Schemes News: किसानों के लिए सरकार की ये 5 बड़ी योजनाएं; जो कमाई बढ़ा रही
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Schemes News: देश की केंद्र सरकार और प्रदेश सरकारें अलग अलग तरह की योजनाएं किसानों की स्थिति सुधारने और उनकी आय में इजाफा करने को शुरू
कर रही हैं। सरकार की ओर से कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए तमाम कल्याणकारी योजनाएं चलाई जाती हैं।
नई दिल्ली/ लखनऊ.
Schemes News: भारत एक कृषि प्रधान केंद्र है। यहां पर किसानों (Schemes News) को अन्नदाता कहते हैं। देश की मोदी सरकार (Modi Government) किसानों की स्थिति सुधारने, उनकी आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र (Agricultural Sector) को प्रोत्साहित करने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। जिनकी मदद से किसानों (Schemes News) की आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सके। सरकार की ओर से फसलों की सुरक्षा और बाजार का विकल्प भी मिल रहा है। ऐसे में आज हम आपको ऐसी ही किसान के लिए शुरू की गई पांच योजनाओं के बारे में बताएंगे। जिनका लाभ देश के अधिकतर किसान उठाए रहे हैं। इसमें मोदी सरकार और राज्य सरकारों का समन्वय रहता है। आइए, सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानते हैं.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)
केंद्र की मोदी सरकार ने सन 2019 में किसानों की आर्थिक सहायता के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (Prime Minister Kisan Samman Nidhi) की शुरूआत की। जिससे अब तक 11 करोड से अधिक किसान जुड चुके हैं। जिन्हें 18 वीं किस्त अक्टूबर 2024 को मिली थी। अब 24 फरवरी 2025 को पीएम किसान सम्मान निधि को किसानों के बैंक खाता में आएगी। पीएम मोदी ने छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय मदद की योजना है। इसके लाभार्थी किसान हैं। जिनके पास 2 हेक्टेयर तक खेती योग्य भूमि है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) उद्देश्य: छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देना।
मुख्य विशेषताएं: प्रत्येक पात्र किसान को सालाना ₹6,000 तीन किश्तों में मिलते हैं। जो राशि सीधे DBT के माध्यम से किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर होती है। केंद्र सरकार की की 100% वित्त पोषित योजना है।
पात्रता: लघु एवं सीमांत किसान, ज़मीन के मालिक किसान (1 से 2 हेक्टेयर तक) हैं। जिन किसानों के पास ज़मीन के दस्तावेज़ हैं और वे आयकरदाता नहीं हैं।
यूं करें PM-KISAN के लिए आवेदन
- https://pmkisan.gov.in पर जाएं।
- “New Farmer Registration” पर क्लिक करें।
- आधार, बैंक डिटेल्स, ज़मीन का खसरा-खतौनी अपलोड करें।
PM-KISAN के फायदे
- खेती के लिए बुनियादी निवेश में सहायता।
- ऋण पर निर्भरता में कमी।
(Photo Credit: Kisan Voice)
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY)
मोदी सरकार ने 13 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफ़बीवाई) शुरू की थी। जिसमें कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग की अहम भूमिका है। इस योजना में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीटों, और बीमारियों से होने वाले फसल के नुकसान से वित्तीय सुरक्षा मिलती है। इस योजना से किसानों को खराब मौसम से सुरक्षा मिलती है। किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। किसानों को ऋण-पात्रता सुनिश्चित होती है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का उद्देश्य: प्राकृतिक आपदा, कीट या बीमारी से फसल हानि होने पर बीमा कवरेज देना है।
PMFBY की मुख्य विशेषताएं
- खरीफ: 2% प्रीमियम, रबी: 1.5%, व्यापारिक फसलों के लिए 5%।
- किसानों को वास्तविक नुकसान की भरपाई सीधे बैंक खाते में दी जाती है।
- फसल कटाई से पहले और बाद दोनों स्थितियों को कवर करता है।
यूं करें PMFBY के लिए आवेदन
- https://pmfby.gov.in या नजदीकी CSC सेंटर से आवेदन करें।
- बैंक/सहकारी समिति के माध्यम से भी किया जा सकता है।
PMFBY से लाभ
- किसान को जोखिम से सुरक्षा।
- फसल नष्ट होने पर आर्थिक मदद।
Schemes News : कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) Agriculture Infrastructure Fund
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सन 2020 में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) की थी। AIF स्कीम देश में लगभग 500 लाख मीट्रिक टन की अतिरिक्त भंडारण क्षमता के साथ 6623 गोदामों, 688 कोल्ड स्टोर और 21 साइलो परियोजनाओं के निर्माण का समर्थन करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसमें 465 लाख मीट्रिक टन ड्राई स्टोरेज और 35 लाख मीट्रिक टन कोल्ड स्टोरेज क्षमता शामिल है। इस अतिरिक्त भंडारण क्षमता से सालाना 18.6 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न और 3.44 लाख मीट्रिक टन बागवानी उत्पादों को बचाया जा सकता है। इस योजना में किसानों को व्यापारी और कारोबारी बनाया जा रहा है। इस योजना के जरिए किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), और अन्य कृषि स्टेकहोल्डर्स को रियायती ब्याज पर ऋण मिलता है। दो करोड़ रुपये का लोन किसान ले सकते हैं। इससे वह कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग और अन्य सुविधाओं का निर्माण कर सकते हैं। इसके अलावा कृषि के क्षेत्र में स्टार्टअप, मार्केटिंग व अन्य कामों के लिए भी इस लोन राशि का उपयोग कर सकते हैं।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (Soil Health Card Scheme)
