UP Budget 2025: यूपी सरकार ने प्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए उन्नत बीज को बेहतर बनाया जाएगा। इसी मूल मंत्र से सरकार ने नए बीज के उत्पादन और नये शोध के लिए बजट में रफ्तार दी है। इसके लिए किसानों के फायदे के लिए लखनऊ समेत पांच जिलों में सीड पार्क बनेंगे।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश.
UP Budget 2025: योगी सरकार (Yogi government) ने गुरुवार को जारी बजट में किसानों की समृद्धि के लिए उन्नतशील बीज को ही अपना मूल मंत्र माना है। इसलिए, योगी सरकार (UP Budget 2025) ने बीज उत्पादन के साथ ही उन पर नए शोध के लिए बजट का भी प्रावधान किया है। ये योगी सरकार की दूरगामी सोच है। जिसके चलते ही योगी सरकार ने इस साल के बजट (UP Budget 2025) में कृषि क्षेत्र के लिए 9075. 03 करोड़ की राशि तय की है। जिसमें नई योजनाओं के लिए करीब 88.67 करोड़ रुपये दिए हैं। इसी तरह औद्यानिक एवं बागवानी समेत अन्य योजनाओं पर करीब 2302.66 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
योगी सरकार ने 2024 में उत्तर प्रदेश बीज स्वावलंबन नीति 2024 लागू की। जिसमें ही सीड पार्क विकास परियोजना शुरू की है। इसके लिए भी योगी सरकार ने इस बार 251 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इससे लखनऊ सहित पांच जिलों में सीड पार्क बनाए जाएंगे। जिसमें कंपनियां प्रदेश में ही उन्नतशील बीज का उत्पादन करेंगी। इससे किसानों के दो फायदें होंगे। पहला, किसान बीज उत्पादन में भागीदार बनेंगे और दूसरा छोटे किसानों को भी उन्नशील बीज मिल सकेंगे।

UP Budget 2025: यूपी में प्राकृतिक खेती का विस्तार होगा (Natural farming will expand in UP)
सरकार दलहनी एवं तिलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए 50 करोड़ से निशुल्क मिनीकिट का वितरण कराएगी। अभी तक बुंदेलखंड में हो रही प्राकृतिक खेती का पूरे प्रदेश में विस्तार किया जाएगा। इसके लिए बजट में 124 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हालांकि, पहले से चल रही प्रदेश और केंद्रीय सहायता वाली परियोजनाओं को यथावत रखने के लिए इस बजट में कई अहम प्रावधान किए हैं।
UP Budget 2025: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में 79,500 करोड़ (Rs 79,500 crore in Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana)
यूपी सरकार ने कृषि क्षेत्र में शोध को बढावा देने के लिए प्रदेश में 20 नये कृषि विज्ञान केन्द्रों की स्थापना का लक्ष्य तय किया गया है। जिससे प्रदेश में कृषि विज्ञान केंद्रों की संख्या 89 हो जाएगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत करीब तीन करोड़ कृषकों को लगभग 79,500 करोड़ जारी किए गए हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-2025 में लगभग 10 लाख बीमित कृषकों को लगभग 496 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति कर भुगतान कराया गया। ये योजनाएं आगे भी चलती रहेंगी। कृषकों को दुर्घटनावश मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में सहायता के लिए चल रही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना भी पूर्व की तरह चलती रहेगी।

