UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और जल संकट दूर करने के लिए एक बड़ी पहल की है। जिसके चलते प्रदेश में में वर्ष 2025-26 तक 8,500 नए फार्म तालाब (Farm Ponds) बनाए जाएंगे। यह योजना सरकार की खरीफ रणनीति का अहम हिस्सा है। यूपी की बात करें तो खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ाकर 293 लाख टन तक ले जाना है।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
UP News: योगी सरकार (Yogi government) लगातार प्रदेश में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए नई-नई पहल रही है। योगी सरकार (UP News) ने खरीफ फसलों (Kharif crops) के उत्पादन की नई रणनीति अपनाई है। इसको लेकर कृषि विभाग (Agriculture Department) के प्रमुख सचिव रविन्द्र ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्त (Divisional Commissioners) और जिलाधिकारी (District Magistrates) को निर्देश दिए हैं। सरकार ने खाद्यान्न (food grains) और तिलहनी फसलों (oilseed crops) की पैदावार में 12 फीसदी की वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही जल संरक्षण (water conservation) के लिए 8500 लघु खेत तालाब (फार्म पौंड) बनाने की योजना बनाई है। यह योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य वर्षा जल का संचयन और मृदा नमी संरक्षण है।
💧 क्या है यूपी सरकार की फार्म तालाब योजना ?
फार्म तालाब एक प्रकार का सिंचाई जल भंडारण टैंक (irrigation water storage tank) होता है। जिसे खेत के पास ही बनाया जाता है। जिससे वर्षा जल (rainwater) संग्रहित हो जाए। किसान, सूखे की स्थिति में आने पर इस पानी से ही सिंचाई करके अच्छी पैदावार ले सकें।
🏞️ किसानों को क्या मिलेगा लाभ?
✅ सिंचाई के लिए सस्ता विकल्प
✅ मृदा में नमी बनी रहती है
✅ फसल की उत्पादकता बढ़ती है
✅ मत्स्य पालन से अतिरिक्त आय
✅ भूजल स्तर में सुधार
फार्म तालाब योजना की मुख्य बातें
- 2025 तक 8,500 नए तालाब बनाए जाएंगे।
- 2,033 तालाबों का निर्माण मार्च 2025 तक पूरा किया जा चुका है।
- ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से किसान योजना का लाभ उठा सकते हैं।
- जल संरक्षण और अतिरिक्त आय का जरिया बनेगा।
सरकार ने 33 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त उत्पादन तय किया
उप्र कृषि विभाग (UP News) की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, खरीफ 2024 के तहत प्रदेश में खाद्यान्न और तिलहनी फसलों का कुल उत्पादन 260 लाख मीट्रिक टन हुआ है। सरकार ने अब इसे बढ़ाकर 293 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य तय किया है। इससे 33 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त उत्पादन होगा। जिसमें मक्का और धान की पैदावार बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
📈 किसानों पर आर्थिक प्रभाव
तमाम अध्ययनों से पता चला है कि फार्म तालाबों के माध्यम से सिंचाई करने से किसानों की आय में वृद्धि होती है। इसे यूं समझें कि एक अध्ययन में पाया गया कि फार्म तालाबों से सिंचाई करने पर धान की फसल से ₹5,00,600 और मूंगफली की फसल से ₹10,34,880 तक की अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है।
फसल उत्पादन की बदली रणनीति
उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ अभियान के तहत फसलों की बुवाई, देखरेख और सिंचाई के लिए रणनीति में परिवर्तन किया है। इस बारे में मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं. जिसमें किसानों को उन्नत बीज, समय पर खाद और सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कृषि अधिकारियों की निगरानी में किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
फार्म तालाब योजना में पंजीकरण कैसे करें ?
