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Stubble Burning: खेत में पराली जलाने पर FIR, गांव-गांव घूम रहे कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी

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Stubble Burning: हरियाणा में किसान अपने खेत में इन-सीटू व एक्स-सीटू विधि से पराली प्रबंधन करके सरकार से एक हजार रुपए प्रति एकड़ की सहायता का राशि का लाभ लें। जिसके लिए किसान को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट 30 
नवंबर तक अपना पंजीकरण करवाएं।

रोहतक, हरियाणा

Stubble Burning: हरियाणा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) के तहत गुरुवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सयुंक्त निदेशक (Om Prakash Godara) ओम प्रकाश गोदारा ने रोहतक जिले में फसलों की कटाई देखी। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ गांव-गांव जाकर फसल कटाई प्रयोगों का निरिक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण में किसानों से बातचीत की। उनसे फसल और सरकार की योजनाओं के बारे में बातचीत की। इस पर अवसर पर सयुंक्त निदेशक ओम प्रकाश गोदारा ने जिला के सभी गांवों में फसल कटाई प्रयोगों का कार्य कर रहे कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आदेश दिए कि कार्य ध्यानपूर्वक करें। इसके आधार पर प्रत्येक गांव की औसत पैदावार तय की जाएगी।

कृषि विभाग अधिकारी और कर्मचारियों की गांवों में ड्यूटी लगाई (Agriculture department officers and employees put on duty in villages)

रोहतक के उप कृषि निदेशक सुरेंद्र ने बताया कि फसल कटाई प्रयोग के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की जिला के सभी गांवों में ड्यूटी लगाई गई है। जिससे प्रत्येक गांव में धान, कपास, बाजरा व मक्का के लिए चार-चार फसल कटाई प्रयोग किए जाने है। आंकड़ों में शुद्धता लाने के उद्देश्य से ही संयुक्त निदेशक ने निरिक्षण किया। ताकि फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर ही जिले की औसत पैदावार निकाली जाएगी।

रोहतक में अब तक 40 प्रतिशत धान की कटाई
(Photo Credit: Kisan Voice)

Stubble Burning: आंकड़ो में शुद्धता बनाए रखें (Maintain accuracy in data)

गांव काहनी में कृषि निरीक्षक सुरेन्द्र का धान व कपास फसल का फसल कटाई प्रयोग, गांव चुलियाणा में बीटीएम सरेश का धान व बाजरा फसल का फसल कटाई प्रयोग निरिक्षण कृषि विभाग के सयुंक्त निदेशक ओम प्रकाश गोदारा ने किया। इस मौके पर ही फसल की कटाई, झड़ाई का कार्य पूर्ण करवाया गया। ताकि आंकड़ो में शुद्धता लाई जा सके।

हर गांव से रैंडम नंबर एवं स्मार्ट सैंम्पलिंग (Random numbers and smart sampling from every village)

इस अवसर पर जिले के सहायक सांख्यिकी अधिकारी विनोद हुड्डा ने बताया कि हर गांव से रैंडम नंबर एवं स्मार्ट सैंम्पलिंग के आधार पर धान, कपास, बाजरा व मक्का फसल के लिए चार-चार खेत चुने जाते हैं। जिसमे 5 बाई 5 के प्लाट का चयन रैंडम तालिका द्वारा किया जाता है। यह कार्य कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से निदेशालय पंचकुला व उप कृषि निदेशक रोहतक के आदेशानुसार मोबाईल एप के द्वारा पूर्ण करना होता है। जिससे जिले की औसत पैदावार निकाली जाती है। जिससे खंड एवं जिला स्तर की पैदावार निकाली जा सके।

रोहतक में 12 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज
(Photo Credit: Kisan Voice)

ये रहे मौजूद (These were present)

इस मौके पर कृषि विभाग रोहतक के सांख्यिकी सहायक विकास कुमार, नरेंद्र सुपरवाइजर एवं फसल बीमा कम्पनी एआईसी से सुनील भारती, जिला प्रबन्धक और गांव काहनी से किसान कर्मवीर, दलबीर व गांव चुलियाणा से हवा सिंह समेत अन्य मौके पर मौजूद रहें।

Stubble Burning: पराली जलाने पर जमीन के रिकॉर्ड में रेड एंट्री (Red entry in land records on stubble burning)

रोहतक जिला विकास भवन स्थित डीआरडीए हॉल में फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर आयोजित बैठक हुई. जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने की. उन्होंने कहा कि किसान धान फसल के अवशेषों (Stubble Burning) में आग न लगाएं. जिससे वायु प्रदूषित ना हो। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशानुसार जिला, खंड व ग्राम स्तर पर निगरानी समितियों का गठित की गईं हैं। जो भी फसल अवशेष जलाएगा।उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसलिए, इस बात को गंभीरता लें। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से कहा कि यदि किसान मौके पर फसल अवशेषों को आग लगाता पाया गया तो दोषी किसान की जमीन के रिकॉर्ड में रेड एंट्री कर दी जाए। जिसके कारण किसान वर्तमान सीजन व अगले दो सीजन तक मंडी में अपनी फसल नहीं बेच पाएगा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से जो भी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही उनका लाभ भी किसान नहीं ले पाएगा।

रोहतक में 12 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज (12 incidents of stubble burning registered in Rohtak)

अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने बताया कि रोहतक जिले की बात करें तो अब तक फसल के अवशेष जलाने की 12 घटनाएं दर्ज की गई है। जिसमें से 7 शिकायतें सही मिली हैं। इन घटनाओं में दोषी किसानों के विरुद्ध अब तक 4 एफआईआर दर्ज करवाई गई हैं। यदि कोई किसान धान फसल के अवशेष को आग लगाता है तो उसके विरुद्ध प्रदूषण रोकथाम अधिनियम 1986 व अन्य कानूनी प्रावधान के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसान इन-सीटू व एक्स-सीटू विधि से अपनी खेत की पराली प्रबंधन करके सरकार की दी जा रही एक हजार रुपए प्रति एकड़ की सहायता का राशि का लाभ भी लें। जिसके लिए किसान को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर फसल अवशेष प्रबंधन योजना 2024 के तहत आगामी 30 नवंबर तक अपना पंजीकरण करवाना होगा।

रोहतक में अब तक 40 प्रतिशत धान की कटाई (40 percent paddy harvesting done in Rohtak so far)

उप कृषि निदेशक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि जिला में लगभग 40 प्रतिशत धान की कटाई का कार्य पूर्ण हो चुकी है। किसान धान की फसल के अवशेषों का उचित प्रबंधन कर सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं।

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