RFOI Awards 2024: उत्तर प्रदेश में आगरा के प्रगतिशील किसान युवराज परिहार को ‘मिलियनेयर फार्मर ऑफ इंडिया 2024’ में ‘द्वितीय रिचेस्ट फार्मर ऑफ इंडिया’ का अवॉर्ड मिला है। युवराज परिहार एक आदर्श हैं। उनकी सफलता की कहानी अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है। कैसे एक युवा किसान ने स्मार्ट खेती, विविधीकरण और टेक्नोलॉजी से 50 करोड़ की कृषि आय अर्जित की? किसान अपनी मेहनत और लगन से सिर्फ अन्नदाता नहीं, उद्योगपति भी बन सकता है। आइए, अंतरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किसान युवराज परिहार की रणनीति और सफलता की कहानी जानते हैं।
आगरा, उत्तर प्रदेश
RFOI Awards 2024: भारत एक कृषि प्रधान (Agricultural Country) देश है। यहां पर कृषि हमेशा से एक अहम व्यवसाय है। प्रगतशील किसान (Progressive Farmers) और मेहनती किसान ही देश को खाद्य सुरक्षा प्रदान रहे हैं। देश के तमाम किसान पारंपरिक खेती (Traditional Farming) के साथ ही कृषि में नए विचार और तकनीक का इस्तेमाल करके खेत से करोड़ों तक का सफर तय कर रहे हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं आगरा के प्रगतशील किसान युवराज परिहार की। जिन्होंने कृषि को विज्ञान, प्रबंधन और बाज़ार की समझ के साथ जोड़कर इसे उद्योग बना। जिससे ही उन्हें RFOI Awards 2024 में “India’s Second Richest Farmer” का खिताब मिला है। जो किस्मत नहीं, बल्कि सालों की मेहनत, नवाचार और सीखने की लगन है। प्रगतिशील (Progressive Farmers) किसान युवराज परिहार (RFOI Awards 2024) की मेहनत, लगन, नई सोच और दूरदर्शिता और रणनीति के बारे में जानते हैं।
बता दें कि आईसीएआर की ओर से प्रायोजित ‘मिलियनेयर फार्मर ऑफ इंडिया 2024’ (Millionaire Farmer of India Awards 2024) में प्रगतिशील किसान युवराज परिहार को मंगलवार रात मिलियनेयर फार्मर ऑफ इंडिया अवार्ड्स 2024 में ‘द्वितीय रिचेस्ट फार्मर ऑफ इंडिया’ का अवार्ड (RFOI Awards 2024) दिया गया है। ये पुरुस्कार उन्हें केंद्रीय मंत्री (Union Minister Nitin Gadkari) नितिन गडकरी और अन्य अतिथियों ने प्रदान किया।
जानें कौन हैं युवराज परिहार ?
उत्तर प्रदेश में आगरा जिले के शमशाबाद स्थित गांव बांगुरी में डॉ. भानु प्रताप सिंह परिहार और शांति देवी के यहां पर प्रगतिशील किसान युवराज परिहार का जन्म हुआ। परिवार में कृषि कार्य को प्रमुखता से नहीं किया जाता था। लेकिन युवराज परिहार और उनके बडे भाई राजेश परिहार बचपन से ही खेतों में काम करने की आदत से परिचित थे। जब उन्होंने कृषि क्षेत्र में कदम रखा तो उन्होंने देखा कि पारंपरिक तरीके से खेती करने वाले किसानों को मुनाफा बहुत कम मिलता है। यही कारण था कि युवराज परिहार ने खेती को केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक व्यवसाय और नई दिशा के रूप में अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद कृषि क्षेत्र में नए बदलाव लाने की ठानी। नई सोच, तरीके और तकनीक से खेती शुरू की।
| जानकारी | विवरण |
|---|
| नाम | युवराज परिहार |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| कुल कृषि भूमि | 180 एकड़ (खरीद + पट्टे पर |
| सालाना टर्नओवर | 50 करोड़ रुपये (कृषि + प्रोसेसिंग + एग्री-बिजनेस) |
| सम्मान | RFOI 2024 में भारत के दूसरे सबसे अमीर किसान घोषित |
RFOI Awards 2024: आगरा के दूसरे होंगे प्रोत्साहित