योगी सरकार ने वर्ष 2025-26 में योजना को त्वरित गति से बढ़ाने पर जोर दिया है। जिसमें 8499 लघु खेत तालाबों (फार्म पौंड) के निर्माण का कार्य प्रस्तावित है। इसके लिए लाभार्थी किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। ताकि उन्हें अधिक पारदर्शिता के साथ योजना का लाभ मिल सके। इसके लिए राज्य सरकार की वेबसाइट या नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय के माध्यम से किसान इस योजना में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, भूमि के दस्तावेज और बैंक खाता विवरण आवश्यक होंगे। आगरा के जगनेर के किसान राम सहाय ने बताया कि हमारे यहां पर भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। ऐसे में तालाब योजना से भूजल स्तर बढेगा। यह अच्छी योजना है।
लागू की जा रही है खेत तालाब योजना
योगी सरकार की ओर से प्रदेश में जल संकट से निपटने और सिंचाई के लिए वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खेत तालाब योजना लागू करने की है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2024-25 में बुंदेलखंड सहित समस्त जिलों (गौतमबुद्ध नगर को छोड़कर) में 31 मार्च 2025 तक 2033 खेत तालाबों का निर्माण कराया गया है। झांसी के किसान रमेश चंद्र ने बताया कि हर साल हमारा क्षेत्र सूखे के हालात से जूझता है। ऐसे में सरकार की यह योजना किसानों के लिए संजीवनी बनेगी। यह जल बाद में फसल की सिंचाई और मत्स्य पालन जैसे कार्यों में उपयोग किया जा सकता है।
📍 किन जिलों में होंगे तालाब?
सरकार ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 8500 तालाबों के निर्माण की योजना बनाई है। यह योजना जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों पर विशेष रूप से केंद्रित है, जैसे:
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बांदा
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चित्रकूट
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हमीरपुर
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महोबा
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ललितपुर
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झांसी
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इटावा
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और अन्य बुंदेलखंड क्षेत्र
✅ इस योजना से किसानों को होंगे क्या फायदे?
सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी: वर्षा के पानी को संग्रहित कर खेतों की सिंचाई आसानी से की जा सकेगी।
फसल उत्पादन में बढ़ोतरी: सिंचाई की समस्या कम होगी तो उपज बढ़ेगी।
मत्स्य पालन और पशुपालन: तालाबों में मछली पालन कर अतिरिक्त आमदनी ली जा सकती है।
भूजल स्तर में सुधार: संग्रहित जल जमीन में रिस कर जल स्तर बढ़ाता है।
📲 किसानों के लिए सुझाव
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पंजीकरण करें: योजना का लाभ उठाने के लिए संबंधित सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करें।
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स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें: फार्म तालाब निर्माण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और सहायता प्राप्त करने के लिए अपने क्षेत्र के कृषि अधिकारियों से संपर्क करें।
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तकनीकी प्रशिक्षण लें: फार्म तालाबों के प्रभावी उपयोग और रखरखाव के लिए उपलब्ध तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लें।
ऐसे कारगर बनेगा फार्म पौंड
लघु खेत तालाब या फार्म पौंड एक छोटा जलाशय होता है जो वर्षा जल को संग्रहित करने के लिए बनाया जाता है. इसका उपयोग न केवल फसलों की सिंचाई में होता है, बल्कि पशुधन को पानी देने और मछली पालन के लिए भी किया जाता है. यह विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए लाभकारी है, जहां वर्षा कम या अनियमित होती है. फार्म पौंड से सिंचाई की सुविधा बढ़ती है, जिससे फसल उत्पादन में भी बढ़ोतरी होती है.
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q:यूपी फार्म तालाब योजना क्या है?
A: यह एक सरकारी योजना है। जिसके तहत खेतों के पास छोटे तालाब (Farm Ponds) बनाए जाते हैं, ताकि वर्षा जल को संग्रहित किया जा सके। यह जल बाद में सिंचाई, पशुपालन और मत्स्य पालन में उपयोग किया जा सकेगा।
Q: इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
A: उत्तर प्रदेश के सभी किसान जिनके पास स्वयं की भूमि है, वे इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन या कृषि विभाग कार्यालय के माध्यम से पंजीकरण करना होगा।
Q:फार्म तालाब योजना के तहत क्या-क्या फायदे मिलते हैं?
A: फार्म तालाब योजना के पांच फायदे…
सिंचाई की सुविधा बढ़ती है।
मृदा में नमी बनी रहती है।
फसल उत्पादन में वृद्धि होती है।
मत्स्य पालन से अतिरिक्त आमदनी होती है।
भूजल स्तर में सुधार होता है।
Q: फार्म तालाब योजना के लिए पंजीकरण कैसे करें?
A: किसान, राज्य सरकार की कृषि संबंधित वेबसाइट या नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, जमीन के दस्तावेज और बैंक खाता विवरण जरूरी हैं।
Q: तालाब किन जिलों में बनाए जाएंगे?
A: यह योजना खासकर जल संकट से प्रभावित जिलों में बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर, झांसी, इटावा और बुंदेलखंड क्षेत्र में लागू की जा रही है।