UP Budget 2025: 100 करोड़ रुपये में कुशीनगर में कृषि विवि की स्थापना (Establishment of Agricultural University in Kushinagar for Rs 100 crore)
योगी सरकार ने कुशीनगर में महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया है। कृषि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विभिन्न कार्यों के लिए लगभग 86 करोड़ की व्यवस्था की है। इसी तरह कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयों में शोध कार्यक्रम के लिए 25 करोड़ रुपये दिए गए हैं। अभी तक इस मद में सिर्फ कृषि अनुसंधान से बजट मिलता रहा है। प्रदेश में इस समय पांच कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित हैं।
UP Budget 2025: राष्ट्रीय औद्यानिक एवं बागवानी मिशन पर फोकस (Focus on National Horticulture and Horticulture Mission)
- 720 करोड़ रुपये की ड्रॉप मोर क्रॉप माइक्रो इरीगेशन योजना है।
- 650 करोड़ रुपये से राष्ट्रीय औद्यानिक एवं बागवानी मिशन योजना के लिए की व्यवस्था की गई।
- 300 करोड़ रुपये का उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2022 के तहत प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था के लिए प्रावधान किया गया है।
- 2.15 करोड़ रुपये चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय एवं संबद्ध राजकीय कृषि महाविद्यालय के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए गैर वेतन मद में दिए गए।
- 124 करोड़ रुपये प्राकृतिक खेती को बढावा देने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है।
- 200 करोड़ रुपये की कृषि क्षेत्र की क्षमता एवं कौशल विकास तथा उत्पादन वृद्धि की गई है।
- 200 करोड़ रुपये का विश्व बैंक सहायतित यूपी एग्रीज परियोजना के लिए प्रावधान किया गया है।
- 100 लाख रुपये की उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन योजना में लाख की व्यवस्था की गई है।
UP Budget 2025: बीज पर काम शुरू, खेती से जुड़े अन्य क्षेत्रों पर काम बढ़ाने की जरूरत
यूपी सरकार के कृषि क्षेत्र के बजट को लेकर कृषि विशेषज्ञों से बात की। जिनका कहना है कि कृषि क्षेत्र में दिया गया बजट सरकार की वैज्ञानिक सोच परिलक्षित कर रहा है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या के कुलपति व कृषि विशेषज्ञ डॉ. बिजेंद्र सिंह कहते हैं कि यूपी सरकार के इस बजट से दीर्घकालीन परिणाम सामने आएंगे। सरकार ने बजट में गुणवत्तापरक बीज उत्पादन और शोध पर जोर दिया है। जिससे किसानों का व्यक्तिगत बजट 40 से 50 फीसदी तक लाभकारी होगा। ये बजट खेत और खेती की तकदीर बदलने में अहम है। फिर भी अभी इस क्षेत्र में बहुत कुछ करने की गुंजाइश है। निशुल्क मिनी किट का वितरण करने और उन्नतशील बीज उत्पादन के लिए कदम बढ़ाने से खेती को पंख लगेंगे। किसानों को गुणवत्तापरक बीज मिलेगा तो कम लागत में अधिक उत्पादन होगा।

UP Budget 2025: 400 करोड़ से अधिक की यूपी एग्रीस परियोजना (UP Agri project worth more than 400 crores)
कुलपति व कृषि विशेषज्ञ डॉ. बिजेंद्र सिंह कहते हैं कि कृषि विश्वविद्यालयों में शोध को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है। विश्वबैंक पोषित करीब 400 करोड़ से अधिक की यूपी एग्रीस परियोजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जिससे किसानों को न सिर्फ तकनीकी ज्ञान मिलेगा। बल्कि, किसान खेती में नवाचार करके अपनी आमदनी बढा सकेंगे। कृषि बीज पर फोकस किया जा रहा है। जिससे खेती से जुड़े उद्यान, बकरी पालन, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन समेत अन्य क्षेत्रों में भी गुणवत्तापरक बीज (सीमेन) पर भी काम करने की जरूरत है। इसके साथ ही औद्योगिक और आवासीय विकास हो रहा हैं। ऐसे में किसानों को कम खेत में ज्यादा उत्पादन लेने वाली परियोजनाएं लानी होंगी।
UP Budget 2025: जलवायु परिवर्तन का रखना होगा ध्यान (Climate change has to be taken care of)
कुलपति व कृषि विशेषज्ञ डॉ. बिजेंद्र सिंह कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में लघु एवं सीमांत किसान ज्यादा हैं। जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए कृषि शोध का बजट समय-समय पर बढ़ाने की जरूरत है। मशरूम की खेती के लिए अलग से बजट मिले तो इस दिशा में भी किसान आगे बढ़ सकते हैं। क्योंकि प्रदेश में अभी सिर्फ दो किस्म के ही मशरूम पैदा हो रहे हैं।
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