आगरा के बिचपुरी स्थित कृषि विज्ञान (Krishi Vigyan Kendra, Bichpuri, Agra) केंद्र के अध्यक्ष व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि प्रगतिशील किसान युवराज परिहार को यह दूसरा बड़ा पुस्कार मिला है। जिससे जिले के दूसरे किसान प्रोत्साहित होंगे। युवा किसानों को प्रेरणा मिलेगी। किसान युवराज परिहार लंबे समय से कृषि विज्ञान केंद्र बिचुपरी से जुड़े हैं। जो कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से जरूरी जानकारी और सलाह लेते हैं। पूर्व में भी गुजरात के गांधीनगर में आयोजित इंटरनेशनल पोटैटो कॉन्क्लेव में किसान युवराज परिवार को ‘बेस्ट पोटैटो ग्रोवर और एक्सपोर्टर’ के पुरुरस्कार मिला था।
🚜 खेती का आधुनिक मॉडल
फसल विविधीकरण (Diversification)
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पारंपरिक: गेहूं, मक्का, सरसों
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आधुनिक: शिमला मिर्च, टमाटर, फूलगोभी, आलू
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वर्ष भर आय देने वाली फसलें
उन्नत तकनीक का उपयोग
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ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकलर सिस्टम
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ट्रैक्टर GPS मॉड्यूल से लैस
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ड्रोन से फर्टिलाइज़र और कीटनाशक का छिड़काव
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सॉयल हेल्थ कार्ड आधारित पोषण योजना
खेती की शुरुआत और व्यवसाय का विस्तार (Start of farming and expansion of business)
प्रगतिशील किसान (Progressive Farmer Yuvraj Parihar) युवराज परिहार ने बताया कि आज से 22 साल पहले कृषि व्यवसाय में कदम रखा था। परिवार के पास 400 एकड़ ज़मीन है। मैंने सबसे पहले आलू, गोभी और मूंग जैसी महत्वपूर्ण फसलों की खेती शुरू की। जिनकी बाजार में अच्छी डिमांड रहती है। इसके साथ ही उन्होंने खेती को ब्रांडिंग और व्यवसाय का हिस्सा भी बनाया। उन्होंने ‘डॉ बीपीएस’ नामक ब्रांड की शुरुआत की। जो उनके व्यापार और कृषि में एक पहचान बन चुका है। किसान युवराज परिहार बताते हैं कि खेती के साथ-साथ मैंने व्यवसाय में विस्तार किया। जिसके चलते ही मैंने तीन कोल्ड स्टोरेज (cold storages) और दो फॉर्म हाउस (farm houses in Agra) आगरा में बनवाए। जिससे मेरी फसलें अच्छे से संरक्षित होने लगीं. इसके बाद बाजार में डिमांड और बेहतर मूल्य मिलने पर फसलों को कोल्ड स्टोरेज और फार्म हाउस से बाजार में भेजने लगा। जिससे अच्छा मुनाफा होने लगा। ऐसे में कृषि के क्षेत्र में नए युवा भी आएं। यूथ को शिक्षा और कृषि संकाय में बेहतर एजुकेशन के लिए मैंने पांच कॉलेज भी खोले हैं। जहां पर युवा बेहतर शिक्षा पा रहे हैं।
💡 युवाओं के लिए सीख: क्या कर सकते हैं नए किसान ?
| रणनीति | विवरण |
|---|---|
| भूमि कम हो तो? | कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग या पट्टे पर खेत लें |
| बजट कम हो तो? | सरकारी योजनाओं का लाभ लें (PM FME, NABARD आदि) |
| ज्ञान की कमी हो तो? | कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) |
📊 युवराज परिहार की आय का स्ट्रक्चर
| स्रोत | प्रतिशत आय |
|---|---|
| मुख्य फसलें | 40% |
| प्रोसेसिंग यूनिट | 30% |
| एग्री-मार्केटिंग (D2C) | 15% |
| बीज उत्पादन और सप्लाई | 15% |
एग्री बिजनेस का टर्नओवर 50 करोड रुपये पहुंचा (Turnover of agri business reached 50 crore rupees)
युवा किसान युवराज बताते हैं कि मेरे एग्री बिजनेस (agri business) का टर्नओवर 50 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. यदि मेरे सभी व्यापारों को मिलाकर टर्नओवर की बात करें तो कारोबार लगभग 100 करोड़ रुपये है। जो एक मेहनत, व्यवसाय में नए प्रयोग और टीम वर्क का नतीजा है।
🧭 दूसरे किसान क्या सीख सकते हैं ?
