Agri Budget: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के लिए बजट 1.71 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। मोदी सरकार ने ग्रामीण विकास के लिए बजट नहीं बढ़ाया है।
नई दिल्ली।
Agri Budget: केंद्रीय वित्त मंत्री (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) निर्मला सीतारमण ने शनिवार यानी 1 फरवरी 2025 को देश का बजट पेश किया। मोदी सरकार के पेश किए गए 2025-26 के बजट में किसान, महिला, युवा समेत कई वर्गों के लिए बड़ी घोषणाएं की गई हैं। केंद्रीय मंत्री कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के लिए बजट 1.71 लाख करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान किया है। यह बीते साल जारी रकम की तुलना में लगभग 19 हजार करोड़ रुपये अधिक है। केंद्र सरकार ने इस बार दलहन-तिलहन मिशन समेत मखाना और कपास की खेती पर खास फोकस किया। इसके साथ ही सरकार ने बजट में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) को लेकर भी बड़ी घोषणा करके किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) 7.75 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पकालिक लोन की सुविधा जारी रहेगी। बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पीएम धन धान्य कृषि योजना की शुरुआत की। जिससे देश के 1.7 करोड़ किसानों को सीधा लाभ दिए जाने का दावा किया गया है। इस योजना के जरिये कृषि उत्पादकता को बढ़ाने पर ध्यान है।
Agri Budget: लगातार तीसरी बार कृषि बजट बढ़ा (Agriculture budget increased for the third consecutive time)
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि क्षेत्र के लिए जारी होने वाले बजट में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के लिए बजट 1.71 लाख करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान किया है। जो बीते साल के बजट की तुलना में लगभग 19 हजार करोड़ रुपये अधिक है। सरकार ने 2024-15 में 1.52 लाख करोड़ रुपये का बजट दिया था। वहीं, उससे पहले बजट रकम 1.47 लाख करोड़ रुपये आवंटित की गई थी।
Agri Budget: ग्रामीण विकास के लिए नहीं बढ़ा बजट (Budget not increased for rural development)
मोदी सरकार ने इस बार ग्रामीण विकास के लिए इस बार बजट नहीं बढ़ाया है। केंद्रीय मंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य के तहत ग्रामीण विकास के लिए वित्तवर्ष 2025-26 के लिए 2.66 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। ये रकम पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भी तय की गई थी। इस बजट को इस बार सड़क, आवास, ग्रामीण रोजगार और ग्रामीण बुनियादी ढांचा बेहतर करने में खर्च किया जाएगा।

Agri Budget: कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणाएं (Big announcements for agriculture sector)
दलहन-तिलहन और कपास मिशन (Pulses-Oilseeds and Cotton Mission)
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने केंद्रीय बजट 2025-26 भाषण में दालों में ‘आत्मनिर्भरता’ हासिल करने के लिए छह साल के मिशन की घोषणा की है। इसके साथ ही कपास की पैदावार बढ़ाने के लिए भी 6 साल के मिशन का ऐलान किया गया है।
Agri Budget: किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 5 लाख बढ़ाई (Kisan Credit Card limit increased by Rs 5 lakh)
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल के बजट में खेती-किसानी से जुड़ी योजनाओं पर अच्छा खासा ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही साथ ही कृषि से जुड़े क्षेत्रों पर भी सरकार का फोकस है। इसी क्रम में सरकार ने बजट में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) को लेकर भी बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया गया है।
Agri Budget: 4 प्रतिशत ब्याज पर लोन (Loan at 4 percent interest)
बता दें कि किसान क्रेडिट कार्ड की शुरूआत सन 1998 में भारत सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नाबार्ड ने की थी। केसीसी से खेती के अलावा मत्स्य पालक, पशुपालकों भी लाभ मिल रहा है। अब इसकी लिमिट बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है। सरकार अब बढ़ी हुई लिमिट (5 लाख) वाले नए कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड जारी करेगी। इसके साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड पर किसानों को संशोधित ब्याज छूट योजना के तहत अल्प अवधि के लिए 7 प्रतिशत की दर पर 3 लाख रुपये तक का लोन दे रही थी। जिसे समय पर चुकाने पर किसानों का 3 प्रतिशत ब्याज माफ हो जाता था। ऐसे में उनको सिर्फ 4 प्रतिशत ब्याज ही चुकाना होता है। अब ऐसे ही किसानों को 5 लाख रुपये तक का सस्ता लोन मिलेगा।
