International Potato Center In Agra: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र सरकार ने आगरा को इंटरनेशनल आलू केंद्र की
सौगात दी है। जो आगरा दिल्ली हाईवे पर स्थित गांव सींगना में स्थापना किया जाएगा। जिसको लेकर आगरा के सर्किट हाउस में बीते दिनों
विभागीय अधिकारियों के साथ विभागीय मंत्रियों ने समीक्षा बैठक की। उत्तर प्रदेश में नौ क्लाइमेटिक जोन बनाए हैं। इन क्लाइमेटिक जोन के
हिसाब से आलू उत्पादन करने के लिए आलू बीज मिलेगा। जिससे किसानों की समृद्धि का द्वार खुलेगा.
आगरा, उत्तर प्रदेश.
International Potato Center In Agra: उत्तर प्रदेश के आलू किसानों (Farmers) के लिए अच्छी खबर है। योगी सरकार ने आगरा में स्थापित की जाने वाली इंटरनेशनल पोटेटो सेंटर (International Potato Center In Agra) की शाखा के लिए बजट घोषित है। योगी सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह और वन, पर्यावरण मंत्री (Environment Minister) डॉ. अरुण कुमार बुधवार को आगरा आए थे। दोनों ही मंत्रियों ने आगरा में सर्किट हाउस में अधिकारियों से साथ बैठक की। जिसके बाद आगरा-दिल्ली हाईवे पर स्थित सींगना में अंतर राष्ट्रीय आलू केंद्र (International Potato Center In Singana) का स्थलीय निरीक्षण किया। पहले सीपीआई के बारे में जानें लें।
📈 भारत का आलू उत्पादन: एक नजर में
| वर्ष | उत्पादन (लाख टन) | यूपी का योगदान | हानि (%) |
|---|---|---|---|
| 2022 | 532 | 137 | ~18% |
| 2023 | 548 | 141 | ~20% |
| 2024 | 580 (अनुमानित) | 145+ | ~22% |
( Note: 🔍 20% उत्पादन भंडारण और रोगों के कारण खराब हो जाता है — जिसे वैज्ञानिक तकनीकों से घटाया जा सकता है।)
इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर (CIP) क्या है ?
इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर (International Potato Center) या सीपीआई, एक अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थान है। जिसकी स्थापना 1971 में पेरू (दक्षिण अमेरिका) में हुई थी। यह संस्थान वैश्विक स्तर पर आलू और शकरकंद की खेती, नस्ल सुधार, पोषण, जैव विविधता और खाद्य सुरक्षा पर काम करता है। CIP, CGIAR (Consultative Group on International Agricultural Research) नेटवर्क का हिस्सा है, जो विश्व की कृषि शोध संस्थाओं का सबसे बड़ा नेटवर्क है। जिसकी एक शाखा उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थापित की जा रही है। क्योंकि, भारत के आलू उत्पादन में यूपी अकेले ही 24% से अधिक होता है। जो आगरा, एटा, मथुरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद समेत अन्य जिलों में होता है।
देश के किसानों को मिलेंगे ये 7 फायदे
- नवीन और रोग प्रतिरोधक किस्मों का विकास
- झुलसा रोग, आलू कटुआ और अन्य समस्याओं का निदान
- कोल्ड स्टोरेज तकनीक और भंडारण समाधान
- आलू प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन की ट्रेनिंग
- निर्यात योग्य किस्मों की पहचान और बाजार उपलब्धता
- डिजिटल खेती और सटीक कृषि तकनीकों का विस्तार
- युवा उद्यमियों के लिए स्टार्टअप सहयोग और निवेश
यहां कृषि मंडी और ट्रांसपोर्ट की अच्छी सुविधाएं मौजूद
उद्यान कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, कृषि निर्यात विभाग एवं वन, पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार और राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने सर्किट हाउस में मीडिया से रूबरू होने पर कहा कि सींगना में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (International Potato Center In Agra) की स्थापना हेतु सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है। इसके बाद राजकीय उद्यान प्रक्षेत्र सींगना का स्थलीय निरीक्षण किया। सींगना में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र की स्थापना हेतु अब तक हुई प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
📌 International Potato Center का आगरा में केंद्र क्यों?
