Yogi Government: यूपी के किसान 4000 रुपए में लगवाएं 40000 का ये संयंत्र; 2250 Domestic Biogas Plants Set Up In UP

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Yogi Government: योगी सरकार ने शुक्रवार को एक विशेष घोषणा की है। जिसके चलते यूपी के चार जिले में बायो गैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। सरकार ने इसका लक्ष्य भी निर्धारित किया है। जिससे यूपी के किसान अपने यहां पर बायो गैस संयंत्र लगवाकर भरपूर ईंधन उठा सकेंगे। इसके साथ ही जैविक खाद भी बनेगी।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
Yogi Government: उत्तर प्रदेश के किसान (Farmer) भाइयों के लिए खुशखबरी (Good News) है। प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने किसान हित में ईंधन पॉवर हाउस (Biogas-Plants) रियायती दरों पर लाई है। जिसमें अभी प्रदेश के चार जिलों का चयन किया गया है। अब जल्द ही इन चयनित जिलों को भारी-भरकर सब्सिडी (Subsidy) पर संयत्र लगाए जाएंगे। यह जानकारी पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग (Minister of State of Environment, Forest and Climate Change Department) के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने दी है। इस दौरान अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, निदेशक पर्यावरण आशीष तिवारी समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहें।
📌 क्या है घरेलू बायोगैस संयंत्र ?
घरेलू बायोगैस संयंत्र एक छोटी जैविक ऊर्जा इकाई होती है, जो गोबर, कृषि अपशिष्ट और रसोई के कचरे से गैस (मीथेन) बनाती है। यह गैस खाना पकाने, जलाने व लाइटिंग जैसे घरेलू उपयोगों के लिए कारगर है।
इन चार जिलों में लगाए जाएंगे (Will be installed in these four districts of UP)
योगी सरकार का 2250 घरेलू बायो गैस संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य है। अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और गोंडा का चयन किया है। जिसके चलते ही इन जिलों में सिस्टेमा बायोसंस्था के ग्रामीण क्षेत्रों में संयंत्रों की स्थापना की जाएगी। संयंत्रों के इस्तेमाल से खाना पकाने के लिए बायो गैस के साथ साथ कृषि के लिए उपयोगी जैविक खाद भी किसानों को मिल सकेगी।
🔍 उत्तर प्रदेश सरकार की योजना की मुख्य विशेषताएं
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | घरेलू बायोगैस संयंत्र योजना |
| संयंत्रों की संख्या | 2250 |
| जिले | गोरखपुर, अयोध्या, गोंडा, वाराणसी |
| कुल लागत | ₹39,300 प्रति संयंत्र |
| किसान का अंश | केवल ₹3,990 |
| अन्य लागत | केंद्र सरकार की सब्सिडी और कार्बन क्रेडिट से वहन की जाएगी |
| तकनीकी भागीदार | Sistema.bio |
बायो गैस संयंत्र की लागत 39300, किसान का सिर्फ 3990 रुपये (Cost of bio gas plant is Rs 39300, farmer only Rs 3990)
पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्यमंत्री (Independent Charge) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि यूपी में सिस्टेमा बायो संस्था को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह संस्था ही अब यूपी में बायो गैंस संयंत्र लगाएगी। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक बायो गैस संयंत्र की लागत 39300 रुपये आएगी। इसमें संयंत्र के लगवाने वाले लाभार्थी किसानों को महज 3990 रुपये ही अंशदान के रूप में देने होंगे। बाकी लागत का प्रबंध केंद्र सरकार की केंद्रीय वित्तीय सहायता और कार्बन क्रेडिट से खर्च किया जाएगा।
📈 बायो गैस संयंत्र के आंकड़ों से समझें असर
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1 संयंत्र से 2.5 टन CO₂ की वार्षिक बचत
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2250 संयंत्र से लगभग 5,625 टन CO₂ की बचत
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1 संयंत्र से 3 परिवारों की रसोई गैस ज़रूरत पूरी

यूपी की इस योजना का अनूठा पहलू (Unique aspect of this scheme of UP)
पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि यूपी में इस योजना का एक अनूठा पहलू भी है। जिसके चलते सिस्टेमा बायो संस्था की ओर से संयंत्र से उत्पन्न कार्बन क्रेडिट का विक्रय कर 20960 रुपये की व्यवस्था की जाएगी। जिससे किसान पर आर्थिक भार कम रहेगा। यह कार्बन फाइनेंसिंग मॉडल न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी होने के साथ ही किसानों के लिए सस्ता और टिकाऊ भी है।
