मेरठ, उत्तर प्रदेश
यूपी में आगरा का कृषि विज्ञान केंद्र (Krishi Vigyan Kendra) नजीर बना हुआ है। दूसरी बार कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) को अपने बेहतर कार्य और सबसे अधिक किसानों को ‘किसान सारथी एप’ (Kisan Sarathi App) से जोड़ने के लिए सम्मान मिला है। ये सम्मान मेरठ में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में गुरुवार को आए मुख्य अतिथि यूपी सरकार के कृषि राज्य मंत्री बलदेव ओलख (State Minister of Agriculture of UP Government Baldev Aulakh) और अन्य अतिथियों ने वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान (senior scientist Dr. Rajendra Singh Chauhan)को प्रदान किया। साथ ही उनके कार्य की सराहना की गई। वैज्ञानिक डॉ. चौहान और उनकी टीम की मेहनत और सक्रियता के चलते ही प्रदेश में सबसे अधिक 2.17 लाख किसानों का रजिस्ट्रेशन सरकार के किसान सारथी एप पर हुए हैं। पहले भी इस कार्य के लिए सरकार ने डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान को सम्मानित किया था।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के कृषि विज्ञान केद्रों की मेरठ में 31 वीं वार्षिक क्षेत्रीय कार्यशाला हुई। तीन दिवसीय कार्याशाला का उदघाटन प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही (UP Agriculture Minister Surya Pratap Shahi) ने 24 सितंबर को किया था । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिक बदलते मौसम के हिसाब से ऐसी प्रजातियों का विकास करें जो मौसम अनुकूल हो। अपने अनुभव व ज्ञान को निरंतर आगे बढ़ाते रहें। जिससे अनुसंधान कार्यों को और गतिशीलता प्रदान की जा सके। कार्यशाला में प्रदेश के कई कृषि विज्ञान केंद्रों के अध्यक्षों और वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। वहीं किसान सारथी एप पर प्रदेश में सबसे अधिक किसानों का जोड़ने के लिए आगरा के बिचपुरी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र को पहले स्थान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान पत्र केंद्र के अध्यक्ष व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान को प्रदेश के कृषि राज्यमंत्री बलदेव ओलख और कैप्टन विकास गुप्ता ने प्रदान किय। इस अवसर पर उन्हें और उनकी टीम को बधाई और शुभकानाएं दीं।

दूसरी बार सम्मान मिला, खुशी दोगुनी
बिचपुरी में आरबीएस कालेज परिसर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि, प्रदेश में किसान सारथी एप पर किसानों के रजिस्ट्रेशन कराया गया था। केवीके बिचपुरी सबसे अधिक 2.17 लाख किसानों का किसान सारथी एप पर पंजीकृत किया था। जिससे बिचपुरी केवीके उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा था। इसके लिए दूसरी बार (Received the honor for the second time) केवीके बिचपुरी को सम्मानित किया गया। मेरठ में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में यूपी सरकार के कृषि राज्यमंत्री बलदेव ओलख, कैप्टन विकास गुप्ता (Captain Vikas Gupta) , अध्यक्ष, उपकार, लखनऊ कुलपति सरदार वल्लभभाई पटेल विश्वविद्यालय, मेरठ (Sardar Vallabhbhai Patel University, Meerut) की उपस्थिति में सम्मान दिया गया।
किसान सारथी एप बेहतर प्लेटफार्म
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने संयुक्त रूप से किसान सारथी एप लॉन्च किया गया है, जो किसानों को उनकी वांछित भाषा में सही समय पर सही जानकारी की सुविधा प्रदान करने का एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
प्राकृतिक खेती को ब्रांड बनांए
उप्र सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सरकार की ओर से मक्का की बेबी कॉर्न व स्वीट कॉर्न की खेती करने पर किसानों को 25000 रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे। किसान प्राकृतिक खेती को ब्रांड प्रोडक्ट बनाएं। उसका वैलिडेशन भी करें। गेहूं की उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 50 कुंतल से अधिक करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों पर रबी फसल में क्रॉप कैफेटेरिया की मुख्य फसलों की सभी किस्मों को लगाएं. प्रदेश में दलहनी और तिलहनी फसलों में वर्ष 2017 से 2024 तक 122 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
केवीके की भविष्य में और योजना होगी प्रभावी
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति डॉ. केके सिंह ने कहा कि कृषि में महिलाओं और युवाओं का योगदान बेहद उल्लेखनीय है। हमें प्रति इकाई उत्पादन बढ़ाना होगा। इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के पूर्व उप महानिदेशक कृषि प्रसार डॉ. पी दास ने कहा कि जल, जमीन, जलवायु ओर एवं जंगल को बचाना है। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्रों को और अधिक मॉडर्न व अपनी कार्य दक्षता को और अधिक गतिशील बनाएं। आने वाले समय में कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका और भी अधिक प्रभावी होगी। पूर्व उप महानिदेशक कृषि प्रसार डॉण्क्ट केडी कोकाटे ने कहा कि ड्रोन का प्रयोग और अधिक किसानों के खेतों पर कराया जाए। जिससे कम समय व कम लागत में अच्छी खेती की जा सके ।
52 केवीके पर प्राकृतिक खेती (Natural farming) प्रारंभ
आईसीएआर अटारी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश के कृषि विज्ञान केंद्रों में 17 सेंटर आफ एक्सीलेंस, 7 सीड हब स्थापित किए जा रहे हैं। जबकि 52 कृषि विज्ञान केंद्रों में प्राकृतिक खेती प्रारंभ की जा चुकी है। इस अवसर पर सभी विश्वविद्यालयों के निदेशक प्रसार, कृषि विज्ञान केंद्रों के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक सहित उत्तर प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों ने प्रतिभाग किया।
किसान सारथी एप (Kisan Sarathi App) के फायदे
- खाद्यान्न के साथ ही बागवानी उपज की भी खरीद-बिक्री होगी।
- केवीके के वैज्ञानिकों से इस प्लेटफार्म पर सवाल भी पूछे जा सकेंगे।
- मौसम की जानकारी के साथ ही किसानों को हर संभव सलाह दी जा रही है।
- बुवाई के सही समय, खाद और बीज की सही जानकारी दी जा रही है।
- मंडियों में खाद्यान्न व फल और सब्जियों के भाव की सटीक जानकारी मिल रही।
- फसलों में लगने वाली बीमारियों से बचाव और रोकथाम की सही जानकारी ।
700 से अधिक केवीके का नेटवर्क
देशभर के 700 से अधिक कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) इस किसान सारथी एप के नेटवर्क से जुड़ गए हैं। इसके माध्यम से दूरदराज के किसानों को जोड़ना आसान हो जाएगा। जिले के केवीके से जुड़े विज्ञानियों से इस प्लेटफार्म पर सवाल पूछे जा सकते हैं।
Is saman ke liye Dr.R.S.Chohan ji Badhiya