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Electricity Privatisation in UP: बिजली निजीकरण के विरोध में कल राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन #kisan

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Electricity Privatisation in UP: उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ में बिजली के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारी मोमबत्ती जुलूस निकल रहे हैं तो अब 31 जनवरी को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

लखनऊ / जयपुर / चंडीगढ़।

Electricity Privatisation in UP: उत्तर प्रदेश सरकार, राजस्थान और चंडीगढ़ में बिजली निजीकरण की घोषणा से बिजली कर्मचारी विरोध में उतर आए हैं। यूपी की बात करें तो दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (Dakshinchal Vidyut Vitran Nigam) और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम (Purvanchal Vidyut Vitran Nigam) के निजीकरण (Electricity Privatisation in UP) का ऐलान जब से किया है। तभी से विरोध में बिजली कर्मचारी उतर आए हैं। बिजली कर्मचारी प्रदेश में बिजली निजीकरण के विरोध में आंदोलनरत हैं। आक्रोशित बिजली कर्मचारियों की ओर से अलग अलग जिले और शहर में विरोध सभाएं और प्रदर्शन किए जा रहे हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र (Vidyut Karamchari Joint Sangharsh Samiti, UP)के पदाधिकारियों ने अब बिजली निजीकरण को लेकर विरोध प्रदर्शन की विशेष रणनीति बनाई है। इसको लेकर अब 31 जनवरी यानी शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन उप्र के बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर मे विरोध प्रदर्शन करके मोमबत्ती जुलूस निकालेंगे. मगर, इस दौरान प्रयागराज में दो फरवरी तक कोई आंदोलन नहीं किया जाएगा।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (Vidyut Karamchari Joint Sangharsh Samiti, Uttar Pradesh) उत्तर प्रदेश के संयोजक (convenor Shailendra Dubey) शैलेंद्र दुबे ने बताया कि उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ और राजस्थान में बिजली के निजीकरण के निर्णय के विरोध में 31 जनवरी को देश भर में बिजली कर्मी विरोध प्रदर्शन करेंगे। उत्तर प्रदेश में गुरुवार को प्रदेश के सभी जिले और परियोजनाओं पर बिजली कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन करके मोमबत्ती जुलूस निकाला।

Electricity Privatisation in UP: चंडीगढ़ में मुनाफे की बिजली बेची (Electricity sold at a profit in Chandigarh)
(Photo Credit: Kisan Voice)
Electricity Privatisation in UP: चंडीगढ़ में मुनाफे की बिजली बेची (Electricity sold at a profit in Chandigarh)

नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स (National Coordination Committee of Electricity Employees and Engineers) के निर्णय के अनुसार उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ और राजस्थान में बिजली के निजीकरण की चल रही प्रक्रिया के विरोध में देश के सभी जनपदों और परियोजना मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि मुनाफे में चल रहे चंडीगढ़ के विद्युत विभाग को गोयनका ग्रुप की एमिनेंट इलेक्ट्रिक (Goenka Group’s Eminent Electric Company) कम्पनी को एक फरवरी को सौंपने की तैयारी चल रही है। जिससे पूरे देश के बिजली कर्मचारियों में भारी गुस्सा व्याप्त है। ध्यान रहे कि उप्र के पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम (Purvanchal Vidyut Vitran Nigam) और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (Dakshinchal Vidyut Vitran Nigam) को घाटे के नाम पर बेचने की प्रक्रिया चल रही है। दूसरी ओर मुनाफे में चल रहे चंडीगढ़ के बिजली विभाग की 22 हजार करोड़ रुपए की परिसंपत्तियों को मात्र 871 करोड़ रुपए में बेचा गया है।

Electricity Privatisation in UP: उपभोक्ताओं का मोमबत्ती सहारा बनेगी (Candle will become the support of consumers)

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (Vidyut Karamchari Sanyukt Sangharsh Samiti, Uttar Pradesh) उत्तर प्रदेश के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि आज प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजना मुख्यालयों पर बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों और अभियंताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही प्रदेश में मोमबत्ती जुलूस भी निकाले गए हैं। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मोमबत्ती जुलूस निकालकर आम नागरिकों को यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि बिजली का निजीकरण न रोका गया तो निजी क्षेत्र में बिजली इतनी महंगी हो जाएगी कि उपभोक्ताओं को मोमबत्ती का ही सहारा लेना पड़ेगा।

Electricity Privatisation in UP: मौनी अमावस्या हादसे के श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि अर्पित की (Tribute paid to the devotees of Mauni Amavasya accident)
(Photo Credit: Kisan Voice)
Electricity Privatisation in UP: ट्रांजेक्शन कंसल्टेंट नियुक्त प्रक्रिया अवैधानिक (Process of appointing transaction consultant illegal)

