UP AGREES: उत्तर सरकार की यूपी एग्रीज परियोजना 4 हजार करोड़ रुपये की है। जिसके लिए विश्व बैंक से 2737 करोड़ रुपये का लोन मिला है। इस योजना में यूपी सरकार का 1166 करोड़ रुपये का अंशदान है।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
UP AGREES: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister Yogi Adityanath) योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक समारोह में उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड एंटरप्राइज इकोसिस्टम स्ट्रेंथनिंग (UP AGREES) शुरुआत की। यूपी एग्रीज परियोजना की उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड एंटरप्राइज इकोसिस्टम स्ट्रेंथनिंग (Uttar Pradesh Agriculture Growth and Enterprise Ecosystem Strengthening) प्रदेश के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश गेहूं, आलू, आम, अमरूद, मटर, मशरूम, तरबूज और शहद आदि के उत्पादन में देश में शीर्ष पर है। सीएम योगी ने कहा कि देश के सब्जी उत्पादन में 15% और फल उत्पादन में 11% हिस्सेदारी उत्तर प्रदेश की है।
UP AGREES: खाद्यान्न उत्पादन में यूपी का योगदान 23% से ज्यादा (UP’s contribution in food grain production is more than 23%)
सीएम योगी (CM Yogi Adityanath) आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश की करीब 17% आबादी रहती है। यदि खाद्यान्न उत्पादन की बात करें तो उत्तर प्रदेश का योगदान 23% से अधिक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के खाद्यान्न निर्यात में उत्तर प्रदेश अभी तीसरे स्थान पर है। ऐसे में यूपी एग्रीज (UP-AGREES) परियोजना प्रदेश के निर्यात की संभावनाओं को आगे ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी। प्रदेश का देश में निर्यात अधिक होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ये किसानों और कृषि क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए अच्छी शुरुआत है। यूपी एग्रीज (UP AGREES) परियोजना करीब 4 हजार करोड़ रुपये की है। विश्व बैंक से यूपी एग्रीज (UP AGREES) परियोजना के लिए 2737 करोड़ रुपये का लोन मिल गया है। जबकि, उत्तर प्रदेश सरकार का इसमें 1166 करोड़ रुपये का अंशदान है।
UP AGREES: छह वर्ष की यूपी एग्रीज परियोजना (Six-year UP AGREES project)
उत्तर प्रदेश में शुरू हुई यूपी एग्रीज परियोजना करीब छह साल की है। यूपी एग्रीज परियोजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में कृषि और उससे संबंधित क्षेत्र को चिन्हित करना, प्रमुख फसलों की उत्पादकता में गुणात्मक वृद्धि, विशिष्ट कृषि उत्पादों को बढ़ावा देना, फसल तैयार होने के बाद प्रबंधन और बाजार समर्थन प्रणाली को विकसित करना है। यूपी एग्रीज योजना के पहले चरण में उत्तर प्रदेश के आठ मंडलों के 28 जनपद चुने गये हैं। यूपी एग्रीज परियोजना की शुरुआत 2024-25 से होगी। जो 2029-30 तक चलेगी।

UP AGREES: पीएम की प्रेरणा से यूपी में बेहतर कार्य (Better work in UP with the inspiration of PM)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narenda Modi) की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश समग्र विकास के मामले में नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। इनमें कृषि और उससे संबंधित क्षेत्र की प्रगति स्पष्ट रूप से देखने को मिल रही है। ये कार्यक्रम उसी अभियान का एक अहम हिस्सा है।
UP AGREES: प्रदेश के 28 जिले चुने गए (28 districts of the state selected)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि यूपी एग्रीज से प्रदेश में मार्केट सपोर्ट सिस्टम विकसित होगा। इससे प्रदेश में रोजगार सृजन होगा। पहले चरण में अभी 28 जनपद चुने गए हैं। ये जिले बुंदेलखंड और पूर्वांचल के हैं। यूपी को जेवर एयरपोर्ट के जरिए एक्सपोर्ट हब बनाने का प्रयास है। इसका भी लाभ मिलेगा। पिछले साल आम का पांच सौ रुपए किलो भाव मिला है। मछली उत्पादन को आगे बढ़ाया जाएगा। किसानों को विदेश भ्रमण कराया जाएगा।
UP AGREES: किसानों के जीवन में आएगा अच्छा बदलाव (There will be a good change in the lives of farmers)
उत्तर प्रदेश सरकार के (Uttar Pradesh government minister Anil Rajbhar) मंत्री अनिल राजभर का कहना है कि किसानों के जीवन में उम्मीद की चिराग जलाने का कार्य मुख्यमंत्री योगी ने किया है। यूपी एग्रीज परियोजना से किसानों के जीवन में अच्छा बदलाव आएगा। प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डिजिटल महाकुंभ का असर है कि वहां करोड़ों लोग जुटे हैं। अब कृषि विरासत की धारा को आगे बढ़ाने का प्रयास है।

