Home लेटेस्ट न्यूज Fake Fertilizers and Pesticides: किसानों को बर्बाद करवा रहा है अधिकारियों का ये काम! पढ़ें खबर
लेटेस्ट न्यूज

Fake Fertilizers and Pesticides: किसानों को बर्बाद करवा रहा है अधिकारियों का ये काम! पढ़ें खबर

Fake Fertilizers and Pesticides
https://kisanvoice.in/
Fake Fertilizers and Pesticides: अन्नदाता को बर्बाद करने में माफिया कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। नकली खाद, ब्रांडेड पैकिंग में घटिया किस्म के बीज और दवाओं का कारोबार महानगर, शहर, कस्बों से लेकर गांवों तक पहुंचा। केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही हैं तो वहीं माफिया बर्बाद करने में पूरी ताकत झोंक दी है। जुड़ें kisanvoice के कैंपेन से…

आगरा/लखनऊ, उत्तर प्रदेश

Fake Fertilizers and Pesticides: भले ही देश और यूपी में किसानों की आत्महत्या (suicides of farmers in India) का आंकड़ा अब कम हो गया है, लेकिन उनका तनाव आज भी कम नहीं हुआ है। इसके पीछे कहीं न कहीं उनकी फसलों का उत्पादन है। पूरी लागत के बाद भी किसानों को पूरा उत्पादन नहीं मिल पाता है। किसान की बात करें तो मेहनत और फसलों में लागत की कोई कमी नहीं करते हैं। जब फसल की पैदावार सामने आती है तो उनका दिल टूट जाता है। जिस तरह से नकली खाद (Fake Fertilizers) , ब्रांडेड पैकिंग में घटिया किस्म के बीजों और दावों का कारोबार बढ़ रहा है। उससे किसानों के सामने विकराल स्थिति पैदा हो रही है। किसान नेताओं ने सरकार से मांग की है कि नकली खाद (Fake Fertilizers and Pesticides) , घटिया किस्म के बीजों और दवाओं के कारोबार पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। यदि ऐसा समय रहते नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में किसने की रुचि खेतीबाड़ी में कम हो सकती है। आइए, kisanvoice के विशेष कैंपेन में जानते हैं कि नकली खाद और बीज को लेकर किसान क्या कहते हैं…

केंद्र और प्रदेश सरकारें किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए तमाम योजनाएं चला रहीं हैं। देश के अनुसंधान केंद्रों में कम लागत में ज्यादा पैदावार देने वाले बीजों को विकसित किया जा रहा है। वैज्ञानिक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने और जैविक खाद एवं दवाओं का इस्तेमाल करने पर सरकारें जोर दे रही हैं। वहीं बाजार में माफिया नकली खाद, (Fake Fertilizers and Pesticides) नकली दवाएं और घटिया किस्म के बीजों को खपा रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक, मानसिक और व्यवसायिक नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे उत्पादों से फसलों की लागत पूरी होने के बाद भी उत्पादन किसानों को काम ही मिल रहा है।

ये भी पढ़ें… Mustard Crops: सरसों की पहली सिंचाई कब करें ? और कौन सी खाद दें ? 90% किसानों को नहीं पता

कोई गारंटी नहीं डीएपी असली है या नकली (There is no guarantee whether DAP is real or fake)
(Photo Credit: Kisan Voice)

कोई गारंटी नहीं डीएपी असली है या नकली (There is no guarantee whether DAP is real or fake)

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) आगरा के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानियां का कहना है कि डीएपी की जिले में भारी कमी है। जिसके चलते किसान मुश्किलों में घिर गए हैं। लेकिन सरकार इन समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। डीएपी खाद की उपलब्धता न होने से किसानों को पड़ोसी राज्यों से 1,650 रुपये प्रति बोरी पर खरीदना पड़ रहा है। उनका कहना है कि किसानों को इतनी भारी कीमत चुकाने के बाद भी इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि डीएपी असली है या नकली (Fake Fertilizers and Pesticides) है। नकली डीएपी के डर से किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

