Home लेटेस्ट न्यूज Electricity Privatisation in UP: हजारों बिजली कर्मियों ने शक्तिभवन घेरा, ये किया ऐलान #kisan
लेटेस्ट न्यूज

Electricity Privatisation in UP: हजारों बिजली कर्मियों ने शक्तिभवन घेरा, ये किया ऐलान #kisan

electricity-privatisation-protest-shakti-bhawan-up
https://kisanvoice.in/
Electricity Privatisation in UP: उत्तर प्रदेश में बिजली निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया है। बिजली कर्मचारियों ने बिजली निजीकरण के ​विरोध में प्रदेश की राजधानी में स्थित शक्तिभवन पर विरोध प्रदर्शन किया।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश.

Electricity Privatisation in UP: उप्र में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (Dakshinchal Vidyut Vitran Nigam) और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम (Purvanchal Vidyut Vitran Nigam) के निजीकरण (Electricity Privatisation in UP) के विरोध में बिजली कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं। आक्रोशित बिजली कर्मचारी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बिजली कर्मचारियों ने निजीकरण को ट्रांजेक्शन कंसलटेंट (Transaction Consultant) नियुक्त करने के लिए प्री-बिडिंग कॉफ्रेंस के विरोध में गुरुवार को देश भर में लाखों बिजली कर्मचारियों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किये। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हजारों की तादाद में बिजली कर्मियों ने शक्तिभवन (Shakti Bhawan in Lucknow) घेर लिया। कर्मचारियों ने नारेबाजी की। अपनी निजीकरण के विरोध की मांग को लेकर जबर्दस्त प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति ने ऐलान किया है कि बिजली के निजीकरण का निर्णय वापस होने तक लगातार संघर्ष जारी रहेगा। अब 24 और 25 जनवरी को बिजली कर्मी पूरे दिन काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। इसके साथ ही भोजनावकाश या कार्यालय समय के उपरान्त विरोध सभायें करेंगे। 25 जनवरी को संघर्ष समिति के नये चरणों की घोषणा करेगी।

बता दें कि योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण (Electricity Privatisation in UP) की घोषणा है। इसके बाद से ही प्रदेश के बिजली कर्मचारियों में आक्रोश है। प्रदेश में बिजली कर्मचारी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विद्युत कर्मचारी संघ के संघर्ष समिति और नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स (National Coordination Committee of Electricity Employees and Engineers) ने उप्र और चंडीगढ़ में बिजली के निजीकरण के विरोध में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। जिसके चलते ही गुरुवार यानी 23 जनवरी को यूपी की राजधानी समेत अन्य प्रदेशों की राजधानी में बिजली निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किया।

Electricity Privatisation in UP: बिजली पंचायत के बाद शक्तिभवन पर किया प्रदर्शन (Protest at Shakti Bhawan after Bijli Panchayat)
(Photo Credit: Kisan Voice)
Electricity Privatisation in UP: बिजली पंचायत के बाद शक्तिभवन पर किया प्रदर्शन (Protest at Shakti Bhawan after Bijli Panchayat)

बता दें कि उत्तर प्रदेश में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण करने का सरकार ने ऐलान किया है। तभी से बिजली कर्मचारी विरोध में उतर आए हैं। बिजली कर्मचारी लगातार बिजली निजीकरण (Electricity Privatisation in UP) का विरोध में जिला मुख्यालय, कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बाद अलग अलग शहरों में बिजली पंचायत (Bijali Panchayats) की गईं। उत्तर प्रदेश में लगातार बिजली कर्मचारी काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

Electricity Privatisation in UP: देश के इन शहरों में हुईं विशाल सभाएं (Huge meetings held in these cities of the country)

नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रीसिटी इम्प्लॉइज एण्ड इंजीनियर्स (National Coordination Committee of Electricity Employees and Engineers) के लिए निर्णय के मुताबिक, गुरुवार को यूपी और चंडीगढ़ में बिजली के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियन्ताओं ने देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। बिजली के निजीकरण के विरोध में देश के सभी प्रदेशों की राजधानियों में विशाल प्रदर्शन किये गये। जिसमें श्रीनगर, जम्मू, पटियाला, शिमला, देहरादून, चंडीगढ़, जबलपुर, गांधीनगर, मुम्बई, रायपुर, कोलकाता, रांची, गुवाहाटी, चेन्नई, बेंगलूरू, विजयवाड़ा, हैदराबाद, त्रिवेंद्रम में बड़ी सभायें भी हुईं।

Electricity Privatisation in UP: शक्तिभवन मुख्यालय पर अधिकारियों की बैठक नहीं हुई (No meeting of officials was held at Shakti Bhawan headquarters)

