Farmers Protest: किसान आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ अब किसान नेता की एक बैठक 14 फरवरी को होगी। इस बैठक के नतीजों पर सबकी निगाहें टिकी हुईं हैं। जिससे ही किसान आंदोलन की राह तय होगी। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर का कहना है कि हमें बैठक से अच्छे नतीजे की उम्मीद है। लेकिन, गतिरोध दूर नहीं होता या सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो हमारा विरोध और आंदोलन यूं ही आगे भी जारी रहेगा।
नई दिल्ली।
Farmers Protest: देश में चल रहे किसान आंदोलन 2.0 (Kisan Andolan 2.0) के एक साल पूरे हो गए। अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार (Central Government) और किसान यूनियनों (Farmer Unions) के साथ 14 फरवरी को होने वाली बैठक पर टिकी है। ऐसे में किसान नेता (Farmer Leader Sarwan Singh Pandher) सरवन सिंह पंढेर का कहना है कि अगर केंद्र सरकार ने 14 फरवरी की बैठक में कोई रास्ता नहीं निकला तो किसानों का एक समूह 25 फरवरी को दिल्ली के लिए पैदल मार्च फिर से शुरू करेगा। किसान (Farmers Protest) बातचीत करने से कभी नहीं कतराते हैं।
बता दें कि किसान मजदूर मोर्चा (Kisan Mazdoor Morcha) और एसकेएम (non-political) पिछले एक साल से खनौरी और शंभू बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान आंदोलन 2.0 (Kisan Andolan 2.0) में न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) की लीगल गारंटी समेत कई मांगें की जा रही हैं। किसान आंदोलन करके सरकार पर दबाव बना रहे हैं। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल (Farmer Leader Jagjit Singh Dallewal) अपनी मांगों को लेकर दो माह से अनशन कर रहे हैं।

Farmers Protest: किसान नेता जगजीत डल्लेवाल का आमरण अनशन जारी (Farmer leader Jagjit Dallewal’s fast unto death continues)
किसान आंदोलन 2.0 (Kisan Andolan 2.0) करने वाले किसान कृषि लोन माफी (legal MSP guarantee) के साथ ही कानूनी एमएसपी गारंटी की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही उनकी अन्य मांगे हैं। जिसकी एक पूरी सूची बनाई है। पिछले साल 13 अप्रैल को किसानों ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पार करने का प्रयास किया। दिल्ली जाना चाहते थे। मगर, हरियाणा पुलिस ने किसानों को रोकने प्रयास किया। किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस और फोर्स का इस्तेमाल किया था। इसके बाद से ही किसान दोनों बॉर्डर पर बैठे हैं। किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने अपनी मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया। किसान नेता जगजीत डल्लेवाल 79 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। हालांकि, किसानों के लिए एक बड़ी राहत की बात ये है कि केंद्र सरकार अब किसानों से गतिरोध दूर करने के लिए 14 फरवरी को चंडीगढ़ में किसान मजदूर मोर्चा और एसकेएम (गैर-राजनीतिक) दोनों के साथ बैठक करने जा रही हैं।
Farmers Protest: गतिरोध दूर नहीं हुआ आंदोलन जारी रहेगा (The movement will continue if the deadlock is not resolved)
किसान आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार और किसान यूनियनों के पदाधिकारियों की बैठक हो रही है। जिसमें किसान संगठनों के साथ केंद्र सरकार के प्रतिनिधि वार्ता करेंगे। किसान और केंद्र सरकार के प्रतिनिधि की बैठक के नतीजों पर सबकी निगाहें हैं। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा है कि “हमें बैठक से अच्छे नतीजे की उम्मीद है। लेकिन, एक बात पक्की है कि अगर गतिरोध दूर नहीं होता हैं या सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती है। तो हमारा विरोध और आंदोलन भी आगे जारी रहेगा।”

Farmers Protest: किसानों की संयुक्त आंदोलन की घोषणा (Farmers announce joint movement)
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर (Farmer leader Sarwan Singh Pandher) ने ऐलान किया है कि यदि किसान और केंद सरकार के प्रतिनिधि के बीच वार्ता नाकाम रही तो हम 25 फरवरी को 101 किसानों का जत्था दिल्ली भेजेंगे। विशेष रूप से एसकेएम नेशनल और किसान मजदूर मोर्चा के बीच एक एकता बैठक हुई। ऐसा लगता है कि जल्द ही संयुक्त कार्यक्रम लेकर आएंगे। हालांकि, एसकेएम (गैर राजनीतिक) का कोई प्रतिनिधि इस बैठक में नहीं पहुंचा तो किसान नेता पंढेर ने बताया कि वे कुछ व्यस्त कार्यक्रमों के कारण गैर मौजूद थे। किसान नेता जोगिंदर उग्राहन का कहना है कि “हम आगे बढ़ चुके हैं। हम संयुक्त आंदोलन की घोषणा कर सकते हैं। क्योंकि किसानों के मुद्दे वास्तविक हैं।” संयुक्त कार्यक्रमों की घोषणा करने से पहले हम एक और दौर की बैठक करेंगे।
Farmers Protest: किसान करेंगे 25 को दिल्ली मार्च (Farmers will march to Delhi on 25th)
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर का कहना है कि अगर केंद्र सरकार और किसानों की 14 फरवरी वार्ता सही नहीं रही। वार्ता में यदि कोई रास्ता नहीं निकला तो किसानों का एक समूह 25 फरवरी को दिल्ली के लिए पैदल मार्च फिर से शुरू करेगा। 14 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) (SKM) और किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्र सरकार की चंडीगढ़ में मीटिंग होने वाली है।

Farmers Protest: संयुक्त किसान मोर्चा को लेकर बैठक (Meeting regarding Samyukta Kisan Morcha)
बता दें कि 18 जनवरी को कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रिय रंजन के नेतृत्व में केंद्र के एक हाई लेवल कमेटी ने एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और केएमएम को बातचीत के लिए न्योता दिया था। किसान नेता पंढेर ने कहा कि एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और केएमएम के किसान नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल 12 फरवरी को एकता वार्ता में संयुक्त किसान मोर्चा को लेकर बैठक हुई थी।
Farmers Protest: किसानों की 3 महापंचायत (3 Mahapanchayats of farmers)
इस बीच, एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और केएमएम की 11 फरवरी को राजस्थान के रतनपुरा में महापंचायत हुई। इसके साथ ही खनौरी बॉर्डर पर 12 फरवरी को महापंचायत हुई। इसके साथ ही शंभू बॉर्डर 13 फरवरी) पर ‘किसान महापंचायत’ आयोजित होगी। ये महा पंचायत लगातार चले आ रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन के एक साल पूरे होने आयोजित की जा रही हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान पिछले साल 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हैं। यहां पुलिस फोर्स ने इन किसानों को आगे बढ़ने और दिल्ली में आने से रोक दिया था। इसके बाद किसान बॉर्डर पर बैठ गए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
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