Electricity Privatisation in UP: उत्तर प्रदेश में बिजली निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन और तेज होने वाला है। इसको लेकर राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन की रणनीति बनाई जा रही है।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
Electricity Privatisation in UP: उत्तर प्रदेश सरकार, राजस्थान और चंडीगढ में बिजली निजीकरण (Electricity Privatisation) का विरोध चल रहा है। यूपी में बिजली निजीकरण की घोषणा से बिजली कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। यूपी सरकार ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (Dakshinchal Vidyut Vitran Nigam) और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम (Purvanchal Vidyut Vitran Nigam) के निजीकरण (Electricity Privatisation in UP) का ऐलान किया है। इससे ही यूपी में बिजली कर्मचारी लम्बे समय से बिजली निजीकरण के विरोध में आंदोलनरत हैं। आक्रोशित बिजली कर्मचारी अलग-अलग जिले और शहर में सोमवार को विरोध सभाएं और प्रदर्शन किया। इसको लेकर बिजली कर्मचारियों ने यूपी में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन (Nationwide Protest) कर चुके हैं। अब दोबारा से बिजली निजीकरण के विरोध में राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। जिससे निजीकरण के आंदोलन को और धार दी जा सके।
बता दें कि बिजली के निजीकरण के विरोध में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ में कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स (National Coordination Committee of Electricity Employees and Engineers) ने यूपी के साथ ही प्रदेश के अन्य प्रांतों में बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं ने बिजली के निजीकरण के विरोध में जोरदार विरोध प्रदर्शन किए।

Electricity Privatisation in UP: प्रयागराज में बिजली कर्मी महाकुंभ तक आंदोलन नहीं करेंगे (Electricity workers will not protest till Maha Kumbh in Prayagraj)
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (Vidyut Karamchari Sanyukt Sangharsh Samiti, UP,) उप्र के संयोजक (convenor Shailendra Dubey) शैलेंद्र दुबे ने बताया कि निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों की विरोधी सभाएं जारी हैं। उत्तर प्रदेश में सोमवार को भी बिजली के निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किए गए हैं। ये विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम जारी रहेगा। प्रयागराज में बिजली कर्मी महाकुंभ तक कोई आंदोलन नहीं करेंगे। महाकुंभ में बिजली की व्यवस्था श्रेष्ठतम बनाए रखेंगे।
Electricity Privatisation in UP: नागपुर में NCCEEE अखिल भारतीय सम्मेलन होगा (NCCEEE All India Conference to be held in Nagpur)
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र के संयोजक (convenor Shailendra Dubey) शैलेंद्र दुबे ने बताया कि निजीकरण के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा आगामी 23 फरवरी को नागपुर में नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स (National Coordination Committee of Electricity Employees and Engineers) के अखिल भारतीय सम्मेलन (All India Conference) में तय की जाएगी। नागपुर में होने वाले नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के सम्मेलन में देश के सभी बिजली कर्मियों के फेडरेशन के सभी प्रांतों के पदाधिकारी आएंगे। उत्तर प्रदेश में चल रहे बिजली के निजीकरण के विरोध में इस सम्मेलन में राष्ट्रव्यापी आंदोलन (nationwide movement) का फैसला लिया जाएगा।

Electricity Privatisation in UP: देश भर के 27 लाख बिजली कर्मी आक्रोशित (27 lakh electricity workers across the country angry)
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र के संयोजक (convenor Shailendra Dubey) शैलेंद्र दुबे ने बताया कि चंडीगढ़ के निजीकरण से बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा है। उत्तर प्रदेश में जिस प्रकार अवैधानिक ढंग से बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया चलाई जा रही है। उससे देश भर के 27 लाख बिजली कर्मी बहुत आक्रोशित हैं। जो लगातार आंदोलन करके अपनी मांग पर डटे हुए हैं। सरकार से लगातार बात करने की मांग कर रहे हैं। बिजली कर्मचारियों की मांग है कि बिजली निजीकरण को लेकर सीएम योगी से अपील कर रहे हैं। सीएम योगी इस बिजली निजीकरण को निरस्त कर दें। ये जनता और कर्मचारियों के हित में नहीं हैं।
Electricity Privatisation in UP: इन शहरों में हुआ विरोध प्रदर्शन (Protests took place in these cities)
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र के संयोजक (convenor Shailendra Dubey) शैलेंद्र दुबे ने बताया कि उत्तर प्रदेश में सोमवार को भी बिजली कर्मचारियों ने विरोध किया। बिजली कर्मचारियों ने वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़, बस्ती, अलीगढ़, मथुरा, एटा, झांसी, बांदा, बरेली, देवीपाटन, अयोध्या, सुल्तानपुर, हरदुआगंज, पारीछा, जवाहरपुर, पनकी, हरदुआगंज, ओबरा, पिपरी और अनपरा में विरोध प्रदर्शन किए गए। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मध्यांचल मुख्यालय और शक्ति भवन मुख्यालय पर बड़ी विरोध सभा हुई।

Electricity Privatisation in UP: मुनाफे में रहेंगी निजी कंपनियां (Private companies will remain in profit)
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र के संयोजक (convenor Shailendra Dubey) शैलेंद्र दुबे ने बताया कि विद्युत वितरण के निजीकरण के लिए स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट का इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की धारा 63 में कोई उल्लेख नहीं है। ये पूरी तरह असंवैधानिक है। भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय (Energy Ministry of Government of India) ने स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के ड्राफ्ट के पैरा 2.2.7 में लिखा है। राज्य सरकार निजी कंपनी को सब्सिडाइजड दरों पर बिजली देगी। जिससे निजी कंपनी को मुनाफा हो सके।

Electricity Privatisation in UP: निजीकरण प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जाए (Privatization process should be canceled immediately)
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति,उप्र के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन (All India Power Engineers Federation) की इस ड्राफ्ट पर अपनी कड़ी नजर और आपत्ति है। इस मामले में आपत्ति भी दर्ज कराई गई है। भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने अभी तक किसी आपत्ति को खारिज नहीं किया है। और इस ड्राफ्ट को फाइनल नहीं किया है। अतः एनर्जी टास्क फोर्स (Energy Task Force) द्वारा इस ड्राफ्ट को निजीकरण का मानक बनाने का निर्णय पूरी तरह अवैधानिक है। निजीकरण की सारी प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जानी चाहिए।
Electricity Privatisation in UP: स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के ड्राफ्ट पर सैकड़ो आपत्ति (Hundreds of objections on the draft of standard bidding document)
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि मानक स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के ड्राफ्ट को असंवैधानिक हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जाए। निजीकरण के नाम पर बड़े घोटाले होंगे। जिन्हें रोके जाएं। भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने अभी तक विद्युत वितरण के निजीकरण के लिए स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट फाइनल नहीं किया है। सितंबर 2020 में जारी किए गए स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के ड्राफ्ट पर सैकड़ो आपत्ति आई है। अभी तक उनका निस्तारण नहीं किया गया है।
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