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक (Convener of the Electricity Employees United Sangharsh Samiti Shailendra Dubey) शैलेंद्र दुबे ने बताया कि उप्र की राजधानी लखनऊ में हजारों बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी और अभियन्ता गुरुवार सुबह 10 बजे से ही शक्तिभवन पहुंचने लगे थे। सुबह करीब 11 बजे तक हजारों बिजली कर्मियों ने शक्तिभवन मुख्यालय घेर लिया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि शक्तिभवन मुख्यालय में बिजली निजीकरण को ट्रांजेक्शन कन्सलटेंट नियुक्त करने के लिए प्री-बिडिंग कॉफ्रेंस 11ः30 बजे होनी थी। बिजली कर्मियों के शक्तिभवन घेर लेने के बाद शक्तिभवन में कोई प्री-बिडिंग कॉफ्रेंस की बैठक नहीं हो पायी।

Electricity Privatisation in UP: पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन निजीकरण की जल्दी में (Power Corporation chairman in a hurry for privatisation)
(Photo Credit: Kisan Voice)
Electricity Privatisation in UP: पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन निजीकरण की जल्दी में (Power Corporation chairman in a hurry for privatisation)

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी जितेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि यह पता चला है कि पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन ने किसी अन्य स्थान पर अपने चहेते कंसलटेंट्स के साथ गुपचुप मीटिंग की है। चूंकि प्री-बिडिंग कॉफ्रेंस के लिए निर्धारित स्थान शक्तिभवन मुख्यालय घोषित किया गया था। अतः किसी अन्य स्थान पर की गयी कोई भी मीटिंग नियमानुसार पूरी तरह से असंवैधानिक है। ऐसा लगता है कि पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन निजीकरण की इतनी जल्दी में हैं कि उन्हें वैधानिक प्रक्रिया का भी ज्ञान नहीं रहा।

Electricity Privatisation in UP: चेयरमैन की चुनिंदा कन्सल्टेंट्स से गुप्त बैठक (Chairman’s secret meeting with selected consultants)

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि अब ये जानकारी मिली है कि किसी अन्य स्थान पर उन्होंने कुछ चुनिंदा कन्सल्टेंट्स से कोई गुप्त बैठक की है। उप्र जैसे देश के सबसे बड़े प्रान्त में 42 जनपदों की विद्युत वितरण व्यवस्था का निजीकरण यदि इस प्रकार कुछ पूर्व निर्धारित निजी घरानों के साथ प्रक्रिया को ताक पर रखकर किया जा रहा है तो यह बहुत बड़े घोटाले का संकेत दे रहा है। संघर्ष समिति का मानना है कि बिजली कर्मचारियों का प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी पर पूरा विश्वास है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से अपील की है कि वे निजीकरण के मामले में प्रभावी हस्तक्षेप करने की कृपा करें। जिससे इस मामले में पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन को मनमाने ढंग से कार्य करने से रोका जा सके। निजीकरण की प्रक्रिया वापस हो।

Electricity Privatisation in UP: यूपी के इन जिलों में हुई विरोध सभाएं (Protest meetings held in these districts of UP)
(Photo Credit: Kisan Voice)
Electricity Privatisation in UP: यूपी के इन जिलों में हुई विरोध सभाएं (Protest meetings held in these districts of UP)

बिजली कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में गुरुवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ के साथ ही सभी समस्त जिलों और परियोजना मुख्यालयों पर गुरुवार को भोजनावकाश के दौरान लगभग शतप्रतिशत कर्मचारी अपने कार्यालयों से बाहर आये और उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, आजमगढ़, बस्ती, देवीपाटन, अयोध्या, मिर्जापुर, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, बुलन्दशहर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, झांसी, ललितपुर, बांदा, कानपुर, पनकी, जवाहरपुर, हरदुआगंज, एटा, अलीगढ़, पारीछा, आगरा, मथुरा, ओबरा, पिपरी और अनपरा में बड़ी सभायें हुई।

Electricity Privatisation in UP: शक्तिभवन पर विरोध प्रदर्शन में ये रहे शामिल (These people participated in the protest at Shakti Bhawan)

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित शक्तिभवन पर विरोध प्रदर्शन के साथ ही एक विशाल सभा हुई. जिसे संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारियों राजीव सिंह, जितेन्द्र सिंह गुर्जर, गिरीश पांडेय, महेन्द्र राय, सुहैल आबिद, पी.के.दीक्षित, राजेंद्र घिल्डियाल, चंद्र भूषण उपाध्याय, आर वाई शुक्ला, छोटेलाल दीक्षित, देवेन्द्र पाण्डेय, आर बी सिंह, राम कृपाल यादव, मो वसीम, मायाशंकर तिवारी, राम चरण सिंह, मो इलियास, श्रीचन्द, सरजू त्रिवेदी, योगेन्द्र कुमार, ए.के. श्रीवास्तव, के.एस. रावत, रफीक अहमद, पी एस बाजपेई, जी.पी. सिंह, राम सहारे वर्मा, प्रेम नाथ राय, विशम्भर सिंह एवं राम निवास त्यागी ने सम्बोधित किया।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

International Potato Center In Agra will start soon
लेटेस्ट न्यूज

International Potato Center In Agra: आलू किसानों को मिलेगी सौगात, ये बोले योगी सरकार के मंत्री

International Potato Center In Agra: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र...