि 8 बजे तक होगी। योगी सरकार ने निर्देश दिया है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो. इसके लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। यूपी की योगी सरकार की मंशा है कि प्रदेश के किसानों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। किसान की हर समस्या समाधान किया जाए। इसके लिए योगी सरकार ने गेंहू की सरकारी खरीद को लेकर किसी भी विषम परिस्थितियों के लिए खाद्य व रसद विभाग का टोल फ्री नंबर 18001800150 जारी कराया है। किसी भी समस्या के समाधान के लिए किसान टोल फ्री नंबर के साथ ही जिला खाद्य विपणन अधिकारी या तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी या ब्लॉक के विपणन अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। उनकी समस्या को सुनकर उसका उचित समाधान किया जाएगा।
Wheat Procurement: 150 रुपये प्रति कुंतल अधिक है समर्थन मूल्य (Support price is Rs 150 per quintal higher)
बता दें कि किसानों की आय दोगुनी करने केंद्र की मोदी सरकार को पूरा फोकस है। केंद्र सरकार ने देश में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए 2425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जबकि पिछले वर्ष यह मूल्य 2275 रुपये प्रति कुंतल था। इस बार सरकार ने 150 रुपये प्रति क्विंटल में बढ़ोतरी की है। यूपी की बात करें तो खाद्य विभाग समेत आठ क्रय एजेंसियों के की ओर से 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। खाद्य व रसद विभाग ने गेहूं के मूल्य भुगतान सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से सीधे किसानों के आधार लिंक खाते में 48 घंटे के अंदर करने की व्यवस्था बनाई है। विभाग ने 17 मार्च से शुरू होने वाली गेहूं खरीद के लिए तैयारी कर ली थी। इस वर्ष मोबाइल केंद्र के माध्यम से गांवों में जाकर किसानों से गेहूं खरीद करने की प्लानिंग की गई है।
Wheat Procurement: परेशानी से बचाने को किसान यहां करें संपर्क (Farmers should contact here to avoid trouble)
सरकार की मंशा प्रदेश के किसानों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने की है। इसको लेकर ही खाद्य व रसद विभाग ने किसी भी विषम परिस्थितियों के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 जारी किया है। किसी भी समस्या के समाधान के लिए किसान जिला खाद्य विपणन अधिकारी या तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी या ब्लॉक के विपणन अधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं।
Wheat Procurement: पंजीकृत ट्रस्ट से गेहूं खरीदा जाएगा (Wheat will be purchased from registered trust)
उप्र में इस बार पंजीकृत ट्रस्ट से भी गेहूं खरीदा जाएगा। इस श्रेणी के तहत संबंधित भूलेख, सत्यापित खतौनी व ट्रस्ट के संचालक या अधिकृत प्रतिनिधि के आधार कार्ड और मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। संचालक या अधिकृत प्रतिनिधि का बायोमेट्रिक सत्यापन कराकर क्रय केंद्र पर गेहूं खरीदा जाएगा और भुगतान ट्रस्ट के बैंक खाते में पीपीए मोड के माध्यम से कराया जाएगा।
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