🔹 Risk Diversification
सिर्फ एक फसल पर निर्भर न रहें; सब्ज़ी, फल, प्रोसेसिंग भी करें।
🔹 Technology Adoption
स्मार्ट खेती से लागत घटती है और उत्पादन बढ़ता है।
🔹 Market Linkage
मंडी पर निर्भरता कम करें; सीधे ग्राहकों से जुड़ें।
🔹 Brand Building
अपनी पहचान बनाएं — Local to Vocal जाएं।
अंतरराष्ट्रीय पहचान के साथ ही पीएम मोदी ने थी सराहना (Along with international recognition, PM Modi had also praised him)
किसान युवराज परिहार ने बताया कि सन 2020 में गुजरात के गांधीनगर में आयोजित इंटरनेशनल पोटैटो कॉन्क्लेव में ‘बेस्ट पोटैटो ग्रोवर और एक्सपोर्टर’ का अवार्ड मिला था। जिसमें भारत के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और वर्चुअल रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे। तब पीएम मोदी ने मेरी नई सोच और मेहनत की सराहना की थी। इससे पहले मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर, मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स, नाफेड और हाफेड से कई सम्मान मिले हैं। इसके अलावा, उन्होंने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों से भी पुरस्कार प्राप्त किए हैं।
🧠 किसान युवराज परिहार की सफलता के 5 मंत्र
- निरंतर सीखना: हर सीज़न नई तकनीक अपनाना
- साहसिक निवेश: खेत में ट्रैक्टर नहीं, ड्रोन ख़रीदा
- टीमवर्क: 15 लोगों की प्रोफेशनल टीम बनाई
- डिजिटल फार्मिंग: सारे रिकॉर्ड डिजिटल
- साझा खेती: छोटे किसानों को साथ जोड़कर ग्रुप बनाना
RFOI Awards 2024: सामाजिक कार्य और भविष्य की दिशा (Social work and future direction)
युवा किसान युवराज परिहार का कहना है कि मेरा सपना सिर्फ व्यवसाय करना नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में बदलाव लाना है। मैं चाहता हूं कि खेती सिर्फ मिट्टी में हाथ डालने का नाम नहीं, अब यह टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट और मार्केटिंग का खेल है। युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में अधिक से अधिक मौके हैं। युवा नई सोच, तरीके और तकनीकि को अपनाकर अच्छा मुनाफा कमाएं। मेरा मानना है कि प्रौद्योगिकी का सही इस्तेमाल करके खेती को एक बहुत लाभकारी उद्योग बनाया जा सकता है। इसके साथ ही अधिक से अधिक किसान सस्टेनेबल फार्मिंग को अपनाएं। जिससे ही भविष्य में कृषि क्षेत्र में और सुधार हो सकेगा।
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q: युवा किसान युवराज परिहार को RFOI Awards 2024 में कौन सा अवॉर्ड मिला है?
A: युवा किसान युवराज परिहार को ‘द्वितीय रिचेस्ट फार्मर ऑफ इंडिया’ का सम्मान मिला है, जो Millionaire Farmer of India 2024 कार्यक्रम में दिया गया है।
Q: किसान युवराज परिहार ने खेती में सफलता कैसे हासिल की?
A: किसान युवराज परिहार ने फसल विविधीकरण, आधुनिक तकनीक (जैसे ड्रोन, GPS ट्रैक्टर), ब्रांडिंग और एग्री बिजनेस मॉडल के जरिए खेती को लाभदायक व्यवसाय में बदला है।
Q: किसान युवराज परिहार का कुल टर्नओवर कितना है?
A: युवा किसान युवराज परिवार का डॉ. बीपीएस ब्रांड हैं. जिसका टर्नओवर 50 करोड़ रुपये है, जबकि कुल कारोबार लगभग 100 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
Q: नए किसान अब युवराज परिहार से क्या सीखें?
A: आगरा ही नहीं आसपास के जिलों के नए किसान को युवा परिवार युवराज परिहार से स्मार्ट खेती, टेक्नोलॉजी अपनाना, मार्केट से सीधा जुड़ना, और ब्रांड बिल्डिंग जैसी रणनीतियाँ सीख सकते हैं, जिससे खेती को एक सफल व्यवसाय बनाया जा सकता है।
Q: युवराज परिहार ने खेती की शुरुआत कब और कैसे की थी?
A: युवा किसान युवराज परिहार ने करीब 22 साल पहले खेती शुरूआत की थी। शुरुआत में उन्होंने आलू, गोभी और मूंग जैसी फसलें उगाईं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग थी। उनकी आय का स्रोत्र इस तरह से समझ सकते हैं.
- मुख्य फसलें (40%)
- प्रोसेसिंग यूनिट (30%)
- एग्री-मार्केटिंग (15%)
- बीज उत्पादन और सप्लाई (15%)