Cabinet Decision: सरकार केंद्र सरकार की कैबिनेट ने एकमुश्त विशेष पैकेज की समय सीमा एक साल के लिए और बढ़ाई है। जिससे महंगी होने वाली डीएपी की कीमत अब नहीं बढ़ेंगीं। जिससे खेती में किसान अब यूरिया के साथ ही डीएपी का उपयोग अच्छी मात्रा में कर सकेंगे। सरकार ने 3850 रुपये प्रति टन डीएपी पर एकमुश्त विशेष पैकेज के विस्तार को मंजूरी दी है।
नई दिल्ली.
Cabinet Decision: केंद्र की (Central Government) भाजपा सरकार ने नए साल के पहले दिन ही देश के किसानों के हित में दो बड़े फैसले लिए हैं। केंद्र सरकार (Central Government) ने खेती में यूरिया के बाद अब सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाले उर्वरक डाय-अमोनियम फास्फेट (डीएपी) पर विशेष सब्सिडी को जारी रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही दो फसल बीमा योजनाओं को भी एक साल के लिए बढ़ा दिया है। केंद्र सरकार के इस फैसले से अब डीएपी की कीमतों में वृद्धि नहीं होगी। इससे देश में किसानों को पूर्ववत की तरह ही सस्ती दर पर खाद उपलब्ध होती रहेगी।

बता दें कि देश के किसानों को प्रति बोरी (50 किलोग्राम) डीएपी अभी 1350 रुपये में मिलती है। सरकार की ओर से सस्ते दाम पर डीएपी उपलब्ध कराई जाती है। सरकार को पिछले वर्ष प्रति टन 3500 रुपये की विशेष सब्सिडी की व्यवस्था करनी पड़ी थी। जिसकी अवधि 31 दिसंबर को खत्म हो गई थी। सब्सिडी जारी नहीं रखी जाती तो प्रति बोरी डीएपी के मूल्य में 175 रुपये की वृद्धि होने की संभावना थी। ऐसे में केंद्र सरकार की कैबिनेट ने नए वर्ष पर किसानों के हित में फैसला लिया है। जिससे ही डीएपी पर 3,850 रुपये प्रति टन एकमुश्त विशेष पैकेज के विस्तार को मंजूरी दी गई है। जो अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।
Cabinet Decision: 50 किलो डीएपी 1350 रुपये ही मिलेगी (50 kg DAP will be available for Rs 1350 only)
बता दें कि केंद्र सरकार की कैबिनेट की बैठक के बाद सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि डीएपी पर सब्सिडी नहीं बढ़ाई गई है। जिससे अब भी 50 किलो वाली बोरी का मूल्य 1,350 रुपये ही रहेगा। यदि सरकार के इस कदम से डीएपी की 1,525 रुपये होने से रह गई। फास्फेट एवं पोटास युक्त (पीएंडके) उर्वरकों पर केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2010 से ही पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) योजना चलाई जा रही है। इसके अंतर्गत उर्वरक कंपनियों को अनुदान दिया जाता है। ये कंपनियां बाजार के हिसाब से उर्वरकों का उत्पादन एवं आयात करने के लिए स्वतंत्र होती हैं।
Cabinet Decision: एनबीएस अनुदान से अलग विशेष पैकेज मिला (Special package received apart from NBS subsidy)
सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से कंपनियों एवं आयातकों के माध्यम से पीएंडके उर्वरकों के 28 ग्रेड अनुदान वाले मूल्य पर किसानों को उपलब्ध कराए जाते हैं। ऐसे में किसानों को अतिरिक्त राहत देने के लिए एनबीएस अनुदान से अलग विशेष पैकेज के जरिये रियायती, किफायती एवं उचित मूल्य पर डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चितकी जाती है। डीएपी के मामले में भारत लगभग 90 प्रतिशत तक आयात पर निर्भर रहता है। हाल के दिनों में डालर की तुलना में रुपये का अवमूल्यन और डीएपी बनाने में प्रयोग होने वाले फास्फोरिक एसिड एवं अमोनिया के मूल्य में 70 प्रतिशत तक की वृद्धि के चलते इसके महंगा होने का खतरा बढ़ गया था।