Agri Budget: मखाना बोर्ड और फूड इंस्टीट्यूट बनाने की घोषणा (Announcement of setting up Makhana Board and Food Institute)
वित्त मंत्री ने कहा कि मखाना की मार्केटिंग के लिए काम किया गया है। इसके लिए एफपीओ का गठन किया जाएगा। सरकार की ओर से बनाए मखाना बोर्ड से छोटे किसानों और व्यापारियों को फायदा होगा। इसके लिए बिहार में मखाना बोर्ड का गठन किया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये भी कहा कि बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना होने से बिहार के लाखों मखाना किसानों को फायदा होगा।
Agri Budget: कृषि उत्पादन बढ़ाने को PM धन धान्य कृषि योजना (PM Dhan Dhanya Krishi Yojana to increase agricultural production)
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीमारमण ने बजट में पीएम धन धान्य कृषि योजना की शुरुआत की। इससे देश के 1.7 करोड़ किसानों को सीधा लाभ होगा। इस योजना के जरिये कृषि उत्पादकता को बढ़ाने पर ध्यान है। राज्यों के साथ सरकार ये योजना चलाएगी। जिससे देश के 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी। इस बजट में इस नई योजना की शुरुआत की गई है। यह योजना कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए शुरू की जा रही है। पीएम कृषि धन्य धान्य योजना के बारे बात करें तो वित्त मंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य फसल विविधीकरण, टिकाऊ खेती के तरीकों, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर कटाई के बाद भंडारण को बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं में सुधार और दीर्घकालिक और अल्पकालिक ऋण दोनों तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देना है। इस पहल से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
Agri Budget: धन्य धान्य योजना शुरू (Dhanya Yojana launched)
पीएम कृषि धन्य धान्य योजना की बात करें तो पहले चरण में 100 जिले इसमें शामिल किए जाएंगे। इसका उद्देश्य फसल विविधीकरण, भंडारण क्षमता में वृद्धि, सिंचाई में सुधार और किसानों के लिए दीर्घावधि और अल्पावधि ऋण की सुविधा प्रदान करना। आज के बजट में दलहन के लिए आत्मनिर्भरता मिशन की शुरुआत की गई है। ये दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता लाने के उद्देश्य से 6 वर्षों तक चलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि असम में यूरिया आपूर्ति को और बढ़ाने के लिए यूरिया प्लांट लगाया जाएगा। असम के नामरूप में 12.7 लाख मीट्रिक टन की वार्षिक क्षमता वाला प्लांट स्थापित किया जाएगा। पूर्वी क्षेत्र में 3 निष्क्रिय यूरिया प्लांट को फिर से खोला गया।
Agri Budget: फल-सब्जियों पर फोकस ( Focus on fruits and vegetables)
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सब्जियों और फलों के लिए बजट में एक व्यापक कार्यक्रम पर प्रकाश डाला। जिसमें लोगों में उनकी पोषण संबंधी आवश्यकताओं के बारे में बढ़ती जागरूकता को स्वीकार किया गया। ये बदलाव एक स्वस्थ समाज को दर्शाता है। जिसमें बढ़ती आय के स्तर के कारण सब्जियों, फलों और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों की खपत में वृद्धि हुई है।
भारत की विकास यात्रा के लिए कृषि प्रथम इंजन (Agriculture is the first engine for India’s development journey)
- बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी।
- उच्च पैदावार वाले बीजों पर राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ किया जाएगा।
- दूसरे 10 लाख जर्मप्लाज्म लाइनों के साथ दूसरे जीन बैंक की स्थापना की जाएगी।
- कपास उत्पादकता के लिए पांच वर्षीय अभियान की घोषणा की गई।
- किसान क्रेडिट कार्ड ऋण सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया गया।
- असम के नामरूप में 12.7 लाख मीट्रिक टन उर्वरक संयंत्र की स्थापना की जाएगी।
- अंडमान तथा निकोबार और लक्षद्वीप द्वीपों पर दीर्घकालिक मत्स्य संवर्धन के लिए नए अनुकूल फ्रैमवर्क पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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