🛠️ बायो गैस संयंत्र में तकनीकी सहयोग
इस परियोजना के लिए Sistema.bio नामक वैश्विक सामाजिक उद्यम को तकनीकी सहयोगी के रूप में चुना गया है। यह संस्था बायोगैस संयंत्रों की स्थापना, संचालन और रखरखाव में विशेषज्ञता रखती है। Sistema.bio ने भारत में 22 राज्यों में 95,000 से अधिक किसानों को सशक्त बनाया है और 585,000 टन CO₂ उत्सर्जन को कम किया है।
बायो गैस संयंत्र के प्रभाव ये रहेंगे
📈 पर्यावरणीय प्रभाव
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ग्रीनहाउस गैसों में कमी: बायोगैस संयंत्रों के माध्यम से मीथेन जैसी हानिकारक गैसों का उत्सर्जन कम होगा।
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स्वच्छता में सुधार: गोबर और कृषि अपशिष्ट का उचित प्रबंधन होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बढ़ेगी।
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जैव विविधता का संरक्षण: रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा।
🤝 सामाजिक प्रभाव
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महिलाओं का सशक्तिकरण: बायोगैस संयंत्रों से खाना पकाने के लिए स्वच्छ ईंधन उपलब्ध होगा, जिससे महिलाओं को धुएं से राहत मिलेगी।
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रोजगार के अवसर: संयंत्रों की स्थापना और रखरखाव में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
🌱 बायो गैस संयंत्र योजना का उद्देश्य और लाभ
🔋 स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन
बायोगैस संयंत्रों के माध्यम से गोबर और कृषि अपशिष्ट से बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा, जिसका उपयोग खाना पकाने और अन्य घरेलू कार्यों में किया जा सकेगा। यह पारंपरिक ईंधनों का एक पर्यावरण अनुकूल विकल्प है।
🌿 जैविक खाद का उत्पादन
बायोगैस उत्पादन के उप-उत्पाद के रूप में उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद प्राप्त होगी, जो रासायनिक उर्वरकों का एक पर्यावरण अनुकूल विकल्प है। यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक होगी।
💰 किसानों की आय में वृद्धि
किसान बायोगैस संयंत्रों से उत्पन्न कार्बन क्रेडिट को बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। यह आय उनके आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगी।
किसानों को मिलेगा 10 साल तक सर्विस का फायदा (Farmers will get the benefit of service for 10 years)
पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि चयनित जिन भी किसानों के यहां पर बायो गैस संयंत्र लगेंगे। इस संयंत्र के संचालन में सिस्टेमा बायो संस्था करीब 10 साल तक किसानों को सेवा सहायता प्रदान करेगी। जिससे इन बायो गैस संयंत्रों का सुचारू संचालन और बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके।
📍 यूं करें बायो गैस संयंत्र के लिए आवेदन
- कृषि विभाग की वेबसाइट या नजदीकी कृषि अधिकारी से संपर्क करें।
- आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, खसरा खतौनी, बैंक पासबुक।
- फॉर्म भरें, किसान अंश का भुगतान करें।
- Sistema.bio द्वारा प्लांट की स्थापना।
महिला और लघु किसानों को प्राथमिकता मिलेगी (Women and small farmers will get priority)
पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि योगी सरकार की ओर से इस परियोजना के तहत महिलाओं, लघु एवं छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिससे उन्हें स्वच्छ और किफायती ईंधन उपलब्ध हो सकेगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में कार्बन उत्सर्जन कम करना, कृषि में जैविक उर्वरकों का उपयोग बढ़ाना, किसान परिवारों को स्वच्छ ईंधन के साथ-साथ अतिरिक्त आय के अवसर प्रदान करना है।
📞 बायो गैस संयंत्र की अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
अधिक जानकारी और आवेदन के लिए निम्नलिखित कार्यालयों से संपर्क करें।
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जिला कृषि कार्यालय
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पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग, उत्तर प्रदेश
जानें बायो गैस क्या है ? (Know what is bio gas)
बायो गैस हमें जानवरों के गोबर से प्राप्त होती है। इसके लिए बायो गैस संयत्र लगाना पड़ता है। इससे निकलने वाली गोबर गैस का उपयोग ईंधन और अन्य ईंधन के संसाधनों में उपयोगी किया जा सकता है।
⚙️ बायोगैस प्लांट से क्या-क्या मिलेगा?