Cabinet Decision: डिजिटल और रिमोट फेसिंग तकनीक का इस्तेमाल (Use of digital and remote facing technology)
सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकारी योजनाओं को लेकर किसानों से सरकार को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। इसलिए, पीएम फसल बीमा योजना (PM Crop Insurance Scheme) और मौसम आधारित फसल बीमा योजना के लिए आंवटल बढाया गया है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट की बैठक में ये भी तय किया गया कि फसल बीमा का मूल्य 1.5 से 5 प्रतिशत चुकाना होगा। दक्षता और पादर्शिता के एि इसमें डिजिटल और रिमोट फेसिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सत्र 2023-24 में चार करोड किसानों ने 55 प्रतिशत गैर ऋणी को बीमाकृत किया गया था। इसमें छह करोड हेक्टेयर भूमि क्षेत्र कवर किया गया था।
Cabinet Decision: किसानों को मिलेंगे किफायती कीमत पर उर्वरक (Farmers will get fertilizers at affordable prices)
देश के पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले पर खुशी जाहिर की है। पीएम मोदी ने कहा कि कैबिनेट का नए वर्ष का पहला निर्णय हमारे देश के करोड़ों किसान भाई-बहनों को समर्पित है। हमने फसल बीमा के लिए आवंटन बढ़ाने को मंजूरी दी है। इससे जहां अन्नदाताओं की फसलों को और ज्यादा सुरक्षा मिलेगी। वहीं नुकसान की चिंता भी कम होगी। डीएपी पर एकमुश्त विशेष पैकेज बढ़ाने के कैबिनेट के फैसले से किसानों को किफायती कीमतों पर खाद उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
Cabinet Decision: खाद की कीमतों में उतार-चढ़ाव इसलिए (Fertilizer prices fluctuate because)
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि हूती विद्रोहियों के हमले की वजह से लाल सागर का रास्ता असुरक्षित है। जिसके चलते जहाजों को केप ऑफ गुड होप के जरिए आना पड़ रहा है। इससे खाद आयात करने की लागत बढ़ी है, जिसका असर कीमतों पर आ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ती है तो उससे खाद के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं। यही वजह है कि सरकार अतिरिक्त सब्सिडी का इंतजाम करके किसानों को राहत देने की कोशिश कर रही है।

Cabinet Decision: 10 साल में सरकार ने खाद पर इस तरह सब्सिडी बढ़ाई (This is how the government increased the subsidy on fertilizers in 10 years)
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दावा किया कि पीएम मोदी ने 2014 से कोविड और कई देशों में युद्ध जैसी समस्याओं के बावजूद सुनिश्चित किया है कि बाजार की अस्थिरता का बोझ किसानों पर न पड़े। उन्होंने कहा कि ‘2014 से 2023 के बीच सरकार ने खाद पर 1.9 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी दी। ये 2004-2014 के मुकाबले दोगुने से अधिक है।’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीएम फसल बीमा योजना के तहत 2023-24 में 4 करोड़ किसानों का बीमा किया गया है। नीतियों के लिहाज से यह देश की सबसे बड़ी योजना और कुल प्रीमियम के आधार पर तीसरी सबसे बड़ी योजना है।
Cabinet Decision: मोदी सरकार बनी किसानों की सुरक्षा कवच (Modi government became the security shield of farmers)
देश के गृह मंत्री (Home Minister Amit Shah) अमित शाह का कहना है कि मोदी सरकार किसानों के साथ सुरक्षा कवच की तरह खड़ी है और आज वर्ष 2025 के पहले ही दिन अपने इसी संकल्प को पुनः दोहराया है। डीएपी पर अतिरिक्त सब्सिडी के निर्णय से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी कीमतों में वृद्धि होने पर भी हमारे किसानों को उचित मूल्य पर ही उर्वरक उपलब्ध होगा। इस विशेष पैकेज के लिए मोदी जी का आभार।
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