'बारिश और नगर निगम के नालों का गंदा पानी कई गावों के खेतों में भरा हुआ है। इससे किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। गांवों में भी गंदा पानी घुस गया, जिससे गलियां पानी से लबालब हैं। लोगों में सक्रमण का खतरा बना हुआ है। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।'
आगरा, उत्तर प्रदेश
Agra News: आगरा में पिछले तीन साल से नगर निगम की मनमानी का दंश किसान झेल रहें है। अब किसानों और ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है। इसको लेकर किसानों आंदोलन की तैयारी की कर ली है। किसान नेताओं ने 22 सितंबर को जल समाधि लेने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि बहुत हो गई मनमानी, अब आश्वासन नहीं कार्रवाई चाहिए। किसानों के घर और खेतों में पानी भरा रहेगा तो उनका क्या होगा ? न खाने के लिए कुछ खेतों में होगा और न उनका आशियाना बचेगा। नालों का गंदा पानी संक्रमण को भी फैला सकता है। बारिश का मौसम है वैसे भी संक्रमण का खतरा रहता है।
बिचपुरी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित किसान दिवस (kisan divas) में किसानों ने ये ऐलान बुधवार को किया। किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने बताया कि नगर निगम के ग्वालियर रोड नाले, सैमरी नाले और देवरी एसटीपी का गंदा पानी रोहता नाले में बह रहा है। रोहता नाले की क्षमता 40 क्यूसेक है, जबकि 200 क्यूसेक के करीब पानी बह रहा है। इससे रोहता, पचगाईं, खेड़ा पचगाईं और देवरी के खेतों में पानी भर रहा है। वहीं रोहता नाला ओवरफ्लो होने से नगला सरूप, नगला पदमा, बरपुरा के घरों में पानी भरने लगा है। गलियां पानी से लबालब हैं, लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नगरायुक्त को दिया किसानों ने अल्टीमेटम (Farmers gave ultimatum to Nagar Aayukt)
किसान और किसान नेताओं ने बताया कि नगर विभाग पिछले दो महीनों से नगर निगम को नोटिस दिये जा रहे हैं। इसके बाद भी नाले और एसटीपी के पानी को बंद नहीं किया है। एक फिर से अधिशासी अभियंता ने नोटिस दिया है। किसान नेता श्याम सिंह चाहर का कहना है कि वह किसानों और क्षेत्रीय जनता के साथ जल समाधि लेंगे। नगर विभाग के अधिशासी अभियंता करन पाल सिंह और नगर आयुक्त को अल्टीमेटम दिया है जल्दी समस्या का समाधान नहीं किया तो 22 सितंबर को जल समाधि लेंगे। किसानों की सैकड़ों बीघा फसल पानी भरने से बर्बाद हो गई है।
यूपी सरकार किसानों को दे मुआवजा (UP Government give compensation to farmers)
किसान संघ के प्रदेश महासचिव मोहन सिंह चाहर का कहना है कि बारिश से किसानों की फसलें बाजरा, ज्वार, मक्का, मिर्च, टमाटर, सेम, काशीफल आदि पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। बारिश से पीड़ित किसानों को यूपी सरकार 50 हजार रुपये प्रति बीघा का मुआवजा दे। इससे किसानों की आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके।

कोल्ड स्टोरेजों में 70 प्रतिशत आलू (70 percent potatoes in cold storages)
समाजसेवी गीतम सिंह भगौर ने कहा है कि अभी कोल्डस्टोरेज में 70 प्रतिशत आलू रखा है। कहीं विभाग की लापरवाही से किसान बर्बाद तो नहीं हो जाएंगे। पीड़ित किसान जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि विभाग के कर्मचारियों ने अपने नजदीकी किसानों के नाम रजिस्टर में पहले से लिख लिए हैं। समाजसेवी सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि गौशालाओं में गोवंश की हालत खराब है। गौशाला संचालक मनमानी करने लगे हैं।
इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
किसान दिवस में उप निदेशक कृषि पुरुषोत्तम कुमार मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सिंह, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक रविंद्र कुमार, पशुपालन विभाग से डॉ. संजीव कुमार, नहर विभाग के एसडीओ नाहर सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत राघव, सिंचाई विभाग से सत्येंद्र कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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