Fertilizer News:'यूपी के आगरा में रबी सीजन की फसलों (Rabi season crops) के लिए भरपूर मात्रा में खाद है। जिले में डीएपी के 1.5 लाख पैकेट समितियों पर भेजे गए हैं। सितंबर माह में 24,421 मीट्रिक टन खाद स्टॉक रहा है। जबकि, जिले में रबी सीजन के लिए 58 हजार मीट्रिक टन खाद की डिमांड है। किसान रासायनिक उर्वरक के साथ ही देसी खाद भी खेतों में इस्तेमाल करें।'
आगरा, उत्तर प्रदेश
Fertilizer News: आगरा में खाद (fertilizer) की कोई कमी नहीं है। किसान (Farmers) अभी से नवंबर माह की डीएपी (DAP) ले रहे हैं। किसानों की हड़बड़ाहट और डीएपी को भण्डारण करने की वजह से आगरा में डीएपी की कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा, इसलिए किसान अपनी जरूरत के मुताबिक ही खाद लें। खाद का भंडारण नहीं करें। आगरा के जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने ‘KisanVoice’ टीम से खाद की मारामारी पर खास बातचीत की। जिला कृषि अधिकारी (District Agriculture Officer Dr. Vinod Kumar Singh) विनोद कुमार सिंह ने बताया कि जिले में रबी की फसल (Rabi crop) की तैयारी में किसान लगे हैं। जिले में हर माह की डिमांड के मुताबिक डीएपी और अन्य खाद आ रही हैं। किसान अगले माह में इस्तेमाल करने के लिए खाद अभी से खरीद रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि अगले माह में खाद नहीं आएगी। इससे ही ऐसे हालात बन रहे हैं।
आगरा में खाद को लेकर किसानों में होड़ लगी है, जिससे ही खाद को लेकर मारामारी हो रही है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने कहा कि बीते साल के मुकाबले इस साल अधिक खाद की डिमांड की है। हर माह की डिमांड के हिसाब से खाद आगरा आ रही है। किसान जिले में खाद का भंडारण कर रहे हैं। अभी सरसों और गेहूं की बुवाई में समय है। अभी से गेंहू (wheat) और सरसों (mustard) के लिए खाद खरीद रहे हैं, जो सही नहीं हैं।
Fertilizer News: आगरा में खाद की भरमार (Fertilizer News: Fertilizers galore in Agra)
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि जिले में खाद डीएपी (phosphate fertilizer) और एनपीके (NPK) की कोई कमी नहीं है। रबी सीजन की फसलों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद है। रबी सीजन की फसलों के लिए जिले से 58 हजार मीट्रिक टन खाद की डिमांड की गई है। सही मात्रा में हर माह खाद की खेप आगरा पहुंच रही है। हम सितंबर माह की बात करें तो डीएपी (Diammonium Phosphate) की उपलब्धता 9361.657 मीट्रिक टन रही। इसी तरह एनपीके (Nitrogen Phosphate Potash) भी 11415.560 मीट्रिक टन और एसएसपी (Single Super Phosphate) 3645.650 मीट्रिक टन आई। जिले में खाद को लेकर कोई किल्लत नहीं हैं।

किसान खाद का भंडारण नहीं करें (Farmers should not store fertilizer)
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि इस साल जिले में पिछले साल के अधिक खाद की उपलब्धता है। इसके बाद भी किसान खाद के लिए परेशान हैं, जबकि जिले में सरसों और गेंहू की बुवाई में अभी समय है। आलू की बुवाई शुरू होने वाली है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि किसानों से अपील है कि फसल के अनुरूप और जरूरत (buy fertilizer according) के हिसाब से ही खाद खरीदें। ज्यादा दिन पहले से खाद खरीदकर न रखें। इससे अव्यवस्थाएं होंगी। बाजार में दुकानदार इसी अव्यवस्था का फायदा उठाकर खाद की कीमत अधिक कर देंगे। खाद की कालाबाजारी होगी। किसानों से अपील है कि बाजार से अधिक कीमत पर खाद नहीं खरीदें। समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद मिलेगा। रबी की अन्य फसलों (Rabi crops) के लिए एक अक्टूबर से सहकारी समिति (cooperative society) पर खाद भेजना प्रारंभ किया जाएगा। इसलिए नवंबर माह में उपयोग करने के लिए किसान अभी से खाद नहीं खरीदें। जिस फसल के लिए अभी खाद की जितनी जरूरत है। उतनी ही खाद खरीदें। खाद का भंडारण नहीं करें।
फसलों की लागत कम करे NPK का इस्तेमाल (Use NPK to reduce the cost of crops)
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि जिले में इफको की एक रैक 2700 मीट्रिक टन की बीते गुरुवार को आगरा पहुंंची है, जिसे समितियों पर भेजा गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर प्री पोजीशन डीएपी 900 मीट्रिक टन भी समितियों पर भेजी गई है। अभी लगभग 3600 मीट्रिक टन खाद (डीएपी) पहुंच जाएगी। जिले में पहले ही 2370 मीट्रिक टन डीएपी और 2451 मीट्रिक टन एनपीके की बिक्री हो चुकी है। जबकि पिछले साल सितंबर महीने में 17419 मीट्रिक टन डीएपी और 2116 मीट्रिक टन एनपीके की बिक्री हुई थी। इस साल किसानों एनपीके भी खूब खरीद रहे हैं। इसलिए किसानों से अपील है कि खेतों की मिट्टी बचाने और फसलों की लागत कम करने के लिए फसल में एनपीके का इस्तेमाल करें।

एनपीके खाद भी है लाभकारी (NPK fertilizer is also beneficial)
आगरा के जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि डीएपी के अलावा खाद में एनपीके भी है। एनपीके में पौधों के लिए पोषक तत्व में नाइटोजन, फॉरस्फोरस एवं पोटाश की अच्छी मात्रा होती है। एनपीके उर्वरक के उपयोग से बीज में अंकुरण, पौधों की तेज गति से वृद्धि और पौधों में प्रकाश संश्लेषण, स्वस्थ फूल आते हैं। विशेषकर हम आलू की बात करें तो एनपीके उर्वरक के इस्तेमाल से आलू में चमक के साथ ही आकार और उत्पादन में वृद्धि होती है।
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