उत्तर प्रदेश में बिजली निजीकरण के विरोध को लेकर नई रणनीति बनाने को लेकर हुई बैठक में संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारी राजीव सिंह, जितेन्द्र सिंह गुर्जर, गिरीश पांडेय, महेन्द्र राय, सुहैल आबिद, पी.के.दीक्षित, राजेंद्र घिल्डियाल, चंद्र भूषण उपाध्याय, आर वाई शुक्ला, छोटेलाल दीक्षित, देवेन्द्र पाण्डेय, आर बी सिंह, राम कृपाल यादव, मो वसीम, मायाशंकर तिवारी, राम चरण सिंह, मो इलियास, श्रीचन्द, सरजू त्रिवेदी, योगेन्द्र कुमार, ए.के. श्रीवास्तव, के.एस. रावत, रफीक अहमद, पी एस बाजपेई, जी.पी. सिंह, राम सहारे वर्मा, प्रेम नाथ राय, विशम्भर सिंह एवं राम निवास त्यागी शामिल हुए. बैठक में वक्ताओं ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण हेतु ट्रांजेक्शन कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया को अवैधानिक बताकर तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

Electricity Privatisation in UP: मौनी अमावस्या हादसे के श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि अर्पित की (Tribute paid to the devotees of Mauni Amavasya accident)

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रयागराज में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में दिवंगत श्रद्धालुओं को बिजली कर्मचारियों ने प्रदेश भर में सभा करके श्रद्धांजलि अर्पित करके शोक व्यक्त किया। इसके साथ ही प्रयागराज कुंभ को लेकर संघर्ष समिति ने वसन्त पंचमी के दिन दो फरवरी तक प्रयागराज में कोई आंदोलन नहीं करने का निर्णय लिया है। प्रयागराज के बिजली कर्मियों ने इतने बड़े हादसे के बाद जिस तरह महाकुम्भ में मौनी अमावस्या के दिन निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखी। इसकी सराहना करनी चाहए। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि पूरे महाकुंभ के दौरान बिजली कर्मी श्रेष्ठतम बिजली आपूर्ति बनाए रखने हेतु संकल्प बद्ध हैं।

Electricity Privatisation in UP: बुद्धि शुद्धि यज्ञ के कार्यक्रम किया स्थगत (Buddhi Shuddhi Yagna program postponed)
(Photo Credit: Kisan Voice)
Electricity Privatisation in UP: बुद्धि शुद्धि यज्ञ के कार्यक्रम किया स्थगत (Buddhi Shuddhi Yagna program postponed)

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि बिजली निजीकरण के विरोध में 31 जनवरी को होने वाले राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन को देखकर संघर्ष समिति ने 31 जनवरी को प्रस्तावित बुद्धि शुद्धि यज्ञ के कार्यक्रम को फिलहाल स्थगत कर दिया है। बुद्धि शुद्धि यज्ञ की अगली तारीख शीघ्र ही घोषित की जाएगी। उप्र में 31 जनवरी और एक फरवरी को समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। 01 फरवरी को अगले कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे।

Electricity Privatisation in UP: तीन गुना होंगी बिजली दरें (Electricity rates will be three times)
(Photo Credit: Kisan Voice)
Electricity Privatisation in UP: तीन गुना होंगी बिजली दरें (Electricity rates will be three times)

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे बताते हैं कि उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था निजी क्षेत्र में गई तो आम उपभोक्ताओं के लिए उत्तर प्रदेश की तुलना में तीन गुना बिजली दरें होने की बात कही है। जिससे उत्तर प्रदेश में भी बिजली का निजीकरण होने पर आम उपभोक्ताओं को तीन गुना बिजली दरें न भुगतनी पड़ें।

Electricity Privatisation in UP: इन जिलों में निकाले गए जुलूस (Processions taken out in these districts)

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (Vidyut Karamchari Samyukta Sangharsh Samiti) उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में गुरुवार शाम को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मध्यांचल मुख्यालय (Madhyanchal Headquarters in Lucknow) पर विरोध सभा हुई। इसके साथ ही शक्ति भवन पर विरोध सभा के बाद मोमबत्ती जुलूस निकाला गया। उत्तर प्रदेश में वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, अयोध्या, देवी पाटन, सुल्तानपुर, बस्ती, आजमगढ़, बरेली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, नोएडा, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, एटा, झांसी, बांदा, परीक्षा ,जवाहरपुर, हरदुआगंज , पनकी , ओबरा एवं हरदुआगंज में विरोध सभा के बाद मोमबत्ती जुलूस निकाले गए।

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