Yogi Government 2300 रुपये प्रति क्विंटल खरीदेगी धान; Paddy procurement will start from October 1, Start Online Registration

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Yogi Government: प्रदेश सरकार की ओर से पश्चिमी यूपी में एक अक्टूबर मो पूर्वी यूपी में 1 नवंबर से धान खरीद शुरू होगी। 1 सितंबर से किसान पंजीकरण करा रहे है। अभी तक करीब 22916 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इस साल सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपये और ग्रेड ए के धान का समर्थन मूल्य 2320 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया है।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
Yogi Government: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिये धान खरीद नीति को मंजूरी दी है। सरकार प्रदेश (Yogi Government) में किसानों का सामान्य धान 2300 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए का धान 2320 रुपये प्रति क्विंटल खरीदेगी। सरकार ने इस बार धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 117 रुपये प्रति क्विंटल यानी 5.36 प्रतिशत की वृद्धि की है। इसके साथ ही किसानों से धान खरीद के बाद उनके बैंक खाता में 48 घंटों के भीतर उपज का दाम पहुंच जाएगा। योगी सरकार ने 70 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है।
पश्चिमी और पूर्वी यूपी में धान खरीद की तिथियां
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 1 अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक
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पूर्वी उत्तर प्रदेश: 1 नवंबर 2025 से 29 फरवरी 2026 तक
(Note: ध्यान दें कि किसानों को खरीद से पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य है।)
बता दें कि प्रदेश में धान का औसत उत्पादन लगभग 43.36 कुंतल प्रति हेक्टेयर अनुमानित है। मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, अलीगढ़, झांसी और लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर और सीतापुर में 1 अक्तूबर से 31 जनवरी तक धान की सरकारी खरीद की जाएगी। जबकि, पूर्वी यूपी के संभाग चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, देवीपाटन, बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर, प्रयागराज और लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में एक 1 नवंबर से 29 फरवरी तक सरकार धान की खरीद करेगी।
कहां-कहां खुलेगा धान क्रय केंद्र?
प्रदेश में लगभग 4000 क्रय केंद्र खोले जाएंगे। जहां छह सरकारी एजेंसियां खाद्य विभाग, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, मंडी परिषद और भारतीय खाद्य निगम (FCI)—धान की खरीद करेंगी। सरकार (Yogi Government) ने प्रदेश में 70 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य तय किया है। सरकार सामान्य धान, ग्रेड-ए धान के साथ ही हाईब्रिड धान की भी खरीद करेगी।
धान बेचने के लिए किसान कैसे करें पंजीकरण?
किसानों को राज्य सरकार के ऑनलाइन धान खरीद पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। पंजीकरण की प्रक्रिया निम्नलिखित है।
👉 पंजीकरण के 6 महत्वपूर्ण स्टेप:
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पंजीकरण प्रारूप डाउनलोड करें: पहले प्रिंट लेकर सभी जरूरी जानकारी भरें।
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ऑनलाइन आवेदन दर्ज करें: पोर्टल पर आवेदन भरें और पंजीकरण संख्या नोट करें।
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ड्राफ्ट आवेदन का प्रिंट निकालें: दर्ज जानकारी की जांच करें।
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यदि आवश्यकता हो तो आवेदन में संशोधन करें।
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सभी जानकारी सही हो तो आवेदन लॉक करें।
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फाइनल प्रिंट लेकर सुरक्षित रखें।
(Note: जब तक आवेदन लॉक नहीं होगा, पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।)
पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेज
खतौनी (जोत विवरण सहित)
आधार कार्ड
बैंक पासबुक की प्रति (पहले पृष्ठ की)
पासपोर्ट साइज फोटो
खेत की फोटो (जहां धान की खेती की गई है)
अब तक 22,916 किसानों ने कराया पंजीकरण
यूपी की बात करें तो धान बेचने के लिए किसानों को ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य किया गया है। अब तक लगभग 22,916 किसान अपना पंजीकरण कर चुके हैं। पंजीकरण के लिए खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो जरूरी दस्तावेज हैं।