UP AGREES: यूपी में तरक्की की राह आसान होगी (The path to progress will be easy in UP)
इस अवसर पर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि यूपी पूरी दुनिया के लिए कृषि क्षेत्र का पॉवर हाउस है। यूपी एग्रीज के जरिए प्रदेश में उत्पादकता बढ़ाने पर पूरा जोर है। इसके साथ ही प्रदेश के किसानों को मौसम और मूल्य की जानकारी निरंतर मिले. योगी सरकार को ये पूरा प्रयास रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में अब यूपीडा अन्य दूसरे भी काम कर रहा है। कैन बनाने वाली कंपनी का शिलान्यास हो रहा है। इससे तरक्की की राह आसान होगी।
UP AGREES: मत्स्य पालन को आधुनिक बनाने पर जोर (Emphasis on modernizing fisheries)
यूपी सरकार की मत्स्य पालन को आधुनिक बनाने की है। इसको लेकर मत्स्य पालन क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए प्रदेश सरकार एवं यूएई के एक्वाब्रिज के मध्य करीब 4 हजार करोड़ के निवेश का एमओयू हुआ। इसके साथ ही डाटा बैंक की उपयोगिता किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन का एक कारक बनेगी।
UP AGREES: 1,300 करोड़ के प्लांट का शिलान्यास (Foundation stone laying of a plant worth 1,300 crores)
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में यूपीडा की इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर में केमपैक इंडिया द्वारा ग्रीन फील्ड मैन्युफैक्चरिंग इकाई का शिलान्यास कार्यक्रम भी शामिल है। 1300 करोड रुपये की लागत का निवेश एसबीआई के तहत प्रदेश में आएगा।

UP AGREES से इन सेक्टर में होगा कार्य (UP AGREES will work in these sectors)
UP AGREES परियोजना से प्रदेश में कृषि व संबद्ध क्षेत्रों की कमियों को चिह्नित कर फसलों की उत्पादकता में वृद्धि, कृषि उत्पादों का पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, मूल्य संवर्धन गतिविधियां और मार्केट सपोर्ट सिस्टम का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण और इससे संबंधित अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया यजाएगा। यूपी की बात करें तो UP AGREES परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन सृजित किए जाएंगे। जिससे किसानाें की आय में भी वृद्धि होगी।
UP AGREES परियोजना की बात करें तो प्रदेश में इस परियोजना से कृषि उत्पादों के क्राप क्लस्टर्स को सेंटर आफ एक्स्सीलेंस के रूप में विकसित करना, डिजिटल एग्रीकल्चर इकोसिस्टम व सर्विस डिलीवरी प्लेटफार्म की स्थापना, जेवर एयरपोर्ट के पास एक्सपोर्ट हब की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही दो या तीन उपज का बडे पैमाने पर निर्यात, कृषि एसईजेड की स्थापना, विश्व स्तरीय कार्बन क्रेडिट मार्केट की स्थापना, 500 किसानों को सर्वोत्तम कृषि तकनीकी को देखने के लिए विदेशों भी भेजा जाएगा। विश्व स्तरीय हैचरी की स्थापना भी की जाएगी।
UP AGREES से इन्हें मिलेगा लाभ (These people will get benefit from UP AGREES)
- परियोजना क्षेत्र के सभी कृषक।
- कृषक उत्पादक समूह व कृषि उत्पादक संगठन एवं अन्य।
- पट्टाधारक मत्स्य पालक व मत्स्यजीवी सहकारी समितियां।
- तालाब के मत्स्य पालक व अन्य।
- कृषि व मत्स्य उद्यमी, महिला उद्यमी समूह।
- कुशल व अकुशल कृषि श्रमिक।
- कृषि क्षेत्र से जुड़े इंटरप्रेन्योर व निर्यातक।
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