Potatoes Harvesting: उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में आलू की खुदाई शुरु हो गई है। यूपी में आगरा आलू उत्पादन में टॉप पर है। खुदाई से लेकर भंडारण में बरती लापरवाही से 15-20 परसेंट तक आलू खराब हो जाता है। इसलिए, ये खबर आपके लिए हैं। जिससे जहां आलू की क्वालिटी अच्छी रहेगी तो किसानों को बेहतर दाम भी मिलेंगे।
आगरा / लखनऊ, उत्तर प्रदेश.
Potatoes Harvesting: ऐसे ही आलू को सब्जी का राजा नहीं कहते हैं। आलू उत्पादन में भारत की धमक दुनिया जानती है। देश में हर साल लगभग छह करोड़ टन से अधिक आलू का उत्पादन होता है। जिसकी डिमांड दुनिया के तमाम देशों में हैं। यूपी, पंजाब, हरियाणा और गुजरात के आलू में उत्पादन टॉप पर होता है। यूपी की बात करें तो आगरा मंडल में रिकॉर्ड आलू का उत्पादन होता है। अब यूपी में आलू की खुदाई शुरू हो गई है। आलू की खुदाई (Potatoes Harvesting) और आलू के भंडारण को लेकर Kisanvoice ने आगरा के बिचपुरी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (Krishi Vigyan Kendra, Bichpuri, Agra) अध्यक्ष व वरिष्ठ वैज्ञानिक (Senior Scientist Dr. Rajendra Singh) डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान से बात की। जिन्होंने बताया कि फसल की खुदाई से पहले और खुदाई की प्रक्रिया भी अच्छी तरह से की जानी चाहिए। जिससे आलू को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके। आलू विशेषज्ञों की मानें तो आलू की खुदाई और भण्डारण में बरती लापरवाही से 15-20 फीसदी तक आलू खराब हो जाता है। इसलिए, आलू की फसल प्रबंधन बेहद अहम है। आइए, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान से आलू की अच्छी तरह से खुदाई (Potatoes Harvesting) करने और उसके भण्डारण के टिप्स जानते हैं।
Potatoes Harvesting: आलू की खुदाई से पहले ये करें काम (Do this before digging potatoes)
कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि आलू की फसल करीब 90 से 100 दिन की हो गई है। जो लगभग खुदाई के करीब आ गई है। किसान आलू की खुदाई करने लगे हैं। अभी मौसम में अचानक बदलाव हुआ है। ऐसे में आलू की खुदाई से पहले किसानों को 10 से 15 दिन पहले ही आलू की सिंचाई बंद कर देनी चाहिए। इसके साथ ही आल हटाना या डीहॉलिंग करना बेहद जरूरी है। आलू कंदों का छिलका सख्त हो जाएगा। जिससे खुदाई के दौरान आलू कंद का छिलका नहीं टूटेगा। इससे आलू की क्वालिटी अच्छी होगी। इसके साथ ही ये अच्छी क्वॉलिटी का आलू भंडारण के लिए भी बेहतर है।

Potatoes Harvesting: आल हटाना या डीहॉलिंग करना (Removing the aal or deholing)
कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष व (Senior Scientist Dr. Rajendra Singh) वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि आलू की खुदाई से पहले किसान ये देख लें कि यदि आलू आलू के पौधों की पत्तियां पीली पड़ने लगी हैं। इस बार आलू पर पछेती झुलसा का प्रकोप रहा है। इसलिए, आलू की खुदाई जल्द करेंगे तो आलू की फसल खराब नहीं होगी। सबसे पहले आलू खुदाई से 10 दिन पहले आलू के तनों और पत्तियों को काट दें। इसे आल हटाना या डीहॉल्मिंग कहते हैं। जिससे भी कंदों का छिलका और अधिक मजबूत हो जाएगा। इसकी दो विधि हैं। पहली विधि यांत्रिक विधि है। जिसमें हसिया या धारदार उपकरण से मजूदरों की मदद से आल की कटाई की जाए। जिसमें समय अधिक लगता है और रुपये भी अधिक लगते हैं। क्योंकि, ये मजदूरों के जरिए काम किया जाता है। जिसमें अधिक खर्च आता है। ऐसे ही दूसरी विधि मैन्युअल पुलिंग है। मैन्युअल पुलिंग में आल के साथ ही आलू कंद भी मिटटी से बाहर आ जाते हैं। जिससे सूर्य की रोशनी के संपर्क में आने से आलू कंद हरे हो जाते हैं। इसके साथ ही बाजार में अभी कई ऐसी मशीन भी आ चुकी हैं। जिससे आल की आसानी और अच्छी तरह से कटाई की जा सकती है। इसके साथ ही आल की कटाई के लिए किसान रसायनों का उपयोग कर सकते हैं। जो रसायन विधि है। जिसमें आल पर रसायन का छिडकाव करके उसे जलाया जाता है। ये रसायन बाजार में मौजूद हैं। जिन्हें खरीद कर तय औसत में पानी मिलाकर इसका छिडकाव करें। जिससे 7 से 10 दिन में आल जल जाएंगे। इसके बाद आलू की खुदाई आसानी से की जा सकती है।
Potatoes Harvesting: खुरचे, कटे-फटे आलू कंद अलग करें (Separate the scraped, cut and torn potato tubers)
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में उगाए जाने वाले आलू की विशेष देखभाल की जरूरत होती है। आलू की खुदाई एक जटिल प्रक्रिया है। जो देश और दुनियां में अलग अलग तरह से की जाती है। आलू की खुदाई में सबसे अहम भूमिका खेत की नमी और खुदाई मशीन की होती है। ट्रैक्टर चालित आलू की खुदाई मशीन सबसे अधिक फायदेमंद होती हैं। ये आलू की अच्छी तरह से खुदाई करते हैं। जिससे आलू कंद को कम नुकसान होता है। इसलिए, आलू की खुदाई से पहले मशीन का चयन करना बेहद जरूरी है। आलू की खुदाई मैन्युअल या यांत्रिक उपकरणों से कर रहे हैं तो ये ध्यान रखें कि खुदाई में आलू कंदों को कटने या खरोंच से बचाने का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि खुरचे, कटे-फटे आलू कंदों का भंडारण करेंगे तो आलू जल्द सड़ जाएंगे। किसानों से अपील है कि वे 90 दिन वाली आलू की फसल की खुदाई 15 मार्च तक पूरी करने की कोशिश करें।