माफियाओं पर कृषि अधिकारियों का संरक्षण (Protection of agricultural officers on mafias)
(Photo Credit: Kisan Voice)
माफियाओं पर कृषि अधिकारियों का संरक्षण (Protection of agricultural officers on mafias)

आगरा के किसान नेता श्याम सिंह चाहर कहते हैं कि कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा नकली खाद, घटिया किस्म के बीजों और नकली दवाओं का कारोबार करने वालों पर कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। अपनी जेब गर्म करने में जिम्मेदार अधिकारी लगे हुए हैं। किसी भी दोषी को जेल नहीं भिजवाया। केवल अधिकारी दिखावा कर रहे हैं। इसे किसान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। नकली डीएपी की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है। ऐसे लोगों पर कृषि विभाग के अधिकारियों का संरक्षण बना हुआ है।

ये भी पढ़ें… Success Story: गांव-गांव सेहत की चौपाल लगा रही दीप्ति, 4 साल में 4000 महिलाएं की हेल्थ एजुकेट

Fake Fertilizers and Pesticides: सरकारी तंत्र की मिलीभगत से नकली खाद बीज का कारोबार
(Photo Credit: Kisan Voice)
Fake Fertilizers and Pesticides: सरकारी तंत्र की मिलीभगत से नकली खाद बीज का कारोबार

आगरा के किसान नेता सोमवीर यादव का कहना है कि नकली डीएपी खाद एवं नकली दवाओं का कारोबार सरकारी तन्त्र की मिलीभगत से खूब फल-फूल रहा है। इस ओर शासन-प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। जो लोग इस कारोबार में संलिप्त हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। नहीं, तो किसानों पर दोहरी मार झेलते रहेंगे। क्योंकि, उनकी फसल में लागत पूरी लग रही है। मगर, पैदावार बेहद कम है।

नकली दवाओं से किसानों में सांसों पर संकट
(Photo Credit: Kisan Voice)
नकली दवाओं से किसानों में सांसों पर संकट (Fake medicines cause breathing problems in farmers)

आगरा के बिचपुरी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि फसलों में नकली कीटनाशकों, खरपतवार नाशकों एवं अन्य रासायनिक दवाओं का लगातार इस्तेमाल खेत की मृदा को बंजर बना सकता है। इससे खाद्य जनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। जिनमें मौजूद खतरनाक कैमिकल के अवशेष वायुजनित और जलजनित बीमारियों का भी कारण बन सकते हैं। नकली कीटनाशकों के कारण किसानों को श्वांस संबंधी रोग हो सकते हैं। श्वांस लेने से कैमिकल फैफडों में जाएगा। जिससे श्वसन संबंधी रोग का खतर अधिक रहता है।

ये भी पढ़ें… Stubble Burning: केंद्र ने जुर्माना किया दोगुना, अब ₹30 हजार देना होगा

Fake Fertilizers and Pesticides: पक्का बिल लेने के बाद मुआवजा संभव
(Photo Credit: Kisan Voice)
Fake Fertilizers and Pesticides: पक्का बिल लेने के बाद मुआवजा संभव (Compensation possible after getting a confirmed bill)

आगरा के प्रभारी जिला कृषि रक्षा अधिकारी व जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सिंह का कहना है कि किसान लाइसेंस वाली दुकान से ही खाद, बीज और दवाएं खरीदें। इसके साथ ही खाद, बीज और कीटनाशक के खरीदने वाली दुकान के दुकानदार से पक्का बिल जरूर लें। यदि किसान दुकानदार से पक्का बिल प्राप्त करता है तो नुकसान होने की स्थिति में वह अपने उपभोक्ता अधिकारों का उपयोग कर सकता है। कृषि विभाग की ओर से ऐसे में दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। पक्का बिल होने से पीड़ित किसान को मुआवजा मिलना संभव है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

International Potato Center In Agra will start soon
लेटेस्ट न्यूज

International Potato Center In Agra: आलू किसानों को मिलेगी सौगात, ये बोले योगी सरकार के मंत्री

International Potato Center In Agra: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र...