Home लेटेस्ट न्यूज Maize Production: योगी सरकार दे रही किसानों को मक्के के बीज पर 15000 रुपये की सब्सिडी, ये रखा लक्ष्य
लेटेस्ट न्यूज

Maize Production: योगी सरकार दे रही किसानों को मक्के के बीज पर 15000 रुपये की सब्सिडी, ये रखा लक्ष्य

maize-production-yogi-government-is-giving-subsidy-of-rs-15000-on-maize-seeds-to-farmers
https://kisanvoice.in/
Maize Production: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हर तरह की मक्का के बीज पर किसानों को प्रति क्विंटल बीज पर 15000 रुपए की दर से अनुदान दिया जा रहा है। जिसमें संकर, देशी पॉप कॉर्न, बेबी कॉर्न तथा स्वीट कॉर्न के बीज भी शामिल किए हैं।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश।

Maize Production: आप और हम सबने बचपन में एक खूब सुनी है। जो “हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी, राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी। ” जिसमें मक्का को रानी और किसान को राजा कहा गया है। योगी सरकार में ये पहेली सच होती दिख रही है। सरकार की मंशा है कि वैज्ञानिक तरीके से बहुउपयोगी मक्का फसलों की खेती करके उसे असल में रानी बनाकर इसकी खेती करने वाला हर किसान राजा बन सके। इस पर पूरा जोर है। जिसको लेकर ही योगी सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और किसानों को खुशहाल करने के लिए अनुदान योजना शुरू की है। इसके साथ ही मक्का के उत्पादन का भी सरकार ने लक्ष्य तय कर दिया है।

https://twitter.com/spshahibjp/status/1895791377109414306

बता दें कि योगी सरकार ने मक्का विकास कार्यक्रम के तहत अनुदान की योजना तैयार की है। योगी सरकार ने मक्का के हर तरह के बीजों पर किसानों को प्रति क्विंटल बीज पर 15000 रुपए की दर से अनुदान देना शुरू किया है। सरकार ने इस अनुदान में संकर, देशी पॉप कॉर्न, बेबी कॉर्न तथा स्वीट कॉर्न के बीज भी शामिल किए हैं। क्योंकि, उत्तर प्रदेश में पर्यटक खूब आते हैं। ऐसे में जहां पर पर्यटकों की संख्या अधिक है। उन क्षेत्रों में देशी पॉप कॉर्न (Pop Corn), बेबी कॉर्न (Baby Corn) और स्वीट कॉर्न (Sweet Corn) की अधिक मांग रहती है। इसलिए, योगी सरकार ने मक्का विकास कार्यक्रम की शुरूआत की है।

Maize Production: राज्य स्तरीय कार्यशाला में तमाम मुद्दों पर चर्चा (Discussion on all issues in the state level workshop)
(Photo Credit: Kisan Voice)
Maize Production: राज्य स्तरीय कार्यशाला में तमाम मुद्दों पर चर्चा (Discussion on all issues in the state level workshop)

योगी सरकार ने एक्सटेंशन प्रोग्राम के तहत वैज्ञानिकों को जगह-जगह किसान गोष्ठियों में जाकर किसानों को मक्का के उत्पादन और पैदावार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीते माह में भी राज्य स्तरीय कार्यशाला हुई थी। जिसमें तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई थी। जिसमें सरकार ने ये चर्चा थी कि किसानों के लिए ये योजनाएं कैसे अधिकतम लाभदायक बनाई जाएं।

Maize Production: यूपी में 27.30 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य (Target to increase to 27.30 lakh metric tonnes in UP)

दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दूसरे कार्यकाल में मक्का उत्पादन (Maize Production) का लक्ष्य सन 2027 तक दोगुना करने का रखा है। इस तय अवधि में मक्का उत्पादन बढ़ाकर 27.30 लाख मीट्रिक टन करना है। जिसके चलते ही सरकार का पूरा जोर प्रदेश में मक्का का रकबा बढ़ाने के साथ प्रति हेक्टेयर मक्का का प्रति क्विंटल उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए ही योगी सरकार ने “त्वरित मक्का विकास योजना” शुरू की है। जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2023/2024 में 27.68 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

Maize Production: प्रदेश में अभी 8.30 लाख हेक्टेयर में मक्का की खेती (Maize is cultivated in 8.30 lakh hectares in the state)
(Photo Credit: Kisan Voice)
Maize Production: प्रदेश में अभी 8.30 लाख हेक्टेयर में मक्का की खेती (Maize is cultivated in 8.30 lakh hectares in the state)

उत्तर प्रदेश की बात करें तो अभी करीब 8.30 लाख हेक्टेयर में मक्का की खेती की जाती है। जिससे मक्का का कुल उत्पादन करीब 21.16 लाख मीट्रिक टन रहता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस उत्पादन को अधिक करने के लिए जो योजना बनाई है। उसमें सरकार की मदद भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान से सम्बद्ध भारतीय मक्का संस्थान कर रहा है। यूपी के साथ ही देश की बात करें तो धान और गेहूं के बाद ये खाद्यान्न की तीसरी प्रमुख फसल है। जिसकी उप्र में उपज और रकबा बढ़ाकर 2027 तक का लक्ष्य ​तय किया गया है।

Maize Production: उत्तर प्रदेश के किसानों को अधिकतम लाभ होगा (Uttar Pradesh farmers will get maximum benefit)

