Agra KVK: उत्तर प्रदेश के आगरा के बिचपुरी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) ने एक बार फिर प्रदेश स्तर पर खुद को अग्रणी साबित किया है। ‘किसान सारथी एप’ पर सर्वाधिक किसानों के पंजीकरण कराकर यह केंद्र दूसरी बार सम्मानित हुआ है। जो डिजिटल युग में भारतीय कृषि के भविष्य की एक झलक भी प्रस्तुत की है।
मेरठ, उत्तर प्रदेश
Agra KVK: यूपी में आगरा का कृषि विज्ञान केंद्र (Krishi Vigyan Kendra) नजीर बना हुआ है। दूसरी बार आगरा के कृषि विज्ञान केंद्र (Agra KVK) को अपने बेहतर कार्य और सबसे अधिक किसानों को ‘किसान सारथी एप’ (Kisan Sarathi App) से जोड़ने के लिए सम्मान मिला है। ये सम्मान मेरठ में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में गुरुवार को आए मुख्य अतिथि यूपी सरकार के कृषि राज्य मंत्री बलदेव ओलख (State Minister of Agriculture of UP Government Baldev Aulakh) और अन्य अतिथियों ने वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान (senior scientist Dr. Rajendra Singh Chauhan)को प्रदान किया। इसके साथ ही आगरा केवीके के कार्य की सराहना की गई।
बता दें कि आगरा केवीके के अध्यक्ष व कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान और उनकी टीम की मेहनत और सक्रियता के चलते ही प्रदेश में सबसे अधिक 2.17 लाख किसानों का रजिस्ट्रेशन सरकार के किसान सारथी एप पर हुए हैं। पहले भी इस कार्य के लिए सरकार ने डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान को सम्मानित किया था।
📍 KVK आगरा एक प्रेरणादायक मॉडल
KVK बिचपुरी, आगरा जिले का प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र है, जो अपनी डिजिटल, जैविक और टिकाऊ खेती के लिए राज्यभर में चर्चित है।
🔹 क्यों है यह केंद्र खास?
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किसान सारथी ऐप पर सर्वाधिक पंजीकरण: 2.17 लाख किसान जुड़े
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दो बार राज्य स्तर पर सम्मानित
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प्राकृतिक खेती और डिजिटल खेती का एकीकरण
उत्तर प्रदेश के कृषि विज्ञान केद्रों की मेरठ में तीन दिवसीय 31 वीं वार्षिक क्षेत्रीय कार्यशाला हुई। जिसका उदघाटन प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही (UP Agriculture Minister Surya Pratap Shahi) ने 24 सितंबर को किया था। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिक बदलते मौसम के हिसाब से ऐसी प्रजातियों का विकास करें, जो मौसम अनुकूल हो। अपने अनुभव व ज्ञान को निरंतर आगे बढ़ाते रहें। जिससे अनुसंधान कार्यों को और गतिशीलता प्रदान की जा सके। कार्यशाला में प्रदेश के कई कृषि विज्ञान केंद्रों के अध्यक्षों और वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। वहीं किसान सारथी एप पर प्रदेश में सबसे अधिक किसानों का जोड़ने के लिए आगरा के बिचपुरी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र को पहले स्थान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान केंद्र के अध्यक्ष व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान को प्रदेश के कृषि राज्यमंत्री बलदेव ओलख और कैप्टन विकास गुप्ता ने प्रदान किया। इस अवसर पर उन्हें और उनकी टीम को बधाई और शुभकानाएं दीं।
🌱 प्राकृतिक खेती और जैविक कृषि पर फोकस
आगरा के बिचपुरी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक लगातार किसानों की मदद कर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं।
प्रमुख कार्य
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देसी गाय आधारित घनजीवामृत और जीवामृत निर्माण प्रशिक्षण
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रासायनिक मुक्त खेती पर फील्ड डेमोन्स्ट्रेशन
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महिला किसानों के लिए जैविक खाद निर्माण कार्यशाला
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बायोगैस संयंत्र की स्थापना और प्रशिक्षण
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कृषि यंत्रीकरण प्रशिक्षण (छोटे किसानों के लिए)
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बागवानी और फूलों की खेती
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डेयरी और पशुपालन प्रबंधन