भारत सरकार ने 19 फरवरी 2015 को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की शुरू की थी। जो केंद्र सरकार की प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है। कृषि सहयोग और किसान कल्याण मंत्रालय, (भारत सरकार) में एकीकृत प्रबंधन प्रभाग की ओर से प्रबंधित योजनाएं हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना भारत सरकार कि एक योजना है। इस योजना का लक्ष्य मिट्टी की गुणवत्ता को बनाए रखना है। देशभर में उर्वरकों और कीटनाशकों के अधिक प्रयोग से मिट्टी की उर्वरकता कमजोर हो रही है। मिट्टी की सेहत पर बुरा असर पड़ा है। ऐसे में मृदा स्वास्थ्य कार्ड के जरिए किसान अपनी खेतों की मिट्टी की जांच करवा सकते हैं। रिपोर्ट के आधार पर वह मिट्टी की सेहत सुधार सकते हैं। इसके लिए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा भी मदद दी जाती है।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का उद्देश्य: किसानों को उनकी मिट्टी की गुणवत्ता और पोषक तत्वों की जानकारी देना है।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की मुख्य विशेषताएं
- हर 3 साल में मिट्टी की जांच की जाती है।
- कार्ड में N, P, K, Zn, S जैसे पोषक तत्वों का विश्लेषण होता है।
- किसानों को सुझाव दिए जाते हैं कि कौन-से उर्वरक और फसलें उपयुक्त हैं।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना से लाभ
- संतुलित उर्वरक प्रयोग से लागत कम।
- उपज और गुणवत्ता में सुधार।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में आवेदन प्रक्रिया
- राज्य के कृषि विभाग या नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र में संपर्क करें।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना (KCC) Kisan Credit Card Scheme
भारतीय बैंकों ने अगस्त 1998 में किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) योजना शुरू की थी। केसीसी योजना का मॉडल नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) ने तैयार किया था। जो आरवी गुप्ता समिति की सिफारिशों को पूरा करती है। जिससे छोटे किसानों को कई फायदे मिल रहे हैं। इसमें किसानों को कम ब्याज पर कर्ज उपलब्ध कराना है। खेती के लिए आसान और त्वरित ऋण किसान कम ब्याज पर हासिल कर लेते हैं। ब्याज दर पर छूट (4% तक की ब्याज दर सब्सिडी) दी जाती है। पहले किसान केसीसी के जरिए तीन लाख रुपये तक के लोन की व्यवस्था थी. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट में किसानों के लिए बडी घोषणा करके किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट तीन लाख रुपये से बढ़ाकर अब पांच लाख रुपये कर दी है। इसमें किसान पशुपालन और मछली पालन के लिए भी ऋण की सुविधा होती है। किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढने से किसान बेहद खुश हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना (KCC) का उद्देश्य: किसानों को अल्पकालिक और सस्ती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराना है।
KCC की मुख्य विशेषताएं
- ₹3 लाख तक का ऋण 4% ब्याज दर पर।
- ऋण का उपयोग बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और पशुपालन के लिए किया जा सकता है।
- कार्ड बैंक से ATM की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
KCC के लिए आवेदन प्रक्रिया
- नजदीकी बैंक शाखा से फॉर्म भरें।
- ज़मीन के दस्तावेज़, आधार कार्ड, पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक।
KCC से लाभ
- फसल के लिए तुरंत पूंजी उपलब्ध।
- साहूकारों पर निर्भरता कम होती है।
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना क्या है?
👉 A: केंद्र सरकार की ओर से सन 2019 में शुरू की गई यह योजना लघु और सीमांत किसानों को प्रति वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं। यह आर्थिक मदद की रकम तीन किश्तों में सीधे लाभार्थी बैंक खाते में पहुंचती है।
Q: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का उद्देश्य क्या है?
👉 A: केंद्र सरकार की यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदा, कीट और रोगों से फसल हानि होने पर वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
Q: कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) योजना के तहत क्या लाभ मिलते हैं?
👉 A: केंद्र सरकार की किसानों, एफपीओ और कृषि स्टेकहोल्डर्स को कोल्ड स्टोरेज, गोदाम निर्माण आदि के लिए ₹2 करोड़ तक रियायती ब्याज पर ऋण मिलता है।
Q: मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में क्या-क्या जांच होती है?
👉 A: केंद्र सरकार की इस योजना में मिट्टी का पोषक तत्व जैसे नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P), पोटैशियम (K), जिंक (Zn) और सल्फर (S) की जांच होती है।
Q: किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना क्या है और इसका लाभ क्या है?
👉 A: मोदी सरकार की यह योजना किसानों को कम ब्याज दर पर ₹5 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराती है, जिसका उपयोग खेती, पशुपालन और मछली पालन में किया जा सकता है।