| कारण | विवरण |
|---|---|
| ✅ भौगोलिक लाभ | यूपी देश का सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य है |
| ✅ वैज्ञानिक सुविधाएं | पंतनगर, IARI, CPRI जैसी संस्थाएं नजदीक |
| ✅ लॉजिस्टिक नेटवर्क | एक्सप्रेसवे, कोल्ड स्टोरेज, मंडी सुविधाएं |
| ✅ किसान आबादी | लाखों किसान आलू उत्पादन से जुड़े हैं |
10 हेक्टेयर भूमि को 99 साल की लीज पर दी (10 hectares of land given on lease for 99 years)
उद्यान कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, कृषि निर्यात विभाग एवं वन, पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि उद्यान विभाग की ओर से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार तथा अन्तर राष्ट्रीय आलू केन्द्र पेरू, लीमा के सहयोग से राजकीय आलू प्रक्षेत्र सींगना में अन्तर्राष्ट्रीय आलू (International Potato Center In Agra) केन्द्र पेरू की शाखा स्थापित की जाएगी। इसके लिए गांव सींगना में 10 हेक्टेयर भूमि को 99 वर्ष के लिए राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड को लीज (पट्टे) पर निःशुल्क दी गई है। जो राजस्व अभिलेखों/खतौनी में भी दर्ज करा दिया गया है। राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केन्द्र का भवन तीन वर्षों के लिए निःशुल्क रूप में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड भारत सरकार, को उपयोग हेतु दिए जाने के निर्देश दिए गये हैं।
7724.44 लाख धनराशि का प्रस्ताव बनाया गया (Proposal of 7724.44 lakhs made)
उद्यान कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, कृषि निर्यात विभाग एवं वन, पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि आगरा में स्थापित होने वाला केन्द्र विश्व में चौथा होगा। इससे पूर्व पेरू, केन्या, चीन में सीआईपी स्थापित किए गये हैं। उक्त केन्द्र की स्थापना के लिए 7724.44 लाख धनराशि का प्रस्ताव उद्यान विभाग को प्रेषित किया गया है। अन्तर राष्ट्रीय आलू केन्द्र के कार्मिकों के आने जाने के लिए सूरसरोवर पक्षी बिहार कीठम के मध्य बनी सड़क का उपयोग विभिन्न शर्तों के अधीन उपयोग करने की अनुमति प्रदान की गई है। उक्त क्षेत्र ईको सेंन्सेटिव जोन घोषित होने के कारण सड़क उपयोग के दूरगामी प्रभाव का अध्ययन न्यायालय एवं बीएनएचएस से अनुमति प्राप्त करने तथा सूरसरोवर पक्षी बिहार में होने वाले दूरगामी प्रभाव का अध्ययन बीएनएचएस या वाइल्ड लाइफ इंन्स्टीट्यूट ऑफ इण्डिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से कराने का अनुरोध किया गया है।
🧪 International Potato Center In Agra में क्या होगा ?
- रोग प्रतिरोधक आलू की किस्मों का विकास
- टिशू कल्चर और बायोटेक प्रयोगशाला
- बीज परीक्षण और उत्पादन केंद्र
- किसानों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम
- प्रोसेसिंग तकनीक और मार्केटिंग सपोर्ट
आधुनिक इंटेलिजेंट इलेक्ट्रॉनिक गेट का निर्माण (Construction of modern intelligent electronic gate)
अन्तर राष्ट्रीय आलू केन्द्र के कार्मिकों के आने जाने हेतु सूरसरोवर पक्षी बिहार कीठम के मध्य बनी सड़क के माध्यम से अनुमति के लिए उप वन संरक्षक, राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी प्रोजेक्ट उप्र आगरा को निर्देशित किया गया है। सूरसरोवर पक्षी विहार से होकर जाने वाले मार्ग का सीमित एवं नियमित प्रयोग अन्तर राष्ट्रीय आलू अनुसंधान संस्थान पेरू की सींगना शाखा में कार्यरत वैज्ञानिकों द्वारा प्रयोग किए जाने हेतु पूर्णतः स्वचालित, आधुनिक इंटेलिजेंट इलेक्ट्रॉनिक गेट का निर्माण, गेट की पूर्णकालिक सुरक्षा व रख-रखाव तथा सुरक्षा श्रमिकों को नियोजित किए जाने के लिए वन विभाग को उद्यान विभाग द्वारा बजट उपलब्ध कराया जायेगा। गेट से आगे की यात्रा हेतु बैट्री चालित अप्रदूषणकारी वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। उक्त कार्य को जल्द सम्पादित किया जायेगा।
👨🌾 International Potato Center In Agra से किसानों को मिलेंगे ये 6 बड़े फायदे
- आलू की नई किस्में तैयार होगीं। जो उच्च उपज और जलवायु अनुकूल होंगी।
- आलू के बीज की गुणवत्ता में वैज्ञानिक सुधार करेंगे।
- जैविक खेती पर शोध और समर्थन
- घरेलू और निर्यात बाजारों तक पहुंच
- आलू प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन प्रशिक्षण
- महिला किसानों के लिए उद्यमिता मॉडल