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मशरूम उत्पादन
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मधुमक्खी पालन
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युवा किसानों के लिए एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम
दूसरी बार सम्मान मिला, खुशी दोगुनी
बिचपुरी में आरबीएस कालेज परिसर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि, प्रदेश में किसान सारथी एप पर किसानों के रजिस्ट्रेशन कराया गया था। केवीके बिचपुरी सबसे अधिक 2.17 लाख किसानों का किसान सारथी एप पर पंजीकृत किया था। जिससे बिचपुरी केवीके उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा था। इसके लिए दूसरी बार (Received the honor for the second time) केवीके बिचपुरी को सम्मानित किया गया। मेरठ में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में यूपी सरकार के कृषि राज्यमंत्री बलदेव ओलख, कैप्टन विकास गुप्ता (Captain Vikas Gupta) , अध्यक्ष, उपकार, लखनऊ कुलपति सरदार वल्लभभाई पटेल विश्वविद्यालय, मेरठ (Sardar Vallabhbhai Patel University, Meerut) की उपस्थिति में सम्मान दिया गया।
किसान सारथी एप बेहतर प्लेटफार्म
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने संयुक्त रूप से किसान सारथी एप लॉन्च किया गया है, जो किसानों को उनकी वांछित भाषा में सही समय पर सही जानकारी की सुविधा प्रदान करने का एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
🔶 किसान सारथी एप क्या है?
‘किसान सारथी एप’ एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। इस एप का उद्देश्य किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में वैज्ञानिक, तकनीकी, जलवायु और बाजार से जुड़ी जानकारियां देना है।
👉 इसकी खासियत
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मौसम पूर्वानुमान
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फसल सलाह
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कीट नियंत्रण गाइड
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लाइव चैट सहायता
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सरकारी योजनाओं की सूचना
(Note: बिचपुरी KVK ने 2.17 लाख किसानों का पंजीकरण कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया, जो एक असाधारण उपलब्धि है।)
📱🧑🔬 कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) की महत्वपूर्ण भूमिका
‘किसान सारथी’ भारत सरकार द्वारा विकसित एक मोबाइल ऐप है, जो किसानों को:
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मौसम की जानकारी
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कीट नियंत्रण उपाय
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फसल उत्पादन तकनीक
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बाजार मूल्य
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सरकारी योजनाओं की सूचना देता है, उनकी अपनी भाषा में।
(Note: KVK बिचपुरी ने इस ऐप को गाँव-गाँव तक पहुँचाया और किसानों को डिजिटल साक्षर बनाया।)
प्राकृतिक खेती को ब्रांड बनांए
उप्र सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सरकार की ओर से मक्का की बेबी कॉर्न व स्वीट कॉर्न की खेती करने पर किसानों को 25000 रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे। किसान प्राकृतिक खेती को ब्रांड प्रोडक्ट बनाएं। उसका वैलिडेशन भी करें। गेहूं की उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 50 कुंतल से अधिक करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों पर रबी फसल में क्रॉप कैफेटेरिया की मुख्य फसलों की सभी किस्मों को लगाएं. प्रदेश में दलहनी और तिलहनी फसलों में वर्ष 2017 से 2024 तक 122 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
🔶 कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) क्या है?, देश में 700 से अधिक केवीके का नेटवर्क
कृषि विज्ञान केंद्र भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा संचालित एक संगठनात्मक ढांचा है, जिसका उद्देश्य स्थानीय किसानों को अनुसंधान आधारित तकनीकी जानकारी प्रदान करना है। हर जिले में एक KVK होता है जो क्षेत्रीय कृषि समस्याओं का समाधान करता है। देशभर के 700 से अधिक कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) इस किसान सारथी एप के नेटवर्क से जुड़ गए हैं। इसके माध्यम से दूरदराज के किसानों को जोड़ना आसान हो जाएगा। जिले के केवीके से जुड़े विज्ञानियों से इस प्लेटफार्म पर सवाल पूछे जा सकते हैं।