मक्का की खेती की बात करें तो अब एथेनॉल (Ethanol) के रूप में भविष्य में अपार संभावनाएं और बढ़ी हैं। कहें तो मक्का के पोषक तत्वों की बात करें या उपयोगिता की बात करें। जिसकी बेहतर उपज की बात करें या सहफसली खेती या औद्योगिक प्रयोग की है। हर मौसम (रबी, खरीफ एवं जायद) और जल निकासी के प्रबंधन वाली हर तरह की भूमि में मक्का की खेती का जवाब नहीं है। मक्का का प्रयोग ग्रेन बेस्ड एथेनॉल उत्पादन (Ethanol Production) करने वाली औद्योगिक इकाइयों, कुक्कुट एवं पशुओं के पोषाहार, दवा, कॉस्मेटिक, गोद, वस्त्र, पेपर और अल्कोहल इंडस्ट्री में भी खूब प्रयोग होता है। बाजार में मक्का के आटा, ढोकला, बेबी कॉर्न और पॉप कॉर्न भी लोग खूब पसंद करते हैं। किसी न किसी रूप में हर सूप का हिस्सा मक्का रहती है। ऐसे में ही मक्का की हर क्षेत्र में संभावनाएं अधिक हैं। आगे आने वाले समय में मक्का की खेती बहुउपयोगी होगी। क्योंकि, मक्के की मांग बढ़ेगी तो इसकी अधिक खेती की जाएगी। जिसका फायदा उत्तर प्रदेश के किसानों को अधिकतम लाभ होगा। इसके लिए सरकार ने मक्का की खेती के प्रति किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। किसानों को मक्का की खेती के उन्नत तौर-तरीकों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही मक्का के सीड रिप्लेसमेंट (बीज प्रतिस्थापन) की दर को भी बढ़ाया जा रहा है। जिससे किसानों के मक्का की खेती करने पर उपज अधिक होने के साथ ही इस फसल का सही मूल्य भी किसानों को मिले। इसके लिए सरकार पहले ही मक्का की खेती को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के दायरे में ला चुकी है।

Maize Production: इसलिए, अनाजों की रानी है मक्का (Therefore, maize is the queen of grains)
(Photo Credit: Kisan Voice)
Maize Production: इसलिए, अनाजों की रानी है मक्का (Therefore, maize is the queen of grains)

मक्का की बात करें तो इसमें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं। मक्का की बात करें तो इसमें कार्बोहाइड्रेट, शुगर, वसा, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल मिलता है। इसलिए, हर प्रदेश में मक्का की खेती से कुपोषण के खिलाफ जंग भी सही तरीके से लडी जा रही है। मक्का की खूबियों की वजह से इसे अनाजों की रानी कहते हैं। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो उन्नत खेती के जरिए मक्का की प्रति हेक्टेयर उपज 100 क्विंटल तक लेना भी संभव है। यदि हम मक्का की प्रति हेक्टेयर सर्वाधिक उत्पादन लेने वाले तमिलनाडु की बात करें तो वहां पर मक्का की औसत उपज 59.39 कुंतल है। जबकि, भारत में मक्का की औसत उपज 26 कुंतल है। यदि हम उत्तर प्रदेश की बात करें तो मक्का की खेती में औसत उपज 2021-22 में 21.63 कुंतल प्रति हेक्टेयर रही थी।

Maize Production: सरकार दे रही ड्रायर मशीन पर सब्सिडी (Government is giving subsidy on dryer machine)
(Photo Credit: Kisan Voice)
Maize Production: सरकार दे रही ड्रायर मशीन पर सब्सिडी (Government is giving subsidy on dryer machine)

बता दें कि मक्का की तैयार फसल में करीब 30 फीसदी तक की नमी होती है। ऐसे में किसानों को मक्का के उत्पादन करने पर उसे सुखाने का उचित और बेहतर बंदोबस्त करना होता है। ऐसा नहीं करने पर मक्का में फंगस लगने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए, सरकार की ओर से मक्का की पैदावार की नमी सुखाने के लिए अनुदान पर ड्रायर मशीन उपलब्ध कराने काम किया जा रहा है। सरकार ने इस ड्रायर मशीन पर अच्छा अनुदान देने की योजना बनाई है। सरकार 15 लाख की खरीद पर करीब 12 लाख अनुदान दे रही है। कोई भी किसान निजी रूप से या उत्पादक संगठन भी ये ड्रायर मशीन खरीद सकता है। इसी तरह पॉप कॉर्न मशीन पर भी 10 हजार का अनुदान भी सरकार की ओर से दिया जा रहा है। इसके साथ ही मक्का की बोआई से लेकर प्रोसेसिंग संबंधित अन्य मशीनों पर भी इसी तरह के कई अनुदान की सरकारी योजनाएं हैं। प्रदेश सरकार प्रगतिशील किसानों को उत्पादन की बेहतर तकनीक जानने के लिए प्रशिक्षण के लिए भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान भी भेजती रहती है।

Maize Production: ये हैं मक्का की उन्नत किस्में (These are the improved varieties of maize)

वैज्ञानिकों ने देश में मक्का की अच्छी पैदावार को लेकर कई प्रजातियां तैयार की हैं। जो कृषि जलवायु क्षेत्र के अनुसार उन्नत प्रजातियां हैं। जिनका उसी क्षेत्र के हिसाब से बुवाई का समय तय किया गया है। यदि हम मक्का की उन्नत किस्मों की बात करें तो इसमें डंकल डबल, कंचन 25, डीकेएस 9108, डीएचएम 117, एचआरएम-1, एनके 6240, पिनैवला, 900 एम और गोल्ड समेत अन्य प्रजातिया हैं। जिनकी उत्पादकता ठीक ठाक रहती है। वैसे तो मक्का 80-120 दिन में तैयार हो जाती है। मगर, पॉपकॉर्न के लिए यह सिर्फ 60 दिन में ही तैयार हो जाता है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

International Potato Center In Agra will start soon
लेटेस्ट न्यूज

International Potato Center In Agra: आलू किसानों को मिलेगी सौगात, ये बोले योगी सरकार के मंत्री

International Potato Center In Agra: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र...