डबल इंजन की सरकार का किसानों के की आय बढ़ाने जोर (Double engine government’s emphasis on increasing farmers’ income)
मंत्री उद्यान कृषि विपणन ने बताया कि हाल ही में अन्तर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र के महानिदेशक डॉ. साइमन हेक की ओर से केन्द्र की स्थापना के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की गई है। उन्होंने बताया कि जनपद आगरा व उसके आस-पास के पड़ोसी जनपदों में बहुत बड़े क्षेत्रफल में आलू की कृषि की जाती है। इंटरनेशनल आलू केन्द्र की स्थापना से किसानों को विश्व स्तरीय बीज प्राप्त होगा। जिससे गुणवत्ता तथा उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति के साथ आलू उत्पादन की नई तकनीकी भी कृषकों को मिलती रहेगी। डबल इंजन की सरकार किसानों के उपज उत्पादन बढ़ाने और उनकी आय दोगुनी करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उद्यान मंत्री ने कहा कि जनपद आगरा के लिए यह गौरव का विषय है कि यहां अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के केन्द्र की स्थापना होने जा रही है। यहां से तैयार हुए आलू बीज को अन्य देशों में भी निर्यात किया जा सकेगा। मई या जून माह में सींगना स्थित केन्द्र का सीआईपी के बोर्ड के प्रतिनिधि मण्डल का आगमन भी प्रस्तावित है।
🚜 कृषि से व्यापार तक: किसान का भविष्य बदलेगा
इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर केवल शोध का स्थान नहीं होगा। यह किसानों को “उत्पादक” से “उद्यमी” बनने की दिशा में मार्गदर्शन देगा।
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PMFME योजना के तहत प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना
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FPO मॉडल द्वारा सामूहिक विपणन
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Digital Agri Platforms से ऑनलाइन विक्रय
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Startups और Women SHGs को विशेष प्रशिक्षण
🌐 वैश्विक अवसर: भारत से आलू का निर्यात
CIP के जरिए भारत के किसान:
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यूरोपीय यूनियन जैसे देशों में निर्यात योग्य आलू उत्पाद कर पाएंगे।
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GAP (Good Agricultural Practices) प्रमाणन प्राप्त कर सकेंगे।
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बायोफोर्टिफाइड आलू के माध्यम से पोषण सुरक्षा में योगदान दे सकेंगे।
🧠 किसानों के लिए सुझाव
| कार्य | विवरण |
|---|---|
| ✔️ | अपने क्षेत्र के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से जुड़ें |
| ✔️ | टिशू कल्चर और बीज उत्पादन की ट्रेनिंग लें |
| ✔️ | FPO के माध्यम से सामूहिक भंडारण और विक्रय करें |
| ✔️ | ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म (AgriBazaar, DeHaat) का लाभ लें |
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q: इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर क्या है?
👉 A: यह एक वैश्विक शोध संस्थान है, जो आलू की उन्नत किस्में, जैव विविधता और प्रोसेसिंग पर काम करता है।
Q: इस सेंटर से किसानों को क्या फायदा होगा?
👉 A: इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर से किसानों को उन्नत बीज, प्रशिक्षण, प्रोसेसिंग तकनीक और निर्यात के अवसर मिलेंगे।
Q: केंद्र की स्थापना कब तक होगी?
👉 A: मई या जून 2025 तक CIP बोर्ड का प्रतिनिधि मंडल आगरा आएगा, स्थापना प्रक्रिया जारी है।
Q: इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर का आगरा में क्यों चयन किया गया?
👉 A: आगरा को इसलिए चुना गया, क्योंकि उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य है। आगरा व आसपास के जिले (जैसे मथुरा, एटा, मैनपुरी) में बड़े पैमाने पर आलू की खेती होती है। इसके अलावा यहां अच्छी परिवहन, मंडी और कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं भी हैं।
Q: क्या छोटे किसान और महिला किसान भी इससे लाभ ले सकते हैं?
👉 A: हां, यह केंद्र छोटे किसानों, महिला किसानों और युवाओं के लिए विशेष स्टार्टअप सहयोग, प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास के अवसर प्रदान करेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।