Potatoes Harvesting: पोटैटो डिगर मशीन से खुदाई आसान और सस्ती (Digging with potato digger machine is easy and cheap)
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान बताते हैं कि आलू की खुदाई मैन्युअल रूप से या पोटैटो डिगर मशीन की मदद करें। यदि आलू की खुदाई कृषि यंत्र से की है तो आलू में चिपकी मिट्टी को आसानी से हटाई जा सकती है। पोटैटो डिगर मशीन की मदद से खुदाई जल्द और अच्छी होती है। जिससे समय और लागत दोनों की बचत होती है। जो ट्रैक्टर से जुड़कर काम करती है। आलू से चिपकी मिट्टी को भी आसानी से अलग कर देती है।
Potatoes Harvesting: आलू के भंडारण से पहले करें काम (Work to do before storing potatoes)
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि यह भी बताया कि बदलते तापमान का आलू की पैदावार पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। लेकिन अगर अधिक बारिश होती है, तो खेत में मौजूद आलू सड़ने का खतरा बढ़ सकता है। आलू की खुदाई के बाद कंदों को छाया में रखें। ताकि अधिक गर्मी से आलू को खराब होने से बचाया जा बच सके। इसके साथ ही उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था होनी चाहिए। आलू को प्रकाश के सीधे संपर्क से बचाना चाहिए। क्योंकि, सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने से आलू कंद हरे हो जाते हैं। आलू के छिलके के मजबूती से बनने के बाद कंदों की छंटाई करें। जिसमें रोगग्रस्त, कटे या क्षतिग्रस्त आलू अलग कर दें। आमतौर पर ये प्रक्रिया यांत्रिक उपकरणों की मदद से करें। जिससे खरोंच और कटाव को न्यूनतम किया जा सके। भंडारण के लिए आलू का परिवहन सुबह जल्दी या देर शाम करें। जिससे आलू का तापमान नियंत्रित रहे।

Potatoes Harvesting: आलू भंडारण का तरीका (Method of Potato Storage)
- आलू की खुदाई के बाद कटे-फूटे और खराब आलू अलग कर दें।
- आलू की खुदाई के बाद उसे ढेर लगाकर 10-15 दिनों के लिए रखें।
- आलुओं को ऊपर से ढक कर रखने से आलू हरे नहीं होंगे।
- खुदाई के बाद आलूओं को ठंडी और हवादार जगह पर रखें।
- आलुओं को भंडारण करने से पहले उनकी क्वालिटी देखें।
- आलुओं को बोरियों में भरकर ठंडे गोदाम में भेजें।
- आलू को प्याज़ और सेब के पास ना रखें, नहीं तो आलू को खराब हो जाएंगे।
- आलू भंडारण के लिए आदर्श तापमान और आर्द्रता
- आलू भंडार के दौरान शीतगृह में तापमान 0-4 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता 75-80 प्रतिशत होनी चाहिए।
- भंडारण के दौरान आलू को ठंडे गैरेज या शेड में भी रखा जा सकता है।
- आलू को रेफ़्रिजरेटर में नहीं रखना चाहिए।
- आलू भंडारण में ये उपाय अपनाएं।
- आलू को छेदने या चोट पहुंचाने से जरूर बचाएं।
- खुदाई के बाद आलू को धूप से दूर रखें।
- आलू को बर्लेप या तिरपाल के नीचे रखें।
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