केवीके की भविष्य में और योजना होगी प्रभावी
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति डॉ. केके सिंह ने कहा कि कृषि में महिलाओं और युवाओं का योगदान बेहद उल्लेखनीय है। हमें प्रति इकाई उत्पादन बढ़ाना होगा। इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के पूर्व उप महानिदेशक कृषि प्रसार डॉ. पी दास ने कहा कि जल, जमीन, जलवायु ओर एवं जंगल को बचाना है। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्रों को और अधिक मॉडर्न व अपनी कार्य दक्षता को और अधिक गतिशील बनाएं। आने वाले समय में कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका और भी अधिक प्रभावी होगी। पूर्व उप महानिदेशक कृषि प्रसार डॉण्क्ट केडी कोकाटे ने कहा कि ड्रोन का प्रयोग और अधिक किसानों के खेतों पर कराया जाए। जिससे कम समय व कम लागत में अच्छी खेती की जा सके ।
52 केवीके पर प्राकृतिक खेती (Natural farming) प्रारंभ
आईसीएआर अटारी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश के कृषि विज्ञान केंद्रों में 17 सेंटर आफ एक्सीलेंस, 7 सीड हब स्थापित किए जा रहे हैं। जबकि 52 कृषि विज्ञान केंद्रों में प्राकृतिक खेती प्रारंभ की जा चुकी है। इस अवसर पर सभी विश्वविद्यालयों के निदेशक प्रसार, कृषि विज्ञान केंद्रों के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक सहित उत्तर प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों ने प्रतिभाग किया।
किसान सारथी एप (Kisan Sarathi App) के फायदे
- खाद्यान्न के साथ ही बागवानी उपज की भी खरीद-बिक्री होगी।
- केवीके के वैज्ञानिकों से इस प्लेटफार्म पर सवाल भी पूछे जा सकेंगे।
- मौसम की जानकारी के साथ ही किसानों को हर संभव सलाह दी जा रही है।
- बुवाई के सही समय, खाद और बीज की सही जानकारी दी जा रही है।
- मंडियों में खाद्यान्न व फल और सब्जियों के भाव की सटीक जानकारी मिल रही।
- फसलों में लगने वाली बीमारियों से बचाव और रोकथाम की सही जानकारी ।
📊 सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
| पहल | प्रभाव |
|---|---|
| किसान सारथी ऐप | डिजिटल साक्षरता में वृद्धि |
| जैविक खेती | लागत में 40% कमी, उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार |
| महिला किसान प्रशिक्षण | ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि |
| बायोगैस संयंत्र | रसोई ईंधन का स्थानीय समाधान |
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q: यूपी में आगरा का कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) क्यों विशेष माना जाता है?
A: आगरा में बिचपुरी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र ने किसान सारथी ऐप पर सर्वाधिक 2.17 लाख किसानों का पंजीकरण कराकर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिसके लिए संस्थान को दो बार राज्य स्तरीय सम्मान मिल चुका है।
Q: किसान सारथी ऐप क्या है ?, इसमें रजिस्ट्रेशन कैसे कराएं
A: भारत सरकार ने एक डिजिटल प्लेटफार्म किसान सारथी ऐप विकसित किया है, जो किसानों को स्थानीय भाषा में खेती, मौसम, कीट नियंत्रण और सरकारी योजनाओं की जानकारी देता है। स्मार्टफोन से कोई भी ऐप डाउनलोड करके किसान अपने आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और जिला चुनकर आसानी से खुद को पंजीकृत कर सकता है।
Q: आगरा का कृषि विज्ञान केंद्र किन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देता है?
A: प्राकृतिक खेती, जैविक खाद, महिला किसान प्रशिक्षण, बायोगैस, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, और कृषि यंत्रीकरण पर।
Q: क्या यह ऐप केवल बड़े किसानों के लिए है?
A: ऐसा नहीं है। किसान सारथी ऐप छोटे, सीमांत और महिला किसानों के लिए भी उपयोगी है। जो आसान भाषा में जानकारी प्रदान करता है।
Q: कृषि विज्ञान केंद्र क्या है और इसकी भूमिका क्या होती है?
A: देश में ICAR की ओर से संचालित कृषि विज्ञान केंद्र एक संस्थान हैं, जो किसानों को प्रशिक्षण, डेमोन्स्ट्रेशन और नवीनतम कृषि तकनीकों की जानकारी देते हैं।
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Is saman ke liye Dr.R.S.Chohan ji Badhiya