धान खरीद से जुड़ी मुख्य बातें:
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सामान्य धान का MSP: ₹2300/कुंतल
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ग्रेड ए धान का MSP: ₹2320/कुंतल
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लक्ष्य: 70 लाख मीट्रिक टन
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भुगतान समय: 48 घंटे
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रजिस्ट्रेशन शुरू: 1 सितंबर से
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पश्चिमी यूपी: 1 अक्टूबर से खरीद
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पूर्वी यूपी: 1 नवंबर से खरीद
औद्योगिक क्षेत्रों के रखरखाव का जिम्मा अब यूपीसीडा को
योगी सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों के रखरखाव का जिम्मा नोएडा प्राधिकरण की तरह उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को देने वाला है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन में मंजूरी दी है। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करने पर सीएम का खास फोकस है। जिससे उद्यमियों की कार्यक्षमता में वृद्धि की जा सके। यूपी के 55 जिलों में 156 औद्योगिक क्षेत्रों के प्रबंधन का जिम्मा यूपीसीडा के पास है। इनके अलावा 34 अन्य औद्योगिक क्षेत्र, जिन्हें पहले नगर निगमों व नगर पालिकाओं को हस्तगत किया गया था।
मऊ में आश्रम पद्धति विद्यालय के लिए मानकों में ढील
मऊ में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय (आश्रम पद्धति स्कूल) के निर्माण के लिए जमीन के मानकों में छूट के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यह मंजूरी कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिये दी गई। मानक के अनुसार 5 एकड़ जमीन होनी चाहिए, पर वहां एक जगह पर इतनी जमीन की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। अब वहां उपलब्ध पौने पांच एकड़ जमीन पर आश्रम पद्धति विद्यालय बन सकेगा।
खनिज की नीलामी के लिए एसबीआई कैपिटल बना ट्रांजेक्शन एडवाइजर
प्रदेश में खनिज ब्लाकों की ई निविदा और ई नीलामी के लिए एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड को ट्रांजेक्शन एडवाइजर नामित किया गया है। नीलामी प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के लिए एमएसटीसी लिमिटेड नामित किया गया है। दोनों प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q: यूपी में धान की सरकारी खरीद कब से शुरू होगी?
A: उत्तर प्रदेश की बात करें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर 2025 से और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर 2025 से धान की सरकारी खरीद शुरू होगी।
Q: इस साल धान का समर्थन मूल्य (MSP) कितना है?
A: सामान्य धान का MSP ₹2300 प्रति कुंतल और ग्रेड ए धान का MSP ₹2320 प्रति कुंतल तय किया है।
Q: धान बेचने के लिए किसान कहां रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं?
A: यूपी में किसान अपना धान बेचने के लिए http://fcs.up.gov.in या संबंधित सरकारी पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। सिर्फ पंजीकृत किसान ही सरकारी खरीद केंद्रों पर धान बेच सकेंगे।
Q: यदि रजिस्ट्रेशन में गलती हो जाए तो क्या करें?
A: किसान अपना आवेदन लॉक करने से पहले “पंजीकरण संशोधन” विकल्प से सुधार कर सकते हैं।
Q: यूपी में इस साल सरकार ने धान खरीद का लक्ष्य कितना रखा है?
A: उत्तर प्रदेश सरकार ने इस साल 70 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
Q: धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (How to register to sell paddy?)
A: यूपी में धान बेचने के इच्छुक किसानों को राज्य सरकार के खरीद पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए किसानों को खेत के दस्तावेज, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की कॉपी लगानी होगी। खेत की फोटो भी अपलोड करनी होगी। रजिस्टर्ड किसान ही चावल बेच सकते हैं।
Q: किसान पोर्टल क्या है? (What is Kisan Portal?)
A: किसान पोर्टल किसानों के लिए कृषि से संबंधित कोई भी जानकारी लेने के लिए एक मंच है। किसानों के बीमा, कृषि भंडारण, फसलों, कार्यकलापों, बीज, कीटनाशक, कृषि मशीनरी, की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई है।