🔋 स्वच्छ रसोई गैस: बायोगैस एलपीजी का विकल्प है और इससे रसोई में धुआं नहीं होता, जिससे महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार होता है।
🌿 जैविक खाद : प्लांट से निकलने वाला स्लरी जैविक खाद के रूप में खेतों में प्रयोग की जा सकती है, जिससे रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होती है।
💰 अतिरिक्त आय: फसल उत्पादन में वृद्धि, खाद की बिक्री, और भविष्य में कार्बन क्रेडिट के माध्यम से किसानों को अतिरिक्त आय होगी।
1 घन मीटर बायोगैस में कितनी ऊर्जा मिलती
- 3.5 किलोग्राम लकड़ी
- 0.43 किलोग्राम LPG गैस
- 1.5 किलोग्राम कोयला
- 0.5 यूनिट बिजली
- 0.62 लीटर केरोसीन
✅ FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q: बायो गैस संयंत्र योजना किसके लिए है?
👉A: यूपी में बायो गैस संयंत्र योजना विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए है। ऐसे किसान जिनके पशु हैं। जो अपने पशुओं के गोबर का उपयोग बायोगैस उत्पादन में कर सकें।
Q: बायो गैस संयंत्र योजना में किन जिलों में यह संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं?
👉A: बायो गैस संयंत्र योजना में यूपी के अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और गोंडा जिलों में संयंत्रों की स्थापना की जा रही है।
Q: एक बायो गैस संयंत्र की कुल लागत कितनी है? किसान को कितने रुपये देने हैं?
👉A: हर बायोगैस संयंत्र की लागत ₹39,300 है। जिसमें किसानों को केवल ₹3,990 का अंशदान करना है। बाकी की रकम केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता और कार्बन क्रेडिट से पूरी की जाएगी।
Q: इस संयंत्र से किसानों को क्या लाभ होगा?
👉A: यूपी की बायो गैस संयत्र योजना से किसानों को कई लाभ मिलेंगे। इससे किसानों को खाना पकाने के लिए स्वच्छ बायोगैस, कृषि के लिए जैविक खाद (स्लरी), ईंधन पर खर्च में कमी आने केसाथ ही पर्यावरणीय लाभ जैसे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
Q: बायो गैस संयत्र परियोजना को कौन कार्यान्वित कर रहा है?
👉A: यूपी में सिस्टेमा बायो संस्था ही बायो गैस संयत्र परियोजना को कार्यान्वित कर रही है, जो किसानों को 10 वर्षों तक सेवा सहायता प्रदान करेगी।
Q: बायो गैस संयत्र योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
👉A: यूपी में बायो गैस सयंत्र परियोजना से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता, जैविक खेती को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
Q: बायो गैस संयत्र परियोजना के लिए आवेदन कैसे करें?
👉A: बायो गैस संयत्र परियोजना में आवेदन प्रक्रिया के लिए संबंधित जिला पर्यावरण विभाग या सिस्टेमा बायो संस्था से संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए UPNEDA की वेबसाइट पर भी विजिट कर सकते हैं।

