यूपी कैबिनेट ने मंगलवार को किसान, युवा, विज्ञान, शिक्षा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लेकर कई फैसला किए हैं। योगी सरकार छह वर्ष में कृषि क्षेत्र में कई नवाचार करेगी। उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल इंटरप्राइज ईकोसिस्टम स्ट्रेचिंग (यूपीएग्रीज) परियोजना में योगी सरकार करीब 4000 करोड़ रुपये की खर्च करेगी। प्रदेश सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खुलेंगे और 500 किसानों विदेश भ्रमण पर जाएंगे।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
योगी सरकार के कैबिनेट (Yogi government’s cabinet) ने प्रदेश में उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल इंटरप्राइज ईकोसिस्टम स्ट्रेचिंग (Uttar Pradesh Agriculture Growth and Rural Enterprise Ecosystem Stretching) परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। जिससे अब प्रदेश में किसानों की आय में वृद्धि के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था के विकास के लिए योगी सरकार करीब 4000 करोड़ रुपये की खर्च करेगी। ये सब विश्व बैंक (World Bank) की मदद से होगा। जिसमें प्रदेश में कृषि क्षेत्र (agriculture sector) को लेकर कई नवाचार शुरू किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Centers of Excellence) खुलेंगे और 500 किसानों को तकनीक (technology) सीखने के लिए विदेश भ्रमण पर भी भेजा जाएगा। इस बारे में मंगलवार को योगी सरकार की कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी है।
बता दें कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में योगी सरकार के कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें प्रदेश के तमाम प्रस्ताव पर चर्चा हुई। जिसमें ही उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल इंटरप्राइज ईकोसिस्टम स्ट्रेचिंग (UPAGRIS) परियोजना का प्रस्ताव शामिल है। जो करीब 4000 करोड़ रुपये का है। यूपीएग्रीज परियोजना (UPAGRIS project) में 2737 करोड़ रुपये 1.23 फीसदी की दर से विश्व बैंक (World Bank) की ओर से प्रदेश सरकार को कर्ज दिया जाएगा। जिसे सरकार 35 वर्ष में लौटाएगी। राज्य सरकार अंशपूंजी के रूप में 1166 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें 200 करोड़ रुपये का पहले ही प्रावधान किया जा चुका है।

कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को मिलेगा लाभ (Entrepreneurs associated with the agriculture sector will get benefit)
बता दें कि यूपी प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेशन यूनिट (UP Project Coordination Unit) के माध्यम से प्रस्तावित परियोजना का क्रियान्वयन 2024 से 2030 तक करना होगा। यूपीडास्प (UPDASP) के जरिये प्रदेश के सभी किसानों, कृषक उत्पादक समूह या कृषि उत्पादक संगठन, पट्टाधारक मत्स्य पालक, मत्स्यजीवी सहकारी समितियां, निजी तालाब के मत्स्य पालक, और अन्य उद्यमी, कृषि/मत्स्य उद्यमी महिला उद्यमी समूह, कुशल एवं अकुशल कृषि श्रमिक, कृषि क्षेत्र से जुड़े एंटरप्रेन्योर एवं निर्यातक को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
कृषि सेज और एक्सपोर्ट हब की स्थापना होगी (Agricultural SEZ and export hub will be established)
इस परियोजना में प्रदेश की प्रमुख फसलों की उत्पादकता में गुणात्मक वृद्धि की जाएगी। विशिष्ट कृषि उत्पादों के पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन, मूल्य संवर्धन गतिविधियों एवं बाजार सहयोगी व्यवस्था का विकास होगा। भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण और इससे जुड़ी सुविधाएं बढ़ेंगी। जेवर एयरपोर्ट के पास एक्सपोर्ट हब स्थानपा की जाएगी। दो से तीन उपज का बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाएगा। कृषि एसईजेड (सेज) की स्थापना की जाएगी। विश्व स्तरीय कार्बन क्रेडिट मार्केट की स्थापना की जाएगी। 2 से 3 विश्व स्तरीय हैचरी की स्थापना की जाएगी। परियोजना के संचालन के लिए तीन कमेटियां बनेंगी।
प्रदेश की तीसरी नक्षत्रशाला आगरा में बनेगी (The state’s third planetarium will be built in Agra)
योगी सरकार की कैबिनेट ने आगरा में नक्षत्रशाला, साइंस सिटी और विज्ञान पार्क की स्थापना की घोषणा की। आगरा के दक्षिण से भाजपा विधायक और कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने ये प्रस्ताव दिया था। जिसे मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिली है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से लखनऊ और प्रयागराज के बाद अब आगरा में नक्षत्रशाला और साइंस पार्क विकसित किया जाएगा। जो प्रदेश की तीसरी नक्षत्रशाला होगी। ये नक्षत्रशाला और साइंस पार्क आगरा में पंचकुइयां के पास स्थित सरकारी करीब तीन एकड की जमीन पर बनेगा। इससे छात्र-छात्राओं को विज्ञान के आविष्कार की जानकारी मिल सकेगी।
10 लाख युवाओं को 10 लाख रुपये तक सब्सिडी पर कर्ज (10 lakh youth to get loan on subsidy up to Rs 10 lakh
योगी सरकार की कैबिनेट का जोर प्रदेश के युवाओं को उद्यमी बनाने पर है। इसको लेकर यूपी में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान चलेगा। जिसे भी कैबिनेट की बैठक ने मंजूरी दे दी। इसी के साथ प्रति वर्ष एक लाख युवाओं को 10 वर्ष तक दस लाख रुपये तफ का व्याजमुक्त व सब्सिडी पर लोन दिया जाएगा। ये योजना करीब दस वर्ष के लिए है। जिसमें दस लाख युवा उद्यमियों को तैयार करना और रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र को केंद्रीय एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई है।
सब्सिडी पर कर्ज के लिए योग्यता ये रहेगी Eligibility for loan on subsidy will be this
योगी सरकार की कैबिनेट ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास (Chief Minister’s Youth Entrepreneur Development) की मंजूरी प्रदेश में एमएसएमई (MSME) को बढ़ावा के लिए मंजूरी दी है। इस योजना का लाभ पाने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कक्षा आठ रखी गई है। इंटरमीडिएट व समकक्ष को वरीयता मिलेगी। आवेदक को सरकार की संचालित प्रशिक्षण योजनाओं जैसे विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद-एक उत्पाद, टूलकिट योजना, एससी-एसटी पिछडावर्ग प्रशिक्षण योजना, कौशल विकास योजना समेत में प्रशिक्षित होना चाहिए। या किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय से कौशल संबंधी सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा या डिग्रीधारी होना चाहिए।
दो चरणों में मिलेगा अनुदान (Grant will be given in two phases)
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना (Mukhyamantri Yuva Udyam Vikas Yojana) में दो चरण में अनुदान (Grant) दिया जाएगा। पहले चरण में अधिकतम पांच लाख रुपये तक की योजनाओं पर अनुदान मिलेगा। इसके लिए सामान्य वर्ग को परियोजना लागत का 15 प्रतिशत, पिछड़े वर्ग को 12.5 प्रतिशत, एसटी आवदेक की 10 